Yes Bank ने अपना बैड लोन बेचने के लिए किया समझौता, ये है पूरा प्लान

यस बैंक ने जेसी फ्लावर्स एआरसी के साथ करार किया है।

 बैंक ने 48,000 करोड़ रुपये मूल्य की गैर-निष्पादित परिसंपत्तियों (एनपीए) को बेचने के इरादे से एक परिसंपत्ति पुनर्निर्माण कंपनी बनाने के लिए यह करार किया है।

यस बैंक ने शेयर बाजारों को भी इसकी जानकारी दे दी है।

बैंक ने कहा- चिन्हित तनावग्रस्त ऋणों की बिक्री के संबंध में रणनीतिक साझेदारी के लिए जेसीएफ एआरसी एलएलसी और जेसी फ्लावर्स एसेट रिकंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड (जेएफ फ्लावर्स एआरसी) के साथ एक बाध्यकारी समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं।

 बैंक ने कहा कि बाद में अपेक्षित शर्तों को पूरा करने के बाद यह करार 15 जुलाई, 2022 से प्रभावी हो गया है।

इसने कहा, "इस समझौते के बाद बैंक ने यह तय किया है कि जेसी फ्लावर्स एआरसी 48,000 करोड़ रुपये तक के चिन्हित 'सकल ऋण' पोर्टफोलियो की प्रस्तावित बिक्री के लिए आधार बोलीदाता होगा।

" जानकारी के मुताबिक जेसी फ्लावर्स ने यस बैंक की बैड लोन बुक का मूल्यांकन 12,107 करोड़ रुपये किया है।

यस बैंक अब जेसी फ्लावर्स एआरसी के साथ ज्वाइंट वेंचर में 20% हिस्सेदारी के लिए लगभग 400 करोड़ रुपये का निवेश करेगा।

 बता दें कि इस साल की शुरुआत में, यस बैंक के बैड लोन के लिए बोली लगाने पर मतभेद के कारण जेसी फ्लावर्स के साथ आठ कैपिटल ने संयुक्त उद्यम से हाथ खींच लिया था।

संकटग्रस्त प्रबंधक को अपनी हिस्सेदारी बिक्री के लिए भारतीय रिजर्व बैंक की मंजूरी का भी इंतजार है।

 एक बार बैंक की हिस्सेदारी खरीद पूरी हो जाने के बाद, ऋणदाता 1800 करोड़ रुपये जुटाने के लिए अपनी हिस्सेदारी के अनुपात में राइट्स इश्यू में भाग लेगा।

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