राष्ट्रपति बनने के बाद कैसी होती है जिंदगी?

देश के अगले राष्ट्रपति को चुनने की प्रक्रिया सोमवार सुबह 10 बजे शुरू हो चुकी है. शाम 6 बजे तक संसद भवन और राज्यों की विधानसभाओं में मतदान चलेगा.

21 जुलाई को वोटों की गिनती के बाद नए राष्ट्रपति के नाम का ऐलान किया जाएगा. यह जानना दिलचस्प होगा कि अगर हम आप में से कोई राष्ट्रपति का चुनाव लड़ना चाहे तो क्या कुछ करना होगा.

 राष्ट्रपति चुने जाने के बाद सैलरी, रहना, यात्रा, घूमना फिरना, सुरक्षा जैसी क्या सुविधाएं मिलती हैं. आइए जान लेते हैं.

देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद का चुनाव लड़ने के लिए भारत के संविधान में कुछ शर्तें निर्धारित की गई हैं, जैसे वह भारत का नागरिक हो, 35 वर्ष की आयु पूरी कर ली हो और लोकसभा सदस्य के रूप में चुनाव के योग्य हो.

 साथ ही उसे भारत सरकार, राज्य सरकार, किसी स्थानीय या अन्य प्राधिकरण के अधीन लाभ के किसी पद पर आसीन व्यक्ति राष्ट्रपति चुनाव नहीं लड़ सकता.

अगर आप राष्ट्रपति बन जाते हैं तो आपको लगभग 5 लाख रुपये प्रति माह वेतन मिलेगा. राष्ट्रपति का वेतन 1951 के राष्ट्रपति की उपलब्धि और पेंशन अधिनियम से निर्धारित होता है.

2018 में राष्ट्रपति का वेतन 1,50,000 से रुपये से बढ़ाकर 5,00,000 प्रति माह कर दिया गया था. संविधान की दूसरी अनुसूची के अनुसार, मूल रूप से राष्ट्रपति को प्रति माह 10,000 रुपये का भुगतान किया जाता था.

 1998 में यह रकम बढ़ाकर 50,000 कर दी गई. 2020 में इसे 190,000 कर दिया गया. मासिक वेतन के अलावा राष्ट्रपति को कई तरह के भत्ते भी मिलते हैं.

भारत के राष्ट्रपति दिल्ली में राष्ट्रपति भवन में रहते हैं. यह दुनिया में किसी भी सरकार के प्रमुख के निवास स्थान से सबसे बड़ा है. राष्ट्रपति भवन को आजादी के पहले वायसराय के रहने के लिए बनाया गया था.

 320 एकड़ फैले इस भवन का निर्माण 1929 में पूरा हुआ था. इसकी मेन बिल्डिंग में 340 कमरे हैं. इसमें राष्ट्रपति का आधिकारिक निवास, स्वागत कक्ष, अतिथि कक्ष और कार्यालय शामिल हैं.

इसकी परिधि में राष्ट्रपति उद्यान, खुली जगह, अंगरक्षक और कर्मचारियों के आवास, अस्तबल, अन्य कार्यालय आदि भी आते हैं.

 राष्ट्रपति भवन के कुछ हिस्सों जैसे म्यूजियम, मुगल गार्डन आदि को आम लोग भी चुनिंदा दिनों में रजिस्ट्रेशन कराकर देख सकते हैं.

भारत के राष्ट्रपति के लिए दो वेकेशन रिट्रीट मौजूद हैं, एक उत्तर में और एक दक्षिण में. उत्तर में शिमला के मशोबरा में द रिट्रीट बिल्डिंग है.

 मशोबरा पहाड़ी की चोटी पर स्थित इस सुरम्य स्थल पर राष्ट्रपति साल में कम से कम एक बार दौरा करते हैं. 10,628 वर्ग फुट में इस इमारत का निर्माण 1850 में किया गया था. दूसरा है, हैदराबाद के बोलारम में राष्ट्रपति निलयम.

 आजादी के बाद बोलारम में स्थित राष्ट्रपति निलयम भवन को हैदराबाद के निजाम से ले लिया गया था. 1860 में बनी इस इमारत का कुल क्षेत्रफल 90 एकड़ है. एक मंजिला इमारत में 11 कमरे हैं.

 एक डाइनिंग हॉल, एक सिनेमा हॉल, एक दरबार हॉल, एक मॉर्निंग रूम और एक डाइनिंग रूम भी है. राष्ट्रपति साल में कम से कम एक बार राष्ट्रपति निलयम जाते हैं.

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