जब हम इंटरनेट का इस्तेमाल करते हैं तब इनटरनेट के सर्विस प्रोवाइडर हमें अलग अलग तरह से सेवा प्रदान करते हैं। इंटरनेट के साथ जुड़े रहने के लिए हमारे पास एक ISP का एक्सेस होना जरुरी है जो हमें इंटरनेट प्रदान करता है।

हम अपने फ़ोन में इंटरनेट चलाने के लिए Idea, Vodaphone, Airtel, Jio आदि में से किसी एक सिम का उपयोग करते हैं। हम जिस कंपनी के सिम का उपयोग कर इंटरनेट चलाते हैं वही कंपनी हमारा ISP यानि Internet Service Provider होता है।

ISP का फुल फॉर्म Internet Service Provider होता है। जिसे हिंदी में अंतर्जाल सेवा प्रदाता भी कहा जाता है।

ISP एक ऐसी संस्था या कंपनी को कहते हैं जो लोगों और छोटे बड़े सभी ऑर्गनाइजेशन्स को इंटरनेट की सुविधा देने का काम देते हैं।

चाहे हम घर पर हो, ऑफिस में हो या सफर कर रहे हो हर बार जब हम इंटरनेट से जुड़ते हैं तब इंटरनेट के साथ हमारे डिवाइस का कनेक्शन ISP के माध्यम से जुड़ता है।

ISP इंटरनेट के साथ साथ कई अन्य सर्विसेज भी प्रदान करते हैं जैसे वेब पेज होस्टिंग, डोमेन नेम रजिस्ट्रेशन, मेल सर्विसेज, वायर ट्रांसफर इत्यादि।

किसी अन्य कंपनी के तरह ही इंटरनेट सेवा प्रदाता अपनी सेवाओं के लिए यूजर से पैसे लेते हैं। ISP यूजर से दो प्रकार का शुल्क लेती है। पहला इंटरनेट प्रदान करने के लिए और दूसरा इंटरनेट कनेक्शन देने के लिए। जैसे कि Broadband , यूजर को इंटरनेट कनेक्शन लेने और इंटरनेट उपयोग करने का शुल्क ISP को देना पड़ता है।

Internet Service Providers अलग अलग टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके लोगों को इंटरनेट की सुविधा उपयोग कराते हैं। सभी तरह की टेक्नोलॉजी का उपयोग ISP अपनी यूजर के डिमांड के अनुसार करते हैं।

Internet Service Provider को 3 केटेगरी में बांटा गया है जिन्हे Tire 1, Tire 2 और Tire 3 कहा जाता है।

ज्यादातर ISP एक Cable, DSL या Fiber कनेक्शन के जरिये ब्रॉडबैंड इंटरनेट एक्सेस प्रदान करते हैं। जैसे अगर आपके घर में कंप्यूटर के साथ रूटर लगा हुआ है इंटरनेट की सेवा प्रदान करने के लिए, तो वह रूटर भी ISP के साथ कनेक्ट होकर ही इंटरनेट प्रदान करता है।