GST का फुल फॉर्म है ‘Goods and Services Tax’ यानि कि चीजों की मैन्युफैक्चरिंग सर्विस पर लगने वाला टैक्स।

इस टैक्स में   मैन्युफैक्चरिंग टैक्स रेट कम होगा है और सर्विस टैक्स रेट ज्यादा होगा। यानि कि आपको रेस्टॉरेंट में ज्यादा पे करना पड़ सकता है।

हमारे देश में टैक्स सिस्टम दो तरह का है, Direct Tax (डायरेक्ट टैक्स) और Indirect Tax (इनडायरेक्ट टैक्स)। डायरेक्ट टैक्स या इनकम टैक्स जो एक आदमी अपनी इनकम पर देता है। यानि जितना आदमी कमाता है उतना टैक्स देता है। इसमें GST का कोई लेना देना नहीं है।

इनडायरेक्ट टेक्स्ट, इस टैक्स में Service Tax, Excise Duty, Central Sales Tax, Entertainment Tax और बहुत सी दूसरे टैक्स आते हैं। इसमें करीब 17 टैक्सेज आते हैं जो कि केंद्रीय सरकार को राज्य सरकारी इक्कटा करती है। अब इन सभी टैक्सेज को ख़त्म करके एक टैक्स लागु किया है और वह है GST (जीएसटी) ।

1 जुलाई 2017 से यह टैक्स पुरे भारत में लागु हो गया है।

– सरकार के पास टैक्स भरनी वाली लोगों की संख्या ज्यादा होगी जिससे ज्यादा टैक्स इकट्ठा होगा और सरकार इस पैसे को लोककल्याण के कार्यो में लगा पाएगी।

GST से पुरे देश के हर व्यापारी के बिज़नेस का रिकॉर्ड सरकार के पास होगा इसलिए कोई भी इस टैक्स से बच नहीं पायेगा।

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