आसान भाषा में कहे तो सिविल इंजीनियरिंग एक तरह का प्रोफेशनल इंजीनियरिंग कोर्स होता है जिसकी पढ़ी पूरी करने के बाद आप एक सिविल इंजीनियर बन जाते हैं।

सिविल इंजीनियर का काम डिजाइनिंग, कंस्ट्रक्शन, रोड बनाना, बिल्डिंग्स बनाना, घर बनाना, डैम्स बनाना और कंस्ट्रक्शन से रिलेटेड होता है।

मतलब जो भी प्रोजेक्ट आपके हाथ में आने वाला है उस प्रोजेक्ट का डिज़ाइन कैसा होगा, वो रोड कैसे बनेगा, उसमे क्या क्या सामान लगेगा यह सारे काम एक सिविल इंजीनियर की होती है जो एक बहुत ही बड़ा और जिम्मेदारी वाला काम होता है।

एक जूनियर सिविल इंजीनियर बनने के लिए आपको मिनिमम 10th पास होना होगा

अगर दोस्तों आपको एक सीनियर और प्रोफेशनल सिविल इंजीनियर बनना है तो उसके लिए आपको पनि 12 वीं साइंस की स्ट्रीम से पास करनी होगी और साइंस की स्ट्रीम में आपके पास Physics, Chemistry और Mathematics यह तीन सब्जेक्ट होना कम्पलसरी है तभी आप फ्यूचर में सिविल इंजीनियर के लिए ऐडमिशन ले सकते हैं।

अगर आपके स्टडीज में PCB यानि Physics, Chemistry और Biology सब्जेक्ट है Mathematics सब्जेक्ट नहीं है तो आप फ्यूचर में सिविल इंजीनियर नहीं बन सकते। और सिविल इंजीनियर बनने के लिए जैसे ही आपने अपनी 12 वीं पास की , उसके बाद आपको JEE Entrance Exam देना कम्पलसरी है।

हालॉकि कई कॉलेजेस ऐसे हैं जो विथाउट JEE Entrance Exam के आपको ऐडमिशन दे देंगे लेकिन जो भी अच्छे कॉलेजेस है बड़े कॉलेजेस हैं, उनमें आपको तभी ऐडमिशन मिलेगा जब आप JEE Entrance Exam देंगे।

एक सिविल इंजीनियर बनने के लिए आपके सामने 2  तरीके है। एक तो आप 10th के बाद डायरेक्ट Diploma in Civil Engineer का कोर्स कर लो जिससे कि आप एक जूनियर सिविल इंजीनियर बन पाओगे और दूसरा रास्ता यह है कि आप अपनी Degree in Civil Engineering का कोर्स कम्पलीट करो और फ्यूचर में एक प्रोफेशनल और सीनियर सिविल इंजीनियर बने।

Diploma in Civil Engineer का कोर्स कम्पलीट कर लेने के बाद आपको बहुत ही कम रूपीस की सैलरी मिलेगी जिसकी बजह से आप जिंदगी में कुछ भी नहीं कर पाओगे और आपको पूरी जिंदगी कम सैलरी में ही काम करना पड़ेगा।

यह जो डिप्लोमा का कोर्स होता है यह ओनली 3 इयर्स का होता है। 3 इयर्स के अंदर टोटल 6 सेमेस्टर आपको देने होते हैं। और अगर हम इस कोर्स की फीस की बात करे तो यह फीस डिपेंट करती है कॉलेज टू कॉलेज।