CFO का फुल फॉर्म ‘Chief Financial Officer’ होता है। जिसे अपॉइंट करना हर लिस्टेड कंपनी के लिए जरुरी होता है।

CFO किसी कंपनी का Senior Executive होता है और उसे कंपनी का टॉप लेवल Financial Controller भी कहा जाता है।

कैश फ्लो और फाइनेंसियल प्लानिंग से रिलेटेड हर एक्टिविटी को CFO ही हैंडल करता है।

एक CFO की प्राइमरी रिस्पांसिबिलिटी होती है कि वह आर्गेनाइजेशन के पॉजिटिव फाइनेंसियल आउटलुक को मेन्टेन रखे।

सारे मेजर फाइनेंसियल डिसीजन CFO के अप्रूवल के बाद ही लिए जाते हैं।

अगर एक कंपनी को कैपिटल रेज करनी हो, मनी इन्वेस्ट करनी हो, कोई नयी पार्टनरशिप या कोई मेजर प्रोजेक्ट स्टार्ट करना हो, तो ऐसे सारे डिसीजन CFO के अप्रूवल के बेस पर ही लिए जायेंगे।

एक CFO का रोले Treasurer और Controller के सिमिलर होता है क्यों कि वह Finance और Accounting डिवीज़न को मैनेज करने के लिए रेस्पोंसिबल होते हैं।

बड़ी कंपनीज में ज्यादातर CFO फाइनेंस क्वालिफिकेशन रखते हैं। जैसे M.B.A (Master of Business Administration), Master of Science in Finance, Master of Science in Accounting और CFA.

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