मुर्गी पालन का बिज़नेस कैसे शुरू करे? | Poultry Farming Business Plan in Hindi

Poultry Farming Business Plan in Hindi: क्या है पोल्ट्री फार्मिंग? पोल्ट्री फार्मिंग यानि मुर्गियों को अंडे या मांस के लिए पालना। जो मुर्गिया मांस के लिए पाली जाती है ब्रायलर कहा जाता है। लेकिन अंडे देने वाली मुर्गियां इससे अलग होती है। एक मुर्गी औसतन 1 साल में 180 से लेकर 250 अंडे दे देती है लेकिन इसमें मुर्गियों की कई वैरायटी आती है।  कुछ मुर्गियां हर दिन अंडा देती है तो कुछ 2 या 3 दिन के बाद। यह उनके वेट पर निर्भर करता है। अंडे से निकलने वाले चूजे 4 से 5 महीने के अंदर अंडे देना शुरू कर देते हैं।  मुर्गियां लगभग 3 साल तक अंडे देते हैं लेकिन ब्रायलर मुर्गियां अंडे नहीं देती। इन्हे केवल मांस के लिए ही पाला जाता है और सप्लाई किया जाता है।

मुर्गी पालन का बिज़नेस कैसे शुरू करे? | Poultry Farming Business Plan in Hindi

 

पोल्ट्री फार्मिंग के लिए प्लान

बिज़नेस चाहे कोई भी हो उसके लिए आपको एक प्लान बनाना पड़ता है यानि आप क्या काम कैसे और कितनी लागत में कहाँ पर खोलेंगे इन सबके लिए प्लान कर लेना होगा। पोल्ट्री फार्मिंग में भी आपको यह योजना बनानी पड़ती है। अपने पोल्ट्री फार्मिंग बिज़नेस ( Poultry Farming Business Plan in Hindi) को स्टार्ट करने के लिए आपको अपने बिज़नेस के लिए एक टारगेट सेट करना पड़ता है। कहाँ कहाँ आपका पैसा खर्च होगा और शुरू में आप कितनी मुर्गियों के साथ इस बिज़नेस को शुरू करेंगे इसके लिए आपको प्लान बनाना पड़ेगा। साथ ही आप केवल अंडे सप्लाई का ही काम करना चाहते हैं तो आपको उस हिसाब से मुर्गियों का चयन करना होगा। लेकिन अगर आप मांस के लिए ब्रायलर मुर्गिया पालते हैं तो इसके लिए आपको ज्यादा जगह की जरुरत पड़ेगी। और उस हिसाब की मुर्गियां आपको रखनी होगी। लेकिन आप चाहे तो दोनों तरह की मुर्गियां अपने फार्म में रख सकते हैं। इसके साथ ही आपको अपनी मुर्गी फार्म की मिनिमम प्रोडक्टिविटी भी तय करनी होगी।

पोल्ट्री फार्मिंग बिज़नेस का विश्लेषण

किसी भी बिज़नेस को सफल बनाने के लिए मेहनत काफी जरुरी है। यह आपके मेहनत पर निर्भर करेगा कि आपका काम कितना सफल होता है फिर आप पोल्ट्री फार्मिंग करना चाहते हैं तो पहले तो आपको इस बारे में बहुत जानकारी होनी चाहिए आप चाहे अपने पास में कोई पोल्ट्री फार्मिंग में जाकर उनसे जानकारी ले सकते हैं। या फिर किसी ऐसे इंसान से जानकारी ले सकते हैं जिसने यह काम किया हो। आप उनसे बिज़नेस कैसे करना है इस बारे में जान सकते हैं साथ ही सस्ती मुर्गियां कहाँ से खरीदनी है और कहाँ बेचना है यह सब जानकारी जुटा सकते हैं। भले ही आप उनके हिसाब से काम न करे लेकिन क्या पता आपको उनसे कुछ जानकारी जरूर मिल जाए। इससे आपके बिज़नेस को फायदा होगा।

पोल्ट्री फार्म को शुरू करने के लिए बजट

किसी भी बिज़नेस की शुरुवात आपके बजट पर निर्भर करती है। पोल्ट्री फार्म भी आपके बजट पर ही निर्भर करता है। इसे आप छोटे लेवल से लेकर बड़े लेवल तक कर सकते हैं अगर आप कम मुर्गियों के साथ पोल्ट्री फार्म शुरू करना चाहते हैं तो आपको इसके लिए 50 हजार रुपये से लेकर 1.5 लाख तक का बजट लेना पड़ेगा। फिर आप समय के साथ -साथ आगे बढ़ सकते हैं। आपके बिज़नेस से मिलने वाले प्रॉफिट के आधार पर आप इसे बढ़ाएंगे तो आपके बजट पर ज्यादा फर्क नहीं पड़ेगा और आपको प्रॉफिट भी अधिक होगा। हालाँकि मीडियम साइज के फार्म को खोलने के लिए आपको 1.5 लाख से लेकर 3 लाख रूपए तक खर्च करने होंगे। हालाँकि इसमें जगह भी ज्यादा चाहिए होगी और आपको इसमें मुर्गियां भी अधिक रखनी होगी। आप चाहे तो सरकारी बैंक या जिला सहकारी बैंक से अपने बिज़नेस के लिए सब्सिडी का लोन ले सकते हैं। आज के समय में सरकार आसानी से इन कामों के लिए सब्सिडी वाले लोन उपलब्ध कराती है।

फार्मिंग के लिए जगह का इंतजाम

आप कितनी मुर्गियां रखना चाहते हैं और उसे किस स्तर पर पहुंचाना चाहते हैं, उस हिसाब से आपको अपने जगह का चयन करना होगा। अगर आप लगभग 150 मुर्गियों के साथ यह काम स्टार्ट करना चाहते हैं तो आपको 150 से लेकर 200 फिट जगह की जरुरत पड़ेगी। अगर आपकी जगह इससे कम हुई तो मुर्गियों की परेशानी बढ़ सकती है। साथ ही ध्यान रखना होगा कि आप जिस जगह पर मुर्गियों को रख रहे हैं वह जगह साफ सुतरी और खुली हो। इससे उनके बीमार होने की समस्या कम हो जाएंगे। मुर्गियों की जगह खुली होने के साथ ही सुरक्षित भी होनी चाहिए। खुली जगह इसलिए जरूरी है क्यों कि खुली हवा में हवा मिलती है और इससे आपकी मुर्गियां बीमार नहीं होगी। साथ ही जगह ऐसी होनी चाहिए या फिर मुर्ग़ियों का पिंजरा इतना मजबूत होना चाहिए जहाँ मुर्गियों को मारने वाला कुत्ते, बिल्ली जैसा मांसाहारी जानवर न घुस पाए। ऐसे में आपकी मुर्गियां एक ही झटके में खत्म हो जाएगी। मुर्गियों के साथ आपको काफी सावधानी परखनी होगी। जैसे मुर्गियों के लिए पानी की व्यवस्था अच्छी रखनी होगी, मुर्गियों को देने वाले दाने अच्छी क्वालिटी के होने चाहिए। इसके साथ ही मुर्गियों और चूजों को सुखी जमीन में रखें, गीले में रखने से मुर्गियां बीमार हो जाती है। आप चाहे तो अपने घर के आसपास या अपने शहर के बाहर इस काम को कर सकते हैं। कई शहरों में पोल्ट्री फार्मिंग के लिए आपको सरकार या फिर सम्बंधित ऑफिस से परमिशन लेनी पड़ती है। इसमें आपकी पोल्ट्री फार्मिंग के आसपास रह रहे लोगों से NOC भी लेनी पड़ती है।

कितने प्रकार की होती है मुर्गियां?

अगर आप मुर्गियों का बिज़नेस शुरू करना चाहते हैं यह जानना जरुरी है कि कितनी तरह की मुर्गियां होती है। मुर्गियां तीन तरह की होती है लेयर मुर्गी, देशी मुर्गी और ब्रायलर मुर्गी शामिल हैं।

लेयर मुर्गी – लेयर मुर्गीको अंडों के लिए ज्यादा पाला जाता है। यह 4 से 5 महीने में ही अंडे देना शुरू कर देते हैं।

देशी मुर्गी – देशी मुर्गियों का इस्तेमाल अंडे और मांस दोनों के लिए किया जाता है। अक्सर इनके अंडे दूसरे मुर्गियों के अंडों से थोड़े महंगे बिकते हैं।

ब्रायलर मुर्गी  – ब्रायलर मुर्गी का इस्तेमाल सिर्फ मांस के लिए होता है। कारण यह है कि दूसरी मुर्गियों की तुलना में काफी तेजी से बड़े होते हैं। यही कारण है कि इन्हे मांस के लिए सबसे उपयोगी माना जाता है।

पोल्ट्री के लिए चूजों को कहाँ से ख़रीदे?

अगर आपने जगह और मुर्गियों का चयन कर लिया है तो आपको चूजों को खरीदने की जरुरत है। पोल्ट्री फार्मिंग के लिए चूजों का महत्व काफी ज्यादा है। इसके बिना आप पोल्ट्री का बिज़नेस नहीं शुरू कर सकते। इसलिए आप जहाँ से भी इन चूजों को माँगा रहे हैं वहां पहले खुद जाकर इन्हे देखे। ध्यान रखे की कोई चूजा बीमार न हो मुर्गियों के काम में यही है कि अगर एक भी मुर्गी बीमार हो गई तो तभी सभी बीमार हो जाते हैं। और अगर इनकी देखभाल नहीं की गई तो एक एक करके यह मरने लगती है। इसलिए आपको यही सलाह है कि आप अपने शहर या इलाके के एक्सपर्ट्स से ही इन चूजों को ख़रीदे या सप्लाई कराए। अक्सर यह चूजें 30 से 35 रूपए तक के आसानी से मिल जाते हैं और अगर आप शुरू में 100 चूजें भी मंगवाते हैं तो आपके एरिया के हिसाब से 3000 से लेकर 3500 तक पड़ेंगे।

मुर्गियों को खाने के लिए क्या दें?

मुर्गियों के चूजें खरीदने के बाद उनके खाने का भी इंतजाम आपको करना होगा। आप चाहे तो मुर्गियों को अलग अलग तरह का दाना दे सकते हैं लेकिन आप अगर अपने चूजों को अच्छी क्वालिटी का दाना देना चाहते हैं तो उन्हें अलसी या मक्का  दे सकते हैं। यह दोनों ही चूजों के ग्रोथ के लिए अच्छा है। कोशिश करे कि इन्हें हर समय दाना न दे क्यों कि ज्यादा खाने के कारण मुर्गियों का वजन बढ़ने लगता है और कभी कभी यह बीमार पड़ जाती है। कोशिश करे कि मुर्गियों को खाना रात में नहीं बल्कि दिन में दे। अगर इनका डाइट अच्छा रहा तो यह चूजे 40 से 50 दिनों में 1 किलो तक के वजन वाले हो जाते हैं। इसके साथ ही आप इनके पानी का इंतजाम भी अच्छे से करे हमेशा साफ पानी मुर्गियों को दें और समय-समय पर पानी के बर्तन को साफ करते रहे।

मुर्गियों की सप्लाई कैसे करे?

पोल्ट्री फार्म का असली और आखरी काम है अपने सामान को मार्किट में सप्लाई करना। अगर आप मुर्गियों के अंडे बचते हैं तो आपको इसमें 4 से 5 रूपए तक मिल जाएंगे लेकिन अगर आप मुर्गी मांस के लिए बेचते हैं तो आपको इसके पैसे मुर्गी के वजन के हिसाब से मिलते हैं जैसे अक्सर डीलर्स ज़िंदा मुर्गी ही मार्किट में देते हैं।

मुर्गी पालने से होने वाला लाभ

कोई भी बिज़नेस शुरू करने के लिए सबसे पहले उसमे लागत और लाभ के पैसों के बारे में जानना आपको बहुत जरुरी है। मुर्गियों के अंडे और मांस के मांग पुरे साल रहते हैं। हालाँकि समय और सीजन के हिसाब से महंगे सस्ते होते रहते हैं लेकिन ऐसा नहीं है कि यह कोई घाटे का काम है। 4 महीने में एक चूजा अंडे देने लगता है हर अंडे में 3 रूपए की लागत आती है और मार्किट में यह 4.5 रूपए तक बिक जाता है। ऐसे में 1 अंडे से आपको लगभग 1.5 रूपए का प्रॉफिट हुआ। ऐसेही मांस के लिए बिकने वाली मुर्गियों में भी है जिसमें भी आपको अच्छे खासे पैसे मिल जाएंगे।

 

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