GST Full Form: GST क्या है? GST के बारे में पूरी जानकारी हिंदी में

GST Full Form: आज हम बात करेंगे GST के बारे में कि GST होता क्या है और GST का फुल फॉर्म (GST Full Form) यानि पूरा नाम क्या है? और साथ ही GST के बारे में कुछ डिटेल्स में बात करेंगे। तो चलिए शुरू करते हैं।

हमारे देश में टैक्स सिस्टम दो तरह का है, Direct Tax (डायरेक्ट टैक्स) और Indirect Tax (इनडायरेक्ट टैक्स)। डायरेक्ट टैक्स या इनकम टैक्स जो एक आदमी अपनी इनकम पर देता है। यानि जितना आदमी कमाता है उतना टैक्स देता है। इसमें GST का कोई लेना देना नहीं है। इनडायरेक्ट टेक्स्ट, इस टैक्स में Service Tax, Excise Duty, Central Sales Tax, Entertainment Tax और बहुत सी दूसरे टैक्स आते हैं। इसमें करीब 17 टैक्सेज आते हैं जो कि केंद्रीय सरकार को राज्य सरकारी इक्कटा करती है। अब इन सभी टैक्सेज को ख़त्म करके एक टैक्स लागु किया है और वह है GST (जीएसटी) ।

पहले इतने सारे टैक्सेस के लिए एक बिजनेसमैन को बहुत से डिपार्टमेंट्स के साथ डील्स करना पड़ता था। इसके अलावा हर स्टेट में टैक्स की दर भी अलग अलग होती थी। साथ ही बहुत बार टैक्स पर टैक्स भी देना पड़ता था। जिसकी बजह से चीजों का दाम बढ़ जाते थे। अब इन सब टैक्सेस को खत्म करके पुरे देश में केवल एक ही टैक्स को लागु किया गया है। 1 जुलाई 2017 से यह टैक्स पुरे भारत में लागु हो गया है।

GST क्या है? और GST Full Form in Hindi 

GST का फुल फॉर्म है ‘Goods and Services Tax’ यानि कि चीजों की मैन्युफैक्चरिंग सर्विस पर लगने वाला टैक्स। इस टैक्स में   मैन्युफैक्चरिंग टैक्स रेट कम होगा है और सर्विस टैक्स रेट ज्यादा होगा। यानि कि आपको रेस्टॉरेंट में ज्यादा पे करना पड़ सकता है। लेकिन जरुरत की चीजे जिन्हे आप सीधा बाजार से खरीदते हैं वह सस्ती हो सकती है।

GST में टैक्स के 5 स्लेव्स रखे गए हैं – 

0% Tax – यानि जिन वस्तुओं पर कोई टैक्स नहीं लगेगा। जैसे कि फ्रेश मीट, फिश. चिकेन, एग्स, मिल्क, कर्ड, हनी फ्रेश फ्रूट्स, वेजटेबल्स, आटा, नमक  इत्यादि।

5% Tax – इसमें वह वस्तुएं आते हैं जिनपर 5% टैक्स लगी होगी। जैसे कि पैकेज्ड फूड्स, ब्रांडेड पनीर, फ्रोजेन वेजटेबल्स, कॉफ़ी, टी, स्पाइसेस, पिज़्ज़ा ब्रेड इत्यादि। इसके अलावा सेविसेस में रेलवे और एयर सर्विस भी इस टैक्स में आते हैं।

12% Tax – फ्रोजेन मीट प्रोडक्ट्स, बटर, घी, ड्राई फ्रूट्स इन पैकेज्ड फॉर्म, नमकीन, आयुर्वेदिक मेडिसिन्स, मोबाइल फ़ोन्स यह सभी इस टैक्स के अंतर्गत आते हैं।

18% Tax – 18% टैक्स की रेंज में बिस्कुट्स, पास्ता, कॉर्नफ़्लेक्स, पेस्ट्री, सूप, आइसक्रीम, इंस्टेंट फ़ूड मिक्सेस, कैमरा, सीसीटीवी, ऑप्टिकल फाइबर केबल आदि इस स्लेव्स में आते हैं। सर्विसेज में टेलीफोन सर्विसेज और फाइनेंसियल सर्विसेस आएंगे।

28% Tax – पानमसाला, च्विंगम डेओडोरैंट्स, शेविंग क्रीम्स, हेयर शैम्पू, सनस्क्रीम, एटीएम, ऑटो मोबाइल्स और मोटरसाइकिल आदि इस टैक्स के अंतर्गत आते हैं। सर्विसेज में फाइव स्टार होटल, प्राइवेट लॉटरी और मूवी टिकट्स आते हैं।

आम जनता पर GST का प्रभाव 

  • चीजों के दाम घटेंगे क्यों कि व्यापारियों को बहुत से टैक्स और टैक्स पर टैक्स देने से छुटकारा मिलेगा जैसे चीजें सस्ती होगी।
  • सरकार के पास टैक्स भरनी वाली लोगों की संख्या ज्यादा होगी जिससे ज्यादा टैक्स इकट्ठा होगा और सरकार इस पैसे को लोककल्याण के कार्यो में लगा पाएगी।

व्यापारियों यानि बिजनेसमैन पर GST का प्रभाव 

इसमें 3 तरीके के व्यापारियों को गिना जाएगा –

  1. जिनकी सालाना आय 20 लाख से कम है
  2. जिनकी सालाना आय 20 से 75 लाख है
  3. जिनकी सालाना आय 75 लाख से ज्यादा है

20 लाख तक सालाना बिज़नेस करने वाले लोगों को कोई टैक्स नहीं देना है। 20 से 75 लाख सालाना कमाने वाले लोगों को अलग-अलग बिज़नेस के हिसाब से अपने पुरे बिज़नेस का 1 % -5 % देना होगा। 75 लाख से ऊपर सालाना कमाने वालो को GST देना होगा उनको अपना पूरा हिसाब किताब कंप्यूटर के माध्यम से करना पड़ेगा।

GST से पुरे देश के हर व्यापारी के बिज़नेस का रिकॉर्ड सरकार के पास होगा इसलिए कोई भी इस टैक्स से बच नहीं पायेगा।

तो दोस्तों, इस पोस्ट में आपने जाना GST क्या होता है? GST का पूरा नाम (GST Full Form) क्या है? आम जनता पर GST का प्रभाव और व्यापारियों यानि बिजनेसमैन पर GST का प्रभाव। तो उम्मीद करते है आपको यह जानकारी जरूर पसंद आयी होगी।

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