CFO Full Form: CFO क्या है और कैसे बने पूरी जानकारी हिंदी में

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नमस्कार दोस्तों, हमारे ब्लॉग में आपका स्वागत है। आज हम जिस टॉपिक के बारे में बात करेंगे वह है CFO Full Form के बारे में यानि सीएफओ का पूरा नाम क्या है। और साथ ही CFO के बारे में डिटेल्स में बात करेंगे ताकि आप सीएफओ के बारे में अच्छे से जान सके और इसे समझ सके।

आज आप इस पोस्ट पर जानने जा रहे हैं कोई नयी जानकारी कोई नया इनसाइड और आज फिरसे आप डिसाइड करेंगे कि आप जो सोच रहे थे क्या वह ठीक था कि आपको यह करना चाहिए। कहने का मतलब ये है कि हर आर्गेनाइजेशन का एक हायर मैनेजमेंट होता है जिसका काम उस कंपनी के वेलफेयर के लिए वर्क करना होता है। और इस आर्गेनाइजेशन में CFO का बहुत इम्पोर्टेन्ट रोले होता है।

CFO क्या है और CFO Full Form in Hindi

CFO का फुल फॉर्म ‘Chief Financial Officer’ होता है। जिसे अपॉइंट करना हर लिस्टेड कंपनी के लिए जरुरी होता है। CFO किसी कंपनी का Senior Executive होता है और उसे कंपनी का टॉप लेवल Financial Controller भी कहा जाता है। क्यों कि कैश फ्लो और फाइनेंसियल प्लानिंग से रिलेटेड हर एक्टिविटी को CFO ही हैंडल करता है। एक CFO की प्राइमरी रिस्पांसिबिलिटी होती है कि वह आर्गेनाइजेशन के पॉजिटिव फाइनेंसियल आउटलुक को मेन्टेन रखे। जिसमे Financial Planning, Financial Risk Management, Record Keeping और Financial Reporting शामिल होती है। और इसलिए सारे मेजर फाइनेंसियल डिसीजन CFO के अप्रूवल के बाद ही लिए जाते हैं। कुछ सेक्टर में CFO डाटा एनालिसिस के लिए भी रेस्पोंसिबल होते हैं। अगर एक कंपनी को कैपिटल रेज करनी हो, मनी इन्वेस्ट करनी हो, कोई नयी पार्टनरशिप या कोई मेजर प्रोजेक्ट स्टार्ट करना हो, तो ऐसे सारे डिसीजन CFO के अप्रूवल के बेस पर ही लिए जायेंगे। एक CFO का रोले Treasurer और Controller के सिमिलर होता है क्यों कि वह Finance और Accounting डिवीज़न को मैनेज करने के लिए रेस्पोंसिबल होते हैं। और वह इंस्योर करते हैं कि फिक्स टाइम में कंपनी की फाइनेंसियल रिपोर्ट्स भी कम्पलीट भी हो जाए और एक्यूरेट भी हो। CFO के बारे में इतना जानने के बाद यह तो समझ ही आ गया है कि एक आर्गेनाइजेशन में CFO का काफी इम्पोर्टेन्ट रोल होता है। और शायद आप भी इतनी बड़ी पोजीशन पर पहुंचने का इरादा रखते हो।

एक CFO की मेजर रेसपॉन्सिबिलिटी क्या क्या होती है?

एक CFO को यह सारी रेस्पॉन्सिबिलिटीज़ पूरी करनी होती है-

  • कंपनी की फाइनेंसियल स्ट्रैटेजी को एक्जिक्यूट करना
  • मंथली और एनुअली फाइनेंसियल प्लान्स बनाने में CEO को सपोर्ट करना
  • कंपनी के फाइनेंसियल कंट्रोल्स और एकाउंटिंग प्रोसीजर को मैनेज करना
  • कंपनी का रेवेन्यू इनक्रीस करना  कॉस्ट्स रिड्यूस करने की एडवाइस देना
  • कंपनी के एनुअल फाइनेंसियल ओब्जेक्टिव्स को फुलफिल करने के लिए एक्शन प्लान सजेस्ट करना
  • कंपनी की फाइनेंसियल परफॉरमेंस पर फुल ट्रांसपेरेंसी इंश्योर करना
  • बिलिंग्स और क्लाइंट पेमेंट में एक्यूरेसी और स्पीड मेन्टेन रखना
  • रिक्वायरमेंट के अकॉर्डिंग सभी टेक्स्ट डॉक्यूमेंटेशन प्रोड्यूस करना

CFO बनने के लिए क्राइटेरिया

बड़ी कंपनीज में ज्यादातर CFO फाइनेंस क्वालिफिकेशन रखते हैं। जैसे M.B.A (Master of Business Administration), Master of Science in Finance, Master of Science in Accounting और CFA. या फिर वह एकाउंटिंग बैकग्रॉउंड से आते हैं जैसे कि Certified Public Accountant होते हैं। फाइनेंस डिपार्टमेंट यूजली क्वालिफाइड एकाउंटेंट्स जैसे Certified Public Accountant , Chartered Accountant, Certified Management Accountant, और Chartered Certified Accountant मिलकर बना होता है। अगर आप यह सोच रहे हैं कि कोई कोर्स करके या कोई एग्जाम देकर आप डायरेक्ट CFO की पोजीशन तक पहुंच सकते हैं तो ऐसा बिलकुल नहीं है। बल्कि इस पोजीशन तक पहुंचने के लिए आपको कई सारे स्टेप्स पार करने होंगे क्यों कि यह डिसेमिनेशन टॉप पर है। जहाँ तक पहुंचने के लिए आपको गोल सेट करना होगा। और स्टेप बाई स्टेप उसकी तरफ बढ़ना होगा। आपकी स्कूलिंग, ग्रेजुएशन और प्रोफेशनल डिग्रीज सब इसी मिशन का हिस्सा होंगे। और जो एक्सपीरियंस आप इस फील्ड में लेंगे वह भी उतना ही इम्पोर्टेन्ट होगा। इसलिए आपको पेशेंस बनाए रखना होगा। आपके माइंड में अपने प्रोफेशन के लिए क्लैरिटी होनी चाहिए। और आपके कन्सिस्टेन्स अफ्फोर्ट्स भी जरुरी होंगे। इसलिए स्कूल लेवल से ही फाइनेंस की नॉलेज लेना स्टार्ट कीजिए ताकि आप सही टाइम पर अपनी ड्रीम जॉब पर पहुंच सके। यानि जब आप CFO बनने के लिए खुदको तैयार करेंगे तो आपको यह क्राइटेरिया फुल फील करना होगा।

सबसे पहले आपका किसी रिकग्नाइज़्ड बोर्ड से 12th पास करना जरुरी है। उसके बाद आपको बैचलर्स डिग्री लेनी चाहिए। और अगर आप CFO बनना चाहते हैं तो आपको यह डिग्री एकाउंटिंग या फाइनेंस में लेनी ही चाहिए। इसके लिए आप B.B.A, B.B.M या B.Com कर सकते हैं और यह स्टेप CFO बनने की जर्नी में आपका पहला स्टेप साबित होगा। इसलिए अच्छे से सोच समझकर ही यह स्टेप उठाए।

इसके बाद आप M.B.A करेंगे तो प्रेफरन्स मिलेगी। आपको M.B.A में Finance Specialization लेना चाहिए। आप चाहे तो Dual Specialization भी ले सकते हैं जिसमे Finance और Operations दोनों हो। M.B.A करने से आप में आर्गेनाइजेशन के फाइनल डिसीजन लेना काफी आसान हो जायेगा। आपके पास प्रोफेशनल डिग्री भी होनी चाहिए जो इनमे से कोई हो सकती है –

  • चार्टर्ड अकाउंटेंट (Chartered Accountant): फाइनेंस की डिटेल में समझने के लिए C.A कोर्स परफेक्ट होता है जिसे करने के बाद आपकी CFO बनने की चांसेस काफी बढ़ जायेंगे।
  • चार्टर्ड फाइनेंसियल एनालिस्ट (Chartered Financial Analyst): C.A की तरह ही C.F.A यानि Chartered Financial Analyst भी एक प्रोफेशनल कोर्स होता है जो आपको फाइनेंसियल डोमेन के बारे में सिखाता है। और आपको CFO के रोल के लिए तैयार करता है।

इसी तरह आप C.M.A यानि Cost Management Accounting और C.P.A यानि Certified Public Accountant प्रोफेशनल कोर्सेज भी कर सकते हैं। यानि CFO के लिए बेस्ट सूटेबल प्रोफेशनल कोर्सेज है। आपके पास  C.A, C.F.A, C.M.A  और C.P.A यह चार चोइसस है। तो इस क्राइटेरिया को फुल फील करने के बाद जब आप फाइनेंसियल वर्ल्ड में एंट्री लेंगे, उसके बाद CFO की पोजीशन तक पहुंचने के लिए आपके पास Senior Financial Manager पोजीशन पर वर्क करने का 10 साल का एक्सपीरियंस होना भी जरुरी होगा।

इसके अलावा आपके पास बहुत से स्किल्स का होना भी जरुरी है। जैसे –

  • Analytical
  • Communication
  • Cost Management
  • Leadership
  • Problem Solving
  • Reporting and Presentation
  • Time Management
  • MS Excel Database Query
  • Stakeholder Management जैसे Skills

अब अगर CFO के करियर पाथ को करीब से देखे तो आपको आएगा कि CFO बनने के लिए आपको किसी आर्गेनाइजेशन से लॉन्ग टर्म के लिए जुड़े रहना होगा। और CFO बनने के लिए आपको प्रमोशन और इंटरनल जॉब पोज़िशन्स की जरुरत पड़ेगी। और आपको यह मौका जल्द से जल्द मिल सके इसलिए यह जरुरी है कि आप फाइनेंस बैकग्राउंड से हो और आपके पास रिक्वायर्ड एक्सपीरियंस भी हो। अगर आप ऑपरेशन्स रिलेटेड रोल में वर्क करेंगे तो भी आपके लिए CFO बनना पॉसिबल हो जायेगा।

CFO की सैलरी

एक CFO को मिलने वाला सैलरी पैकेज जाने तो कंपनी की इतनी सारी फाइनेंसियल रेस्पॉन्सिबिलिटीज़ को उठाने वाले CFO की मिनिमम सैलरी 1 मिलियन के आसपास हो सकती है जबकि मैक्सिमम सैलरी 8 मिलियन पर एनम तक भी हो सकती है। और यह सैलरी पैकेज आपकी प्रीवियस सैलरी, एक्सपीरियंस, स्किल्स और अदर फैक्टर्स से एफ्फेक्ट होगा। इसके अलावा भी CFO को इन्सेन्टिव्स, बोनस, प्रॉफिट शेयरिंग और स्टॉक ऑप्शंस भी मिला करते हैं।

तो आपने इस पोस्ट में जाना CFO का फुल फॉर्म (CFO Full Form) और CFO की पूरी जानकारी। उम्मीद करते हैं कि आपको यह पोस्ट अच्छा लगा होगा। अगर आपको पोस्ट अच्छा लगे तो इसे फ्रैंड्स के साथ जरूर शेयर करे।

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