जोमैटो (Zomato) की सफलता की कहानी: Zomato Success Story in Hindi | Pankaj Chaddah and Deepinder Goyal Success Story

जोमैटो (Zomato) की सफलता की कहानी , Zomato Success Story in Hindi, Pankaj Chaddah and Deepinder Goyal Success Story in Hindi  

खाना हर इंसान में जान भरता है, उसे उठने की ताकत देता है। हर कोई इंसान अपनी पसंदीदा खाना खाना चाहता है। पर आज की तारीख में बहुत से लोग हैं जिन्हे हर रोज अलग-अलग तरह के खाने को टेस्ट करना अच्छा लगता है। उनके लिए यह बहुत मैटर करता है कि उन्हें हर रोज कुछ नया खाने को मिले। और टेक्नोलॉजी ने इस चीज को उनके लिए बहुत आसान बना दिया है कि कोई भी घर बैठे अपने फेवरेट रेस्टुरेंट से खाना माँगा है सकता है। जहाँ हमने विंडो शॉपिंग को फ्लिपकार्ट, मिंत्रा और अमेज़न जैसी एप का यूज़ करके आसान बना लिया है, वही जोमैटो ने फ़ूड डेलिवेरी करके  हमारी भूख को आसानी से मिटाने का रास्ता ढूंढ लिया है। आज के तारीख में जहाँ लोग आसानी से पैसे खर्च कर देते हैं पर समय नहीं, Zomato ने रेस्टॉरेंट में जाकर खाने के लिए वेट करने वाले समय को बचाकर लोगों को घर पर ही बेस्ट फ़ूड डेलिवेरी करा। जो लोग दिनभर काम करते हैं और शाम को थक हारकर घर आते हैं उन्हें खाने के लिए कुछ चाहिए होता है पर उन्हें यह बिलकुल पसंद नहीं होता है कि उन्हें खुद किचन में जाकर खाना बनाना पड़े। इस दुविधा में Zomato बेस्ट ऑप्शन है। लोग जब चाहे जहाँ चाहे आप पंसदीदा खाना मंगा सकता है। आज के समय में जितना इंटरनेट का चलन है आप सभी Zomato App से तो परिचय होंगे ही। पर क्या आप Zomato की सक्सेस स्टोरी से परचित हैं? तो इस पोस्ट में हम आपको Zomato की पूरी कहानी के बारे में बताएँगे कि किसी तरह से दिल्ली में रहने वाले दो लड़कों ने एक मल्टीमिलियन डोलर कंपनी की शुरवात करि।

 

Zomato Success Story in Hindi

Zomato की शुरुवात 10 साल पहले दीपिंदर गोयल और और उनके दोस्त पंकज चड्डाह ने करि थी। वो दोनों ही IIT Delhi के स्टूडेंट्स रहे थे। उन्होने साथ में ही अपना कॉलेज पास आउट करा और उसके बाद साथ में ही एक मैनेजमेंट कंसल्टेंट कंपनी Bain & Company में जॉब करने लगी।

यहाँ काम करते हुए उन्होने नोटिस किया कि लोग रेस्टॉरेंट जाकर मेनू देखने में ही काफी टाइम वैस्ट कर देते हैं। फिर इसी टाइम को कन्जुम करने के लिए दीपिंदर के मन में एक आईडिया आया कि क्यों न कुछ ऐसा किया जाये कि लोगों को बाहर जाकर मेनू देखने में ही टाइम न वैस्ट करना पड़े। और वह जहाँ है वही ऑनलाइन मेनू चेक कर सके।  इसके लिए उन्होंने एक वेबसाइट बनाई foodiebay.com, जिसमे बसीकली हर रेस्टॉरेंट का मेनू कार्ड अवेलेबल होता था। इससे लोग ऑनलाइन जाकर ही रेस्टॉरेंट में अवेलेबल फ़ूड और उसका प्राइस देख लेते थे और साथ एक साइड रेटिंग का भी ऑप्शन था, जिसके माध्यम से लोगों को पता चल सकता था कि कौन सा रेस्टॉरेंट अच्छा था और कौन सा नहीं।

जोमैटो (Zomato) की सफलता की कहानी: Zomato Success Story in Hindi
Zomato Success Story in Hindi

शुरुवात में तो इस वेबसाइट पर काफी कम रेस्टॉरनेट की इनफार्मेशन अवेलेबल थी। लेकिन धीरे-धीरे दिल्ली से बढ़कर मुंबई और कोलकाता तक पहुंच गई। जैसे-जैसे एप्प पॉपुलर होती गई इस एप्प की यूजर बढ़ती गई। और फिर लोगों का उतना टाइम वैस्ट नहीं होता था जितना की पहले हुआ करता था।

दीपिंदर और पंकज ने शुरवात में बिना किसी फंडिंग के अपने बिज़नेस को बढ़ाया। समय के साथ साथ जैसे लोग FOODIEBAY को जानने लगे उन्होंने इसका नाम FOODIEBAY से बदल दिया क्यों कि ये ऑनलाइन कंपनी ebay से बहुत मिलता-झूलता था। और वे नहीं चाहते थे कि कोई भी इन दोनों वेबसाइट में कंफ्यूज हो। इसलिए 2010 में FOODIEBAY का नाम बदलकर उन्होंने Zomato रख दिया। Zomato उन्होंने कुछ ज्यादा सोचकर नहीं रखा था। बस यही देखा कि कोई ऐसा नाम जो लोग आसानी से याद कर सके और Zomato टोमेटो जैसे ही साउंड करता था। और इसलिए वह Zomato नाम के साथ आगे बढ़े।

इसके बाद उन्होंने के वेबसाइट को एक मेनू कार्ड से बढाकर एक रेस्टॉरेंट से कनेक्ट करा। और फिर लोगों को अपने पसंदीदा रेस्टॉरेंट से खाना आर्डर करने का मौका मिला। Zomato में जाकर लोग अपने पसंदीदा खाने को आर्डर कर सकते थे और इसके फ्री होम डिलीवरी फीचर्स से उन्हें डिलीवरी के लिए पैसे भी नहीं देने पड़ते थे। Zomato ने हर फ़ूड प्रेमी का जीवन आसान बना दिया था। अब जब भी कोई फ़ूड प्रेमी चाहे तभी अपना फेवरेट फ़ूड आर्डर कर सकता था।

2011 में Zomato दूसरी स्टेट में एक्सपेंड करने लगा। किसी भी बिज़नेस को एक्सपेंड और स्केल करने के लिए कंपनीज को फंडिंग की जरुरत होती है। और इसलिए Zomato ने भी फंडिंग की तलाश शुरू कर दी। कुछ समय बाद जान naukri.com के फाउंडर जब संजीव बिखचंदानी को इनकी वेबसाइट के बारे में पता चला तो उन्होंने Zomato को 1 मिलियन डॉलर्स की फंडिंग दी। साथ ही Info Adge (India) से भी इन्हे 3.5 मिलियन डॉलर्स की फंडिंग मिली। और फिर बाद में समय के साथ और ज्यादा लोग आगे आए और Zomato को फंडिंग दी।

जिन जिन लोगों ने Zomato में अपना पैसा इन्वेस्ट करा था, उन सब ने आगे चलकर खूब अच्छा प्रॉफिट कमाया। बढ़ती ग्रोथ के साथ Zomato ने अपना App भी लांच करा। इसके बाद लोगों ने इसका ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल करना शुरू कर दिया। हालाँकि शुरुवात में Zomato इतना अच्छा बेनिफिट नहीं ले पा रही थी पर जैसे ही jio आया इंटरनेट की बेटर सर्विसेस की बजह से लोग ज्यादा से ज्यादा इसका यूज़ करने लगे। और आज Zomato 24 अलग-अलग स्टेट्स में फ़ूड डिलीवर कर रही है।

तो यह थी कहानी हमारे देश की One of the best Food Delivery App Zomato की। अगर आपको Zomato की यह सक्सेस स्टोरी पसंद आयी हो तो आप इसे अपने दोस्तों के साथ भी शेयर कर सकते हैं। और अगर आप असेही और भी सक्सेस स्टोरीज पढ़ना चाहते हैं तो आप हमारे ब्लॉग को सब्सक्राइब जरूर करे।

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