MBBS Full Form: एमबीबीएस (MBBS) का फुल फॉर्म क्या है? | MBBS Full Form in Hindi

MBBS Full Form: आज करियर के लिए भले ही न्यू ऑप्शन क्यों ना आ जाये लेकिन डॉक्टर बनने का सपना वाले लोग आज भी कम नहीं है। नमस्कार दोस्तों आप सबका स्वागत है एक बार फिर से हमारे इस ब्लॉग में जहाँ मैं आपको तरह तरह की काम की इनफार्मेशन देती रहती हूँ और आज भी मैं आपके लिए लाया हूँ MBBS से रिलेटेड कुछ ऐसी जानकारी जो आपको जरूर जाननी चाहिए। क्यों कि अगर आप अपना करियर डॉक्टर में बनाने चाहते हैं तो यह सब चीजें जानना आपके लिए बहुत आवश्यक है। और आज भी कई स्टूडेंट्स ऐसे हैं जो डॉक्टर बनने का सपना देखते हैं और उसे पूरा करने के लिए जी जान से कोशिश भी करते हैं। ऐसे में अगर आपको डॉक्टर बनने की इम्पोर्टेन्ट डिग्री की के बारे में जानकारी मिल जाये तो आपके लिए डॉक्टर बनने के प्रोसेस को समझना बहुत आसान हो सकता है।

MBBS की फुल फॉर्म (MBBS Full Form)

MBBS की फुल फॉर्म है ‘Bachelor of Medicine and Bachelor of Surgery’.

MBBS Degree क्या है?

MBBS Degree

MBBS एक अंडरग्रेजुएट कोर्स है जो मेडिकल साइंस की प्रोफेशनल डिग्री है। इस डिग्री को लेने के बाद ही कैंडिडेट डॉक्टर बन पाता है।

इस कोर्स की Duration साढ़े 5 साल की होती है जिसमे से एक साल इंटेनशिप का होता है। MBBS कोर्स में एनाटोमी, फार्मेकोलोजी, पैथोलॉजी, कम्युनिटी, हेल्थ एंड मेडिसिन पेडियाट्रिक्स और सर्जरी सब्जेक्ट शामिल होते हैं। और अकादमिक एजुकेशन पूरी होने के बाद इंटेनशिप के दौरान आपको हॉस्पिटल्स, हेल्थ केयर सेंटर में फिजिशियन, कंसलटेंट या क्रिटिकल केयर यूनिट में मेडिकल एसीस्टेंस के तौर पर प्रैक्टिस करने का मौका मिलता है। इंटेनशिप कम्पलीट करने के बाद आप ‘Medical Council of India’ यानि भारतीय आयुर्विज्ञान परिषद् में अपना नाम डॉक्टर के तौर पर रजिस्टर करवा सकते हैं।

MBBS कोर्स करने के लिए Eligibility Criteria

अगर आप डॉक्टर बनना चाहते हैं तो आपका 12th पास होना जरुरी है जिसमे आपके पास साइंस सब्जेक्ट PCB यानि Physics, Chemistry और Biology हो। इसके साथ साथ 12th क्लास में कम से कम 50% मार्क्स होने ही चाहिए। English लैंग्वेज पर आपकी अच्छी कमांड होनी चाहिए। ऐज लिमिट का ध्यान रखना भी यहाँ पर बहुत जरुरी है। क्यों कि MBBS में एडमिशन के समय आपकी ऐज कम से कम 17 साल होनी ही चाहिए। इसके अलावा ‘Medical Council of India’ यानि भारतीय आयुर्विज्ञान परिषद् के द्वारा लागु किये जाने वाले कंडीशंस को भी पूरा करना जरुरी होता है। इन कंडीशंस को पूरा करने के बाद आपको एंट्रेंस एग्जाम देना होगा जिसे क्लियर करने के बाद ही आपका एडमिशन MBBS में हो सकता है।

एंट्रेंस टेस्ट (Entrance Test) क्या होता है?

MBBS कोर्स में एडमिशन लेने के लिए आपको NEET (National Eligibility cun Entrance Test) क्लियर करना होगा। इसी टेस्ट के बेस पर आप MBBS कोर्स में एडमिशन ले सकते हैं। इस तरह के टेस्ट को गवर्नमेंट और प्राइवेट दोनों तरह के इंस्टीटूशन एक्सेप्ट करते हैं। पहले MBBS में एडमिशन के लिए दो मेजर एंट्रेंस टेस्ट हुआ करते थे – ‘JIPMER MBBS EXAM’ और ‘AIIMS MBBS EXAM’. लेकिन साल 2019 में इन दोनों एग्जाम को खत्म कर दिया गया याकि NEET इंडिया का सबसे इम्पोर्टेन्ट एंट्रेंस एग्जाम बन सके। एंट्रेंस एग्जाम क्लियर करने के बाद आप MBBS कोर्स कर सकते हैं।

MBBS कोर्स के लिए टॉप मेडिकल कॉलेजेस के नाम

  • AIIMS – All India Institute of Medical Science, New Delhi
  • Armed Forces Medical College, Pune
  • Lady Hardinge Medical College – LHMC, New Delhi
  • Seth GS Medical Colleg, Mumbai
  • Christian Medical College, Vellore
  • Maulana Azad Medical College – MAMC, Delhi
  • Institute of Medical Science, Varanasi
  • King George’s Medical University, Lucknow

MBBS डिग्री होल्डर्स के टॉप रिक्रूटर्स के नाम

  • Fortis Healthcare LTD
  • Medanta Hospitals
  • Apollo Munich Health Industries CO LTD
  • Sun Pharmaceutical Industries LTD
  • Lilavati Hospital and Research Centre
  • Sri Ganga Ram Hospital
  • Apollo Hospitals Enterprises LTD
  • Wockhardt LTD
  • Religare Health Insurance Company LTD
  • Cipla LTD

MBBS डिग्री लेने के बाद आगे क्या-क्या करियर ऑप्शंस मिल सकते हैं?

MBBS डिग्री लेने के बाद आगे क्या-क्या करियर ऑप्शंस मिल सकते हैं?

पोस्ट ग्रेडुएशन डिग्री या क्वालीफ़ायर डॉक्टर – आप चाहे तो मेडिकल साइंस में MD या MS जैसी पोस्ट ग्रेडुएशन डिग्री के लिए अप्लाई कर सकते हैं या फिर क्वालीफ़ायर डॉक्टर के रूप में वर्क कर सकते हैं। अगर आप पोस्ट ग्रेजुएशन कोर्स के बजाई डॉक्टर के तौर पर काम करना शुरू करना चाहते हैं तो यह जान लीजिये की MBBS कोर्स करने के बाद इस वर्क ऑप्शन को चुनने पर आपको एवरेज कितनी सैलरी मिल सकती है।

जनरल फिजिशियन – जनरल फिजिशियन के रूप में अपने करियर की शुरुवात करना एक अच्छा ऑप्शन है। जनरल फिजिशियन मरीजों की आम बीमारियों की स्टडी, डायग्नोस्टिक और प्योर करता है। लेकिन इसी केस में क्रिटिकल डीसीस होने पर उस मरीज को उस बीमारी के एक्सपर्ट डॉक्टर के पास रेफर करता है। जनरल फिजिशियन के तौर पर आप शुरुवात में एप्रॉक्स 4-5 लाख पर एनम चार्ज कर सकते हैं।

मेडिकल एसिस्टेंट – मेडिकल एसिस्टेंट यानि सर्जरी की बात करे तो MBBS कम्पलीट करने बाद आप मेडिकल के तौर पर अपनी करियर की शुरुवात कर सकते हैं। एक मेडिकल एसिस्टेंट रहते हुए आप कार्डियोलॉजी, डर्मेटोलॉजी, ऑन्कोलॉजी, नेफ्रोलॉजी, न्यूरोलॉजी, गायनोकॉलोजी, ओफ्थल्मोलॉजी जैसी स्पेशलाइज़शन में पेशेंट की सर्जरी करना सिख सकेंगे। और अगर आप सर्जन बनना चाहते हैं तो इसके लिए आपको प्रैक्टिस और लर्निंग हमेशा जारी रखनी होगी। इसलिए यह एक अच्छा करियर ऑप्शन साबित होगा। एक मेडिकल एसिस्टेंट के तौर पर करियर की शुरुवात करने पर आप एप्रॉक्स 3-4 लाख पर एनम कमा सकते हैं।

शिशु चिकित्सक (पीडियाट्रिशन) – MBBS कोर्स करने के बाद आप शिशु चिकित्सक भी बन सकते हैं यानि कि बच्चों के डॉक्टर। एक पीडियाट्रिशन बच्चों की जनरल ग्रोथ, डेवलपमेंट और बीमारियों का ट्रीटमेंट करता है। इसके अलावा बच्चों की डाइट और एलेर्जी जैसी इश्यूज की जानकारी भी पैंट्स को देता है। एक पीडियाट्रिशन के तौर पर काम करते हुए आप आप 4.5 लाख पर एनम चार्ज कर सकते हैं।

दोस्तों डॉक्टर बनना केवल खुद के सपने को पूरा करना और अच्छा पैसा कमाने तक ही सिमित नहीं होता है बल्कि इस प्रोफेशन में सेवा की भावना होना पहले जरुरी होता है। यानि मरीजों की बीमारी को आसान तरीके से दूर करने की भावना ही आपको एक सफल डॉक्टर बना सकती है। इसलिए अगर आप डॉक्टर बनना चाहते हैं तो डीप स्टडीज, अफ्फोर्ट्स, प्रैक्टिस और सेवा की भावना जरुरी है।

तो दोस्तों उम्मीद करते हैं कि आपको MBBS Full Form और MBBS से सम्बंधित सारी जानकारी क्लियर हो गई होगी। अगर आपको यह जानकारी “MBBS Full Form: एमबीबीएस (MBBS) का फुल फॉर्म क्या है?” अच्छी लगी जो तो कमेंट के जरिये आप जरूर बताएं और इसे इस पोस्ट को अपने फ्रेंड्स और फॅमिली के साथ भी जरूर शेयर कर दीजिये।

यह भी पढ़े –

 

Add a Comment

Your email address will not be published.