शिक्षक और छात्र की दिल छू लेने वाली कहानी | Teacher and Student Heart Touching Story in Hindi

शिक्षक और छात्र की दिल छू लेने वाली कहानी | Teacher and Student Heart Touching Story in Hindi

शिक्षक और छात्र की दिल छू लेने वाली कहानी  Teacher and Student Heart Touching Story in Hindi

 

शिक्षक और छात्र की दिल छू लेने वाली कहानी

नमस्कार सर मुझे पहचाना? कौन? सर मैं आपका विद्यार्थी…20 साल पहले का आपका विद्यार्थी…

टीचर: ओह अच्छा आजकल ठीक से दीखता नहीं बेटा और याददाश्त भी कमजोर हो गई है इसलिए नहीं पहचान पाया। खेर…आओ…बैठो..क्या करते हो आजकल? टीचर ने उन्हें प्यार से बैठाया और पीठ पर हाथ फेरते हुए पूछा।

छात्र: सर, मैं भी आपकी तरह शिक्षक बन गया हूँ।

टीचर: वाह, अच्छी बात है यह तो, लेकिन शिक्षक की पगार तो बहुत कम होती है। फिर तुम शिक्षक कैसे बन गए।

छात्र: सर, जब मैं कक्षा आठवीं में पड़ता था, तब हमारे कक्षा में एक घटना घटी थी। उसमें से आपने मुझे बचाया था तभी मैंने शिक्षक बनने का निर्णय ले लिया था। वो घटना मैं आपको याद दिलाता हूँ। आपको मैं भी याद आ जाऊँगा।

टीचर: अच्छा क्या हुआ था बेटा? मुझे ठीक से कुछ याद नहीं।

छात्र: सर , आठवीं कक्षा में एक बहुत ही अमीर लड़का पड़ता था। जबकि बाकि हम सब बहुत गरीब थे। एक दिन वह बहुत महंगी घड़ी पहनकर आया था और उसकी घड़ी चोरी हो गई थी। कुछ याद आया सर।

टीचर: आठवीं कक्षा?

छात्र: हाँ सर, उस दिन मेरा मन उस घड़ी पर आ गया था और लंच टाइम में जब उसने मघड़ी अपने बैग में रखी तो मैंने मौका देखकर वह घड़ी चुरा ली। उसके ठीक बाद आपका पीरियड था। उस लड़के ने आपके पास घड़ी चोरी होने की शिकायत की और बहुत जोर-जोर से रोने लगा। आपने कहा जिसने भी वह घड़ी चुराई है, उसे वापस कर दो, मैं उसे सजा नहीं दूंगा। लेकिन डर के मारे मेरी हिम्मत ही नहीं हुई घड़ी वापस करने की…उसके बाद फिर आपने कमरे का दरवाजा बंद किया और हम सबको एक लाइन से आंखे बंद करके खड़े होने को कहा। और यह भी कहा कि आप सबकी जेब और झोला देखेंगे। लेकिन जब तक घड़ी मिल नहीं जाती तब तक कोई भी अपनी आंखे नहीं खोलेगा…वरना उसे स्कूल से निकाल दिया जाएगा और ऊपर से जबरदस्त मार पड़ेगी वो लाग…हम सब आंखे बंद कर खड़े हो गए। आप एक-एक कर सबकी जेब देख रहे थे और जब आप मेरे पास आए तो मेरी धड़कन तेज होने लगी। मेरी चोरी पकड़ी जानी थी…अब जिंदगी भर के लिए मेरे ऊपर चोर का ठप्पा लगने वाला था। मैं ग्लानि से भर उठा था। उसी समय मैंने जान देने का निश्चय कर लिया था। लेकिन मेरी जेब में घड़ी मिलने के बाद भी आप लाइन तक सबकी जेब देखते रहे और घड़ी उस लड़के को देते हुए कहा, “अब ऐसी घड़ी पहनकर दोबारा मत आना और जिसने भी यह चोरी की थी वो दोबारा ऐसा काम ना करे। इतना कहकर आप हमेशा की तरह पढ़ाने लगे थे।

यह कहते-कहते उस छात्र की आंखे भर आई। वह रुंधे गले से बोला, “आपने उस समय सबके सामने मुझे शर्मिंदा होने से बचा लिया था सर। आगे भी कभी किसी पर भी मेरा चोर होना जाहिर ना होने दिया। आपने कभी मेरे साथ भेदभाव नहीं किया। उसी दिन मैंने तय कर लिया था कि मैं आपकी तरह आदर्श शिक्षक बनूँगा।”

शिक्षक: हाँ हाँ मुझे याद आया।

उनकी आँखों में चमक आ गई। फिर चकित वो बोले, “बेटा मैं आज तक नहीं जानता कि वह चोरी किसने की थी क्यों कि जब मैं सबकी जेब देख रहा था तब मैंने अपनी भी आंखे बंद कर ली थी।”

इतना कहकर उन्होंने अपने छात्र को गले लगा लिया।

तो दोस्तों यह थी “शिक्षक और छात्र की दिल छू लेने वाली कहानी” आशा करते हैं कि आपको यह कहानी बहुत पसंद आया होगा अगर पसंद आए तो कमेंट करके हमें जरूर बताएं और इसे अपने दोस्तों के साथ भी शेयर जरूर करे ताकी उन्हें भी एक अच्छी कहानी सुनने का मौका मिल सके।

यह भी पढ़े – 

 

Follow Me on Social Media

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *