अकबर बीरबल की कहानी

अकबर बीरबल की कहानी: वे जो देख नहीं सकते | Akbar Birbal Story in Hindi

अकबर और बीरबल की कहानी में आज की कहानी है वे जो देख नहीं सकते (Akbar Birbal Story in Hindi) .

वे जो देख नहीं सकते (अकबर बीरबल की कहानी)

एक बार अकबर नगर के सभी अंधे लोगों की सूचि देख रहें थे। बीरबल उनके साथ थे।

अकबर बोले, “बीरबल, बेगम नगर के सभी अंधो को दान देना चाहती है किंतु मैं देख रहा हूँ कि हमारे नगर में अंधे व्यक्तियों की संख्या बहुत ही कम है।”

बीरबल बोले, “किंतु महाराज अंधो की संख्या तो उनसे कई गुना अधिक है जो देख सकते हैं।”

अकबर बोले, “यह तुम कैसे कह सकते हो बीरबल? मेरे आदमियों ने सूचि पूरी खोज करके ही बनाई है। वे गलत नहीं हो सकते।”

बीरबल ने कहा ,”जी हुजूर वे उन लोगों के नाम लिखना भूल गए जिनकी आंखे तो है पर देख नहीं सकते।”

अकबर ने कहा, “बीरबल, मैं किसी तरह का मजाक नहीं सुनना चाहता।”

बीरबल ने कहा, “यह सत्य है महाराज। मैं कुछ ही दिनों आपको यह साबित करके दिखा दूंगा।”

अगले ही दिन बीच बाजार में जाकर बीरबल एक खाट यानि चारपाई बुनने लगे। आसपास के सभी लोगों को उत्सुकता हुई कि बीरबल यह क्या कर रहें हैं। वे सब पास आकर बीरबल से पूछने लगे, “आप यह क्या कर रहें हैं”

बीरबल ने कोई उत्तर नहीं दिया अपितु अपने सेवक को कहा, “कि उन लोगों को नाम लिखते जाएं जो यह पूछ रहें हैं।”

धीरे  धीरे यह बात फैलने लगी जिससे और भी कई लोग आकर पूछने लगे कि बीरबल तुम यह क्या कर रहे हो और बीरबल उनके नाम लिखवाते गए।

शीघ्र ही यह बात अकबर के कानों में भी पहुंची वे भी बड़े उत्सुक हुए कि आखिर बीरबल बीच बाजार में क्या कर रहें हैं। अकबर भी वहां जा पहुंचे जहाँ बीरबल खाट बुन रहे थे। और पूछने लगे, “बीरबल, तुम क्या कर रहे हो?”

बीरबल ने अकबर को नजरअंदाज करते हुए अपने सेवक की ओर मुड़ते हुए कहा, “यह हो गए 250 ”

अकबर नाराज होते हुए बोले बोले, “बीरबल, तुम मेरे प्रश्न का उत्तर क्यों नहीं देते। तुम क्या कर रहे हो?”

बीरबल बोले, “महाराज मैं खाट बुन रहा हूँ और साथ ही अंधे लोगों की सूचि भी बना रहा हूँ। आज 250 लोगों ने मुझसे पूछा कि मैं क्या कर रहा हूँ जब कि दिन के उजाले में सब देख रहें हैं कि मैं खाट बुन रहा हूँ।”

अकबर ने बीरबल से वह सूचि मांगी। जब उन्होंने सूचि देखि तो उन्हें बड़ा आश्चर्य हुआ क्यों की उनका नाम भी उसमें था।

अकबर बोले, “किंतु मेरा नाम तुमने क्यों लिखा?”

बीरबल बोले, “क्यों कि आप यह पूछने वाले अंतिम व्यक्ति थे कि मैं क्या कर रहा हूँ।”

हमेशा की तरह अकबर के पास कोई उत्तर नहीं था।

” अकबर बीरबल की कहानी: वे जो देख नहीं सकते | Akbar Birbal Story in Hindi” उम्मीद करते हैं आपको यह कहानी जरूर पसंद आई होगी अगर पसंद आए तो अपने दोस्तों को भी शेयर करे।

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