एक पॉजिटिव पर्सन कैसे बने | How to Become a Positive Person

एक पॉजिटिव पर्सन कैसे बने | How to Become a Positive Person

एक पॉजिटिव पर्सन कैसे बने,  How to Become a Positive Person

जब भी हम किसी मुश्किल में होते हैं, स्ट्रेस में होते हैं या किसी नेगेटिव सिचुएशन में तब हमें हमारे दोस्त और हमारे परिवार वाले यह दो शब्द यह दो शब्द Be Positive. आप में से कई लोगों को ब्लड ग्रुप भी B Positive होगा। बिज़नेस में घाटा हो, फॅमिली में टेंशन हो, रिलेशनशिप अच्छी नहीं चल रही हो या फिर प्रोफेशनल लाइफ में कोई दिक्कत हो, अक्सर लोग ना चाहते हुए भी परेशान हो ही जाते हैं और हमारी सोच को नेगेटिव थॉट्स घेर लेते हैं। अनचाहे तौर पर भी दुनिया भर की गलत बातें चलती रहती है। और हम उनसे पार नहीं हो पाते। ऐसे में सिर्फ एक ही रास्ता बचता है खुदको पॉजिटिव रखना। तो चलिए जानते हैं की कैसे आप खुदको ज्यादा से ज्यादा पॉजिटिव रख सकते हैं।

एक पॉजिटिव पर्सन कैसे बने – How to Become a Positive Person

 

Rule No.1 अच्छी चीजों पर अपनी ध्यान केंद्रित कीजिए

जिंदगी में मुश्किलों का आना जिंदगी का ही हिस्सा होता है। इसे हम अवॉयड नहीं कर सकते। यह किसी के भी साथ हो सकता है, कोई आम आदमी हो,कोई फिल्म स्टार, कोई जॉब करने वाला आदमी हो या फिर कोई बड़ा बिजनेसमैन सबकी अपनी तरह की प्रोब्लेम्स होती है। बिज़नेस में मिलियन डॉलर का नुकसान हो या फिर इलेक्शन में पॉलिटिशन की हार कभी न कभी हम फ़ैल जरूर होते हैं। अब जिंदगी वहीं थमी नहीं रह सकती इसलिए अब आगे क्या करना है, किस चीज में बेहतर हूँ इस पर ध्यान लगाना जरुरी है। हम हिम्मत हारकर नहीं बैठ सकते।

सोचिये अगर कोई स्टूडेंट एक्सएम में फ़ैल हो गया अब वह इसी के बारे में सोचता रहेगा तो कुछ नहीं होगा। कोशिश यह होनी चाहिए कि अगर और बेहतर तैयारी करके एग्जाम दिया जाए। इसलिए आप अपने आसपास के किसी बेहतर चीज पर ध्यान लगाए वह कीजिए जो आप करना पसंद करते हैं।

Rule No. 2 किताबें पढ़िए

एक स्टूडेंट की तौर पर हम सिलेबस की किताबें पढ़कर इतने ऊब जाते हैं कि अलग से कुछ पढ़ने का मन ही नहीं करता या पढ़ाई पूरी करने के बाद अपनी पढ़ने की आदत हम छोड़ ही देते हैं। ऐसे में अगर आप किसी टफ सिचुएशन में हैं तो खुदको मोटीवेट करने के लिए और पॉजिटिव ऐटिटूड डेवेलोप करने के लिए आप दुनियाभर की सक्सेसफुल लोगों की स्टोरीज पढ़िए, उनकी किताबें पढ़िए इससे  की शक्ति बढ़ेगी, पर्सनालिटी डेवेलोप होगी, जिंदगी के प्रति आपका नजरिया बदलेगा और आप कुछ ही टाइम में खुदको बदला हुआ सा पाएंगे। अब्दुल कलाम जी की विंग्स ऑफ़ फायर, रौंदा बयर्ने की द सीक्रेट, डेल कार्नेगी की हाउ तो स्टॉप वारयिंग एंड स्टार्ट लिविंग जैसी ढेरों किताबें हैं जो आपको सही सोचने में मदद करेगी और धीरे-धीरे आप बुक रीडिंग की एक अच्छी आदत भी बना लेंगे जो सोशल मीडिया पर युहीं टाइम वेस्ट करने से कई बेहतर और क्रिएटिव तरीका है।

Rule No. 3 अपनी गलत संगत बदलिए

हिंदी में एक कहावत आपने अक्सर ही लोगों को बोलते देखा होगा संगत का असर है यह पॉजिटिव और नेगेटिव दोनों तरीकों से काम करता है। हमें बड़ा होता देख हमारे घरवाले भी हमसे यह कहते हैं बेटा किसी गलत संगत में कभी मत पड़ना। हमारे आसपास ऐसे ढेरों एक्साम्प्लेस हैं जिन्हें आपने किसी न किसी को बुरी संगत में बर्बाद होते हुए या अपनी जिंदगी ख़राब करते हुए जरूर देखा होगा। अब अगर आप किसी प्रॉब्लम में हैं और आपकी कंपनी या आपके दोस्त अच्छे नहीं हैं तो वह आपको कोई सही सजेशन या गाइडेन्स नहीं दे पाएंगे। उल्टा कई बार ऐसा होता है कि हमारी मुश्किल का फायदा उठाकर हमारे दोस्त हमें गलत आदतें अपनाने के लिए उकसाते हैं। इसलिए अगर अपनी संगत अपना एनवायरनमेंट सही नहीं किया तो जिंदगी में पाजिटिविटी का आना मुश्किल है। दस  ख़राब लोगों से एक अच्छा दोस्तबेहतर जो आपको हमेशा मोटीवेट करे, आपको सही सलाह दे और आपको एक बेहतर इंसान बनने में मदद करे।

Rule No. 4 खुद से बात कीजिए

एक इंसान का खुद से बात करना बहुत जरुरी होता है। यह वह तरीका है जिससे आप खुदको एनालिसिस कर पाते हैं कि आपने क्या बेहतर किया, आपसे क्या गलती हुई, आपकी क्या अचीवमेंट्स हैं, आप जिंदगी को कैसी दिशा देना चाहते हैं और आगे आपको क्या करना है क्योंकि अगर आपको सबसे बेहतर तरीके से कोई जानता है तो वह आप ही हैं। आपकी स्ट्रेंथ, पाकि वीकनेस, आपकी कैपिबिलिटी को आपसे बेहतर कोई और नहीं समझ सकता। इसलिए जब भी मौका मिले खुद से बात किजीए और खुदको मोटीवेट करते रहिए। द सीक्रेट और द पावर ऑफ़  योर सबकॉन्सियस माइंड जैसी किताबें पढ़ेंगे तो पाएंगे कि पॉजिटिव थिंकिंग का आपकी जिंदगी पर क्या असर पड़ता है। आपको जहाँ  भी अच्छा लगता हो उस जगह पर चले जाइए और रिलैक्स होकर खुद से बातें कीजिए। अगर आपसे कोई गलती हुई है तो उसके लिए आप खुदको दोष मत दीजिए क्योंकि गिल्ट फील होना अच्छी बात है पर बार बार खुदको कोषने से आपको कुछ हासिल नहीं होगा बल्कि यह सोचिए कि अब आगे क्या करना है, उसकी पैनिंग कीजिए, उस पर काम कीजिए, अपनी स्किल्स बढ़ाइए और खुदको प्रूफ कीजिए।

Rule No. 5 अपनी छोटी छोटी आदतों में पाजिटिविटी लाइए

छोटे-छोटे स्टेप्स हमेशा बड़े रिजल्ट्स लाते हैं जैसे अगर आप सुबह सो कर उठ रहें हैं तो मैडिटेशन करने की आदत डालिए, वाक पर जाइए, एक्सरसाइज कीजिए आप पाएंगे कि आपकी बॉडी पॉजिटिव रेस्पॉन्स देगी और मेंटली स्ट्रांग फील करेंगे। अपने दिन की शुरुवात पॉजिटिव थॉट्स और कोट्स से कीजिए, अपने मोबाइल के वॉलपेपर पर कोई ऐसी चीज रखिए जिसे देखने पर आपको मोटिवेशन मिले। अपने मोबाइल पर कोई पॉजिटिव कॉलर टुन लगवाइए या फिर अपने वर्किंग डेस्क पर पॉजिटिव कोट्स का टेबल कैलेंडर रखिए इससे लोगों को भी लगने लगेगा कि आप एक पॉजिटिव इंसान है और अगर आपका कोई दोस्त या और भी आपके सामने नेगेटिव बातें कर रहा है तो उसे टोकिए। अगर वहां रहना मुश्किल है तो उस सिचुएशन को नेकलेट कीजिए। याद रखिएगा आप अपने लाइफ के क्रिएटर खुद हैं।

तो दोस्तों इन बेहतरीन तरीकों को अपनाकर आप भी एक पॉजिटिव इंसान जरूर बनेंगे और इसके लिए सबसे जरुरी है आपका खुद पर विश्वास।

उम्मीद करते हैं दोस्तों कि आपको यह लेख एक पॉजिटिव पर्सन कैसे बने  How to Become a Positive Person जरूर पसंद आया होगा अगर पसंद आए तो अपने दोस्तों के साथ भी जरूर करें और इसी तरह के और भी लेख पढ़ने के लिए हमारे इस ब्लॉग को सब्सक्राइब जरूर कीजिए।

 

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