Motivational Story in Hindi

छोटी सोच और गलत व्यवहार | Motivational Story in Hindi

दोस्तों आज मैं आपको जो प्रेरणादायक कहानी सुनाने जा रही हूँ वह है छोटी सोच और गलत व्यवहार Motivational Story in Hindi उम्मीद करते हैं आपको यह कहानी जरूर ही पसंद आएगी।

 

Motivational Story in Hindi

 

एक औरत अपने परिवार के सदस्यों के लिए रोजाना भोजन पकाती थी। एक रोटी वह वहां से गुजरने वाले किसी भी भूखे के लिए पकाती थी। वह उस रोटी को खिड़की के सहारे रख दिया करती थी, जिसे कोई भी ले सकता था। एक कुबड़ा व्यक्ति रोज उस रोटी को लिए जाता और बिना धन्यवाद दिए अपने रास्ते पर चलता रहता। वह कुछ इस तरह बड़बड़ाता – जो तुम बुरा करोगे वह तुम्हारे साथ रहेगा और जो तुम अच्छा करोगे वह तुम तक लौट आएगा।

 

दिन गुजरते गए और यह सिलसिला चलता रहा। वह कुबड़ा रोज रोटी ले जाता रहा और इन्ही शब्दों को बड़बड़ाता रहता – जो तुम बुरा करोगे वह तुम्हारे साथ रहेगा और जो तुम अच्छा करोगे वह तुम तक लौट आएगा। वह औरत उसकी इस हरकत से तंग आ गई। मन ही मन खुद से कहने लगी, “कितना अजीब व्यक्ति है, धन्यवाद तो कभी देता नहीं है और न जाने क्या क्या बड़बड़ाता रहता है। मतलब क्या है इसका?”

 

एक दिन क्रोधित होकर उसने एक निर्णय लिया और बोली, “मैं इस कुबड़े निजात पा कर ही रहूंगी।” उस औरत ने उस रोटी में जहर मिला दिया, जो वह रोज उसके लिए बनाती थी। और जैसे ही उसने रोटी को  खिड़की में रखने की कोशिश की, अचानक उसके हाथ कांपने लगे और रुक गए। वह बोली, “हे भगवान, मैं यह क्या करने जा रही थी!” उसने तुरंत उस रोटी को चूले के आंच में जला दिया और एक ताजा रोटी बनाई और खिड़की के सहारे रख दिया।

 

 

हर रोज की तरह वह कुबड़ा आया और रोटी को लेकर फिर वही बात दोहराने लगा – जो तुम बुरा करोगे वह तुम्हारे साथ रहेगा और जो तुम अच्छा करोगे वह तुम तक लौट आएगा। वह फिर बड़बड़ाता हुआ चला गया। इस बात से बिलकुल बेखबर कि उस महिला के दिमाग में क्या चल रहा था। वह बड़बड़ाता हुआ वहां से निकल गया।

 

हर रोज जब वह महिला खिड़की पर रोटी रखती तो वह भगवान से अपनी पुत्र की सलामती, अच्छी सहेत और घरवापसी के लिए प्रार्थना भी करती, जो की अपने सुंदर भविष्य के निर्माण के लिए कहीं बाहर गया हुआ था। महीनो से उसकी कोई खबर नहीं थी। शाम को उसके दरवाजे पर एक दस्तक होती है। वह दरवाजा खोलती है और वह चंकी रह जाती है, अपने बेटे को सामने खड़ा देखती है। वह पतला और दुबला हो गया था, उसके कपडे फटे हुए थे और वह भूखा भी था। भूख से वह कमजोर हो गया था। जैसे ही उसने अपने माँ को देखा उसने कहा, “माँ ये एक चमत्कार है कि मैं यहाँ हूँ। जब मैं एक मिल दूर था मैं इतना भूखा था कि मैं गिरकर मर गया होता लेकिन तब एक कुबड़ा वहां से गुजर रहा था। उसकी नजर मुझपर पड़ी और उसने मुझे अपनी गोदी में उठा लिया। भूख के मारे मेरे प्राण निकल रहे थे मैं उससे खाने को कुछ माँगा, उसने निःसंकोच अपनी रोटी मुझे यह कहकर दे दी कि मैं हर रोज यह खाता हूँ लेकिन आज मुझसे ज्यादा जरुरत इसकी तुम्हे है, तो यह ले लो और अपनी भूख को तृप्त कर लो।”

 

 

जैसे ही माँ ने उसकी बात सुनी, माँ का चेहरा खिल गया और अपने आपको संभालने के लिए उसने दरवाजे का सहारा लिया और दिमाग में बात घूमने लगी कि कैसे उसने सुबह रोटी में जहर मिलाया था। अगर उसने वह रोटी आग में जलाकर नष्ट की नहीं होती तो उसका बेटा उस रोटी को खा लेता और अंजाम होता उसकी मौत और इसका मतलब अब उसे उन शब्दों का मतलब बिलकुल स्पष्ट हो चूका था – जो तुम बुरा करोगे वह तुम्हारे साथ रहेगा और जो तुम अच्छा करोगे वह तुम तक लौट आएगा। किसी ने सही कहा है जो व्यवहार आपको दुसरो से पसंद न हो, ऐसा व्यवहार आप दुसरो के साथ भी न करे।

 

उम्मीद है आपको यह कहानी छोटी सोच और गलत व्यवहार | Motivational Story in Hindi जरूर पसंद आई होगी अगर पसंद आए तो इसे अपने दोस्तों के साथ भी शेयर करें।

 

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