मेरा आखरी कॉल: Sad Love Story in Hindi

इस लव स्टोरी में (Sad Love Story in Hindi) मैंने एक लड़के की तरफ से बोला है तो उम्मीद करते हैं आपको यह लव स्टोरी (Sad Love Story in Hindi) जरूर अच्छी लगेगी।

 

Mera Akhri Call Sad Love Story in Hindi 

आज मैं बहुत खुश था, और हो भी क्यों न चार साल बाद अभिषेक से मिलने जा रहा था। अभिषेक मेरे बचपन का दोस्त है। मुझे देखकर आज वह कितना खुश होगा यह सब सोचते हुए मैं अपने दोस्त के घर पहुंचा। मैंने गेट की बेल रिंग करि, तभी अभिषेक ने गेट खोला और मुझे बाहर खड़ा देख गले से लगा लिया और बोला, “कहाँ था इतने दिन तक?” मैंने अभिषेक को जवाब दिया, “बस यार काम में बिजी था।”

 

हम दोस्तों ने काफी देर तक बातें की, तभी अभिषेक की पड़ोस वाले घर में मुझे एक लड़की दिखी। मैंने पूछा, “अभिषेक यह लड़की कौन है?” राहुल बोला, “बस कोई नहीं यार अभी आई है यहाँ रहने। चल हम दोनों घूमने चलते है, काफी टाइम हो गया साथ में नहीं घूमे है दोनों।

 

मैं और अभिषेक दोनों साथ में घूमने चले गए। काफी देर मौज मस्ती करने के बाद मैं अपने घर वापस आ गया। पर अब भी मुझे वह लड़की याद आ रही थी, शायद मुझे उससे प्यार हो गया था। पर मेरे दिल को अभी भी कन्फूशन थी।

 

अगले दिन मुझे वह लड़की पास के एक mall में दिखी और इत्तेफाक से वह लड़की मेरे पास आई और बोली, “मैं यहाँ नई हूँ, क्या तुम मुझे यहाँ की थोड़ी बहुत चीजे बता दोगे? मुझे यहाँ ज्यादा कुछ पता नहीं है।” मैंने कहा, “क्यों नहीं।” फिर मैं और वह लड़की दोनों साथ में mall घूमने लगे।

 

थोड़ी देर घूमने के बाद मैंने उससे पूछा, “चलो कुछ खा लेते हैं।” पर उसने मना कर दिया। मैंने कहा, “मुझे बहुत जोर की भूख लगी है, please कुछ खा लेते हैं।” तो फिर वह मान गई और उसने हाँ कर दिया। हम दोनों एक रेस्टुरेंट में खाना खाने गए। मैंने कुछ खाने का order दिया पर अभी खाना आने में कुछ समय था।

 

मैंने हिम्मत करके उस लड़की से उसका नाम पूछा, “क्या नाम है तुम्हारा?” उसने मुझे जवाब दिया, “मेरा नाम पप्रिया है।” मैंने प्रिया से पूछा, “तुम अभिषेक की पडोसी हो न?” प्रिया बोली, “हाँ पर तुम्हे कैसे पता?” मैंने कहा, “नहीं कुछ नहीं! अभिषेक मेरा बचपन का दोस्त है मैंने कल तुम्हे वहां देखा था।” इतने में वेटर वहां खाना लेकर आ गया। कुछ देर साथ बैठकर हमने खाना खाया और थोड़ा समय साथ बिताने के बाद पप्रिया ने मुझे कहा, “काफी late हो गया है।” मैंने कहा, “हाँ मैं आपको घर छोड़ देता हूँ।” मैंने प्रिया को घर तक छोड़ दिया, प्रिया ने मुझे bye कहा।

 

मैंने कुछ हिम्मत करके बोला, “अब तो हम शायद दोस्त बन गए होंगे, तो तुम अपना नंबर तो दे ही सकते हो।” प्रिया ने मुस्कुराते हुए मुझे अपना नंबर दिया और बोली, “bye फ़ोन पर बात करते हैं।”

 

मैं कुछ देर बाद अपने घर पर पहुंच गया। थोड़ी देर के बाद मेरे फ़ोन की रिंग बजी। मैंने फ़ोन उठाया, “hello कौन?” फ़ोन के दूसरे तरफ आवाज आई, “hello अरुण मैं प्रिया बोल रही हूँ।” मैंने एक्साइटेड होते हुए कहा, “ओह प्रिया!! कैसी हो? क्या कर रही हो? घर पर किसी ने कुछ पूछा तो नहीं न?” प्रिया ने जवाब दिया, “अरे अरे हम अभी तो मिले थे मैं ठीक हूँ।” फिर मैंने और प्रिया ने कुछ देर तक फ़ोन पर बातें की।

 

असेही रोज मेरे और प्रिया की बातें होने लगी। हम घंटों तक बातें करते मैसेज करते  और साथ में घूमने जाया करते। इस बीच प्रिया को भी मुझसे प्यार हो गया था। प्रिया ने मुझे एक दिन बोला, “मैं तुमसे कुछ कहना चाहती हूँ।” मैंने भी उससे कहा, “मैं भी तुमसे कुछ कहना चाहती हूँ प्रिया।”

 

प्रिया ने कहा, “बोलो क्या बोलना है।” मैंने कहा, “प्रिया, मैंने जब से तुम्हे देखा है मेरे दिल में तब से एक अजीब सी हलचल होने लगी है शायद मुझे तुमसे प्यार हो गया है, i love you….” मैंने प्रिया को प्रपोज़ कर दिया।

 

प्रिया ने हँसते हुए हाँ कर दिया और हम दोनों एक दूसरे के गले लग गए। फिर हमारा रिश्ता वक्त के साथ गहरा होता चला गया। आज प्रिया ने मुझे एक chain दिया जिसमे प्रिया  की photo थी और कहा, “जब भी मेरी याद आए तो इसे देख लेना और इसे हमेशा अपने  दिल के पास रखना।”

 

मैंने वह chain पहन ली। कुछ दिन बाद प्रिया का जन्मदिन भी आने वाला था और हमारे रिश्ते को भी अब दो साल हो गए थे। मैंने प्रिया के जन्मदिन के लिए एक गिफ्ट ख़रीदा था। मैंने उससे कहा कि अब हमें शादी कर लेनी चाहिए। प्रिया ने कहा, “ठीक है, मैं अपने घर में बात करुँगी।”

 

मुझे यकीन था कि प्रिया के घरवाले मान जायेंगे मैं उस रात ख़ुशी के मारे सो न सका कि अब हम दोनों एक साथ रहेंगे पूरी जिंदगी साथ  बिताएंगे।

 

अगले दिन प्रिया का फ़ोन आया, “hello अरुण।” उसकी आवाज थोड़ी अजीब सी लग रही थी। मैंने डरते हुए पूछा, “तुम ठीक हो  प्रिया?” उसने कहा, “हाँ मैं ठीक हूँ। ” मैंने पूछा, “फिर तुम्हारी आवाज अजीब सी क्यों आ रही है?” प्रिया ने थोड़ा रूककर कहा, “अरुण अब हम दोनों कभी नहीं मिल सकेंगे, मेरी मम्मी ने शादी से इंकार कर दिया मैं अब तुम्हारे साथ शादी नहीं कर सकती।” घबराती हुई आवाज में मैंने कहा, “पर प्रिया हमारे चार साल के रिश्ते को तुम ऐसे कैसे तोड़ सकते हो, तुम्हे पता है न मैं तुम्हारे बिना नहीं रह सकता।”

 

“नहीं अरुण  मेरी मम्मी ने मुझे कसम दी है कि अगर तुमने उस लड़के से बात की तो मेरा मरा हुआ मुँह देखोगी। अरुण मुझे माफ़ कर दो तुम कहीं और अपनी जिंदगी देख लो और किसी दूसरे लड़की से शादी कर लो।” इतना कहते हुए प्रिया ने फ़ोन रख दिया।

 

मैंने दोबारा प्रिया को फ़ोन किया पर अब उसका फ़ोन बंद आ रहा था। मैंने कई दिन तक उसको कॉल किए मैसेज किए पर उसका कोई जवाब नहीं आया। मेरे आँखों से सिर्फ हर रोज आँसुओ की बौछार निकलती थी। क्यूंकि मैं प्रिया के बिना नहीं रह सकता था।

 

एक साल बीतने के बाद मेरे पास प्रिया का कॉल आया। मैंने फ़ोन उठाया  और कहा, “hello कौन?” उस तरफ से आवाज आई, “hello अरुण मैं प्रिया बोल रही हूँ।” मैंने कहा, “हेलो प्रिया कैसी हो तुम कहाँ हो पता है मैंने तुम्हे कितने कॉल कितने मैसेज किए पर तुमने मुझे एक भी बार रिप्लाई नहीं किया। मैं तुम्हारे लिए कितना डर रहा हूँ। Are you ok?”

 

अरुण ने घबराती हुई आवाज में फिरसे पूछा, “please मुझे जवाब दो।” प्रिया ने  उसे कहा, “मेरी शादी हो चुकी है अरुण मैंने दूसरी जगह शादी कर ली है और मैंने तुम्हे यही बताने के लिए फ़ोन किया है कि आज के बाद मुझसे मिलने की कोशिश मत करना और न मुझे कांटेक्ट करने की कोशिश करना क्यों की मैं नहीं चाहती कि तुम्हारी बजह से मेरी लाइफ ख़राब हो।”

 

मेरी आंखे नम हो गई। मानों मेरे दिल पर मुसीबतों का पहाड़ टूट गया हो। मैंने प्रिया को सिर्फ तीन ही शब्द कहें, “तुम खुश रहो।”  फिर फ़ोन रख दिया। फिर न कभी मैंने प्रिया को कॉल किया न मैसेज और यह मेरी और प्रिया की आखरी कॉल थी। और यहीं हमारे प्यार का भी अंत हो गया।

 

उम्मीद करते हैं आपको यह मेरा आखरी कॉल: Sad Love Story in Hindi जरूर पसंद आई होगी, अगर पसंद आए तो शेयर और कमेंट भी जरूर करे।

 

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