मन के ऊपर जीत

मन के ऊपर जीत | Man Ke Upar Jeet Kahani in Hindi

 

मन के ऊपर जीत Man Ke Upar Jeet Kahani in Hindi

 

मन के ऊपर जीत

सागर नाम का एक लड़का था। उसे दौड़ने का बहुत शौक था। वह कई मैराथन में हिस्सा भी ले चूका था परन्तु वह किसी भी रेस को पूरा ही नहीं कर पाता था। एक दिन उसने ठान ही लिया कि चाहे जो कुछ भी हो जाए वह रेस पूरी जरूर करेगा।

 

अब रेस शुरू हुई। सागर ने भी दौड़ना शुरू कर दिया। सारे प्रतियोगी आगे निकल गए मगर सागर थक गया और वही रुक गया। फिर उसने खुद से बोला, “अगर मैं दौड़ नहीं सकता तो कमसेकम चल तो सकता हूँ।” उसने ऐसा ही किया और धीरे-धीरे चलने लगा। मगर वह आगे जरूर बढ़ रहा था।

 

अब सागर बहुत थक चूका था। निचे भी गिर पड़ा और उसने खुद को फिर बोला की अब वह जरूर आगे बढ़ेगा चलता रहेगा और कैसे भी करके आज दौड़ को पूरी जरूर करेगा।

सागर जिद करके वापस उठा। लड़खड़ाते हुए कदमों से आगे बढ़ा। लड़खड़ाते कदमों से आगे बढ़ता हुआ उसने रेस भी पूरा किया। वह हार चूका था लेकिन उसने पहलीबार किसी रेस को पूरा किया था। आज उसका विश्वास चरम सीमा पर था। आज से पहले रेस को पूरा ही नहीं कर पाया था।

 

वह जमीन पर पड़ा हुआ था। उसके पैरों के मांसपेशियों में बहुत खिंचाव आ चूका था। लेकिन आज वह बहुत खुश था। क्यूंकि आज वह हार कर भी जीत चूका था। मन के ऊपर जीत हासिल कर चूका था।

 

तो फ्रेंड्स कभी-कभी ऐसा भी होता है हम ये सोचकर काम को करते ही नहीं है कि ये कार्य हमसे नहीं होगा मैं ये कार्य नहीं कर पाऊंगा। हमे ऐसा नहीं सोचना है चाहे छोटे-छोटे कदमों से आगे बढ़ते रहे दौड़ नहीं सकते मत दौड़े लेकिन छोटे-छोटे नन्हें-नन्हें कदम आगे जरूर बढ़ाए। ऐसा करने से एक दिन हमारी विश्वास की अवश्य जीत होगी। जब हम अपने मन को जीत लेते हैं दुनिया की सारी चीजे हम हासिल कर पाते हैं। सफलता का यही नियम है आगे बढ़ता रहना।

मन के ऊपर जीत  Man Ke Upar Jeet Kahani in Hindi, आपको यह कहानी कैसी लगी हमें कमेंट के द्वारा जरूर बताए और अगर पसंद आए तो इसे अपने दोस्तों और परिवारजनों के साथ भी जरूर करिएगा। 

 

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