एक चीते की कहानी

एक चीते की कहानी

एक चीते की कहानी Ek Cheete Ki Kahani

 

चीते की कहानी

एक चीते का बच्चा अब धीरे-धीरे बढ़ा हो रहा था। और कुछ ही समय मेंवह अपने दम पर जंगल में शिकार के लिए जाता है। बहुत मेहनत के बाद भी उसे शिकार नहीं मिल पाता और वह निराश होकर अपने घर वापस आ जाता है।

दूसरे दिन फिर वह शिकार के लिए जंगल में जाता है तो रास्ते में एक लकड़बग्घा दिखाई देता है। और वह उस नौजवान चीते से कहता है, “कहाँ जा रहे हो बेटा।”

चीता कहता है, “शिकार के लिए जंगल में जा रहा हूँ।”

यह सुन लकड़बग्घा चीते पर हँसता है और कहता है, “अरे अभी तुम शिकार के लिए बहुत ही छोटे हो। यह तुम्हारे हंसने खेलने के दिन है। तुम्हारे अंदर वो शिकार का अनुभव ही नहीं है और तुम शिकार ही नहीं कर पाओगे। तुम जाओ और अभी खेलो, कूदो, आराम करो।”

इतना कहकर वह हँसता हुआ वहां से चला जाता है।

और वह चीता उसे आज शिकार करना था लेकिन लकड़बग्घे की बातें सुनकर वह उदास हो जाता है और वह पुरे दिन उदास होकर इधर-उधर घूमता रहता है और वह एक दो बार शिकार के लिए कोशिश भी करता है लेकिन उसे सफलता नहीं मिलता। और वह उदास होकर वापस घर चला आता है।

अगले दिन फिरसे शिकार के लिए वह जगंल की तरफ निकलता है। उस दिन रास्ते में उसे एक बन्दर मिलता है।

बन्दर कहता है, “कहाँ जा  रहे हो बेटा?”

चीता कहता है, “मैं आज खुद से शिकार करने के लिए जंगल में जा रहा हूँ। और मुझे आज किसी भी तरह से शिकार करना है।”

बन्दर उसे कहता है, “बहुत सही। तुम्हारे गति और तुम्हारे ताकत के दम पर तुम एक बेहद ही होशियार शिकारी बन सकते हो और यक़ीनन तुम्हे शिकार करने में सफलता हासिल होगी।”

इतना सुनते ही चीता अपने अंदर जोश, जूनून और उत्साह से भर गया और वह जंगल में आगे शिकार के लिए निकल पड़ा। और बहुत ही कम समय में वह एक छोटे से हिरण का शिकार करने में कामियाब हो गया।

इस कहानी से हमें तीन चीजे सिखने को मिलती है –

  • दुसरो को प्रेरित करे, मोटीवेट करे। जब आप दुसरो को मोटीवेट करते हैं तो उसके अंदर एक सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और वह अधिक ताकत और क्षमता से काम कर सकता है।
  • हमें जितनी भी नेगेटिव लोग है उनसे दुरी बनाई रखनी है तभी हम अपने जीवन में कुछ अच्छा कर पाएंगे। जिस प्रकार उस लकड़बग्घे ने चीते को निराश कर दिया था उसी तरह के नकारात्मक लोगों से हमें दुरी बनाई रखनी है।
  • हम खुद के बारे में क्या सोचते हैं यह बहुत महत्वपूर्ण है। हमेशा खुद को सकारात्मक बनाए रखने का प्रयास करे, खुद को अंदर से ताकतपर महसूस करे, खुद को बार-बार कहे कि मैं यह कर सकता हूँ मेरे अंदर अद्भुत शक्तियों का भंडार है। इससे हम सकारात्मक ऊर्जा महसूस कर पाएंगे।

 

आपको यह कहानी कैसी लगी हमें कमेंट करके जरूर बताए और अगर आपके पास भी असेही कोई कहानियां है तो आप हमें भेज सकते है Guest Post के माध्यम से। हम उस कहानी को आपके नाम और आपके ब्लॉग के साथ अपने साइट पर पब्लिश करेंगे। धन्यवाद।

 

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