तितली का संघर्ष | Struggle of Butterfly Story in Hindi

तितली का संघर्ष | Struggle of Butterfly Story in Hindi

दोस्तों कठिनाइयां हमारे जीवन का एक ही पहलु है। हमें उनसे घबराना नहीं चाहिए और न ही पीछे हटना चाहिए बल्कि हमें उनका डटके सामना करना चाहिए और लाइफ में आगे बढ़ते रहना चाहिए, इसी बात को आज मैं आपको तितली का संघर्ष (Struggle of Butterfly Story in Hindi) इस कहानी के जरिए समझाने वाली हूँ।

 

तितली का संघर्ष

Struggle of Butterfly Story in Hindi

एक बार एक आदमी ने तितली का एक कोकून। देखा वह आदमी वहीं बैठ गया और देखने लगा कि कैसे एक बहुत छोटी तितली कोकून के छेद से बाहर आने की कोशिश कर रही है। उस आदमी को लगा कि वह तितली कोकून से बाहर नहीं आ पा रही। उस आदमी ने तितली का सहायता करने का निश्चय किया। उसने एक कैंची ली और बचे हुए कोकून को हटा दिया। फिर तितली आसानी से बाहर आ गई। लेकिन उसका शरीर सुजा हुआ और पंख छोटे और सूखे हुए थे।

 

वह आदमी वहीं बैठा रहा और इंतजार कर रहा था कि कब तितली के पंख खुलेंगे और वह उड़ पाएगी। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। वह तितली अब जीवन भर के लिए उड़ने में असमर्थ थी। वह अपने छोटे पंखो और सूजे हुए शरीर के साथ बस रेंग सकती थी।

 

 

वह आदमी दया से भरा हुआ था। लेकिन वह कोकून के स्वभाव को नहीं समझ पाया। उस तितली को बाहर आने के लिए चूजना बहुत जरुरी था। क्यूंकि यह एक नेचुरल  प्रक्रिया है जिसे द्रव्य तितली के शरीर से उसके पंखो में प्रवाहित होता है। इस प्रक्रिया के द्वारा तितलियों के  पंख उड़ने के लिए तैयार होते है।

 

इस कहानी का मतलब यही है कि कठिनाइयां हमें मजबूत बनतीं है, बिना कठिनाइयों के हम कभी सफल नहीं हो सकते और न ही मजबूत बन सकते है। हमारे लिए यह जरुरी है कि हम जीवन में आगे आने वाली  स चुनौतियों को स्वीकार करे और किसी के  सहायता के भरोसे न बैठे।

 

 

हमें उम्मीद है कि आपको यह कहानी जरूर अच्छी लगी होगी अगर अच्छा लगे तो इस कहानी को अपने दूसरे दोस्तों के साथ भी जरूर शेयर करे और कमेंट करके जरूर बताए की आपको कहानी कैसी लगी।

 

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