Robert The Doll Real Story in Hindi

Robert The Doll Real Story in Hindi | रोबर्ट एक शापित गुड़िया

 

Robert The Doll Real Story in Hindi | रोबर्ट एक शापित गुड़िया

तो दोस्तों आपने एनाबेले के बारे में तो जरूर सुना होगा और आपने इसकी फिल्म भी देखि होगी। तो आज मैं आपको एनाबेले जैसी ही एक शापित गुड़िया के बारे में बताने जा रही हूँ। इस गुड़िया का नाम रोबर्ट है और आज हम इसी के बारे में ही जानेंगे कि आखिर ये नाम इस गुडिये को कैसे पड़ा और इसकी पीछे छुपी कहानी के बारे में।

 

Robert The Doll Real Story in Hindi

यह कहानी शुरू होती है सन 1800 से, जब थॉमस ओटो और उनका परिवार फ्लोरिडा के एक घर में रहने आते हैं। थॉमस का एक बेटा भी रहता है जिसका नाम रोबर्ट होता है है। रोबर्ट की माँ ने उसके देखभाल के एक औरत को रखा था। पर वह इस बात से अनजान थी कि वह औरत अच्छी नहीं है। फिर एक दिन रोबर्ट की माँ ने उस औरत को अपने घर के पीछे आंगन में काला जादू करते हुए देख लिया और उस औरत को घर और नौकरी दोनों से ही निकाल दिया।

 

उस औरत ने घर छोड़ने से पहले एक गुड़िया रोबर्ट को दी थी, जो करीब 3 फिट लंबा था। उस गुड़िया के आंख में बटन लगे हुए थे और उसके बाल किसी इंसान के थे। असली कहानी तो यहाँ से शुरू होने वाली थी। रोबर्ट ने उस गुड़िया को अपना ही नाम रोबर्ट दिया। तभी से उस गुड़िया का नाम रोबर्ट पड़ा। रोबर्ट उस गुड़िया को अपने साथ हर जगह ले जाने लगा था। रोबर्ट कभी उसे बाजार ले जाता, तो कभी अपने साथ डाइमिंग टेबल पर बैठाता और तो और और वह उस गुड़िया को अपने साथ सुलाने भी लगा था।

 

रोबर्ट और उस गुड़िया का यह रिश्ता बहुत जल्द एक अजीब रूप लेने वाला था। रोबर्ट के माता-पिता ने कई बार खिलोने वाले कमरे में रोबर्ट को उस गुड़िया से बात करते हुए देखा था। घर के सामान अक्सर फैले हुए रहते थे, जिसके कारण रोबर्ट को उसके माता-पिता से डांट भी खानी पड़ती थी।

 

रोबर्ट के माता-पिता को यह लगता था  कि यह सब उनके बेटे रोबर्ट ही करता था रोबर्ट अक्सर कहा करता था कि यह सब रोबर्ट ने किया। वह उस गुड़िया के बारे में बताया करता था पर तब उसकी बात को मजाक समझा जाता था। धीरे-धीरे उनके माता-पिता को यह बात समझ आने लगी कि यह सब वह गुड़िया ही करती थी। कहा तो यह भी जाता था कि रोबर्ट को एक जगह रखने से वह अपनी जगह बदल लेता था और दूसरी जगह पर मिलता था। वह गुड़िया रात को उठता था और सामान बिखेर देता था और बड़ी अजीब अजीब सी आवाज भी निकाला करता था।

 

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सबके सो जाने के बाद वह गुड़िया रात को इधर-उधर घुमा करता था। रोबर्ट के पिता थॉमस ओटो और जब उनकी माँ ने कुछ रिश्तेदारों को उस रोबर्ट गुड़िया की बात बताई तो उनके रिश्तेदारों ने इसे कई बंद कर देने को कहा। फिर रोबर्ट के माता-पिता ने एक अटारी में उस गुड़िया को रख दिया। धीरे-धीरे रोबर्ट बड़ा होता होता गया और फिर उसकी शादी भी हो गई। रोबर्ट अपनी जगह का एक जाना माना कलाकार बन चूका था।

 

रोबर्ट गुड़िया कई सालों तक उस अटारी में ही पड़ा हुआ था। पर नियति को शायद कुछ और ही मंजूर था। फिर रोबर्ट ने उस गुड़िया को अटारी से बाहर निकाल दिया। फिर एक बार सब पहले जैसे शुरू हो गया था। रोबर्ट की पत्नी को वह गुड़िया बिलकुल भी पसंद नहीं थी, जिसकी बजह से रोबर्ट और उनकी बीच फटास आने लगी। फिर एक दिन रोबर्ट की पत्नी उस गुड़िया को फिरसे अटारी में रख देती है। कुछ दिनों बाद रोबर्ट की पत्नी पागल हो जाती है और फिर कुछ कारण से उनकी मौत भी हो जाती है।

 

उनकी पत्नी के मौत के बाद, कुछ दिनों बाद रोबर्ट की भी मौत हो जाती है। अब उस घर का कोई मालिक नहीं रहता और न ही उस घर में कोई रहता है, सिवाय उस रोबर्ट गुड़िया के। अब वह गुड़िया घर में अकेली रहने लगती है। आसपास के कई लोगों ने खिड़की से रोबर्ट को हँसते हुए भी देखा था। कई लोगों ने रोबर्ट पर हमला भी किया था। इसके बाद एक नया परिवार उस घर में रहने आता है। उस घर से उन्हें वह गुड़िया मिलती है, जिसे वह अपनी 10 साल की बच्ची को गिफ्ट के रूप में दे देते हैं।

 

उस परिवार के साथ भी फिर अजीब अजीब घटनाएं घटना शुरू हो जाती है। वह लड़की बताती है कि जब वह सो रही थी तो वह रोबर्ट गुड़िया उसके सीने में आकर बैठ गया और उसका गला दबाने लगा था। रोबर्ट को कई बार चाकू के साथ घर के मालिक के पैर के पास पाया गया था। इस घटना के बाद उस परिवार ने भी घर छोड़ दिया फिर रोबर्ट गुड़िया को की वेस्ट के मार्टेलो म्यूजियम में बेच दिया गया, जहाँ उसे एक कांच के बक्से में रखा। इसके बावजूद उस गुड़िया के खतरनाक हरकतें कम नहीं हुए।

 

 

एक बार उस म्यूजियम के कर्मचारी ने रोबर्ट को साफ किया और सभी लाइट्स बंद करके चला गया। अगले दिन जब वह आया, तो उसने देखा कि रोबर्ट एक जगह से दूसरी जगह चला गया था। म्यूजियम में घूमने आए लोगों और वहां के कर्मचारियों ने कई बार रोबर्ट को हिलते हुए देखा है। कुछ लोगों का कहना है कि अगर किसी को ही उस रोबर्ट की फोटो लेना हो तो पहले उसे पूछना पड़ता है। अगर रोबर्ट मुंडी हिलाकर हाँ कहता है तभी ही उसकी फोटो लिया जा सकता है। उसकी मर्जी के बिना फोटो खींचने पर रोबर्ट का श्राप उस व्यक्ति को लग जाता है और उसके साथ सब बुरा होने लगता है।

 

ऐसा ही अगर कोई रोबर्ट का मजाक बनाकर उस पर हँसता है तो भी उसका श्राप लग जाता है। आज भी यह रोबर्ट डॉल उस म्यूजियम में रखा हुआ है और कई लोग इसे दूर-दूर से देखने आते हैं।

 

तो दोस्तों यह थी शापित गुड़िया रोबर्ट की सच्ची कहानी Robert The Doll Real Story in Hindi, उम्मीद करते हैं आपको यह लेख पसंद आया होगा अगर पसंद आए तो शेयर जरूर करिए।

 

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