लॉरेंस बिश्नोई एक खतरनाक गैंगस्टर

लॉरेंस बिश्नोई एक खतरनाक गैंगस्टर | Lawrence Bishnoi Real Story and Biography in Hindi

आज हम आपको बताने जा रहे हैं लॉरेंस बिश्नोई के बारे में जो की एक जाने माने खतरनाक गैंगस्टर रह चुके है। तो चलिए जान लेते हैं लॉरेंस बिश्नोई की बायोग्राफी।

 

Lawrence Bishnoi Story and Biography in Hindi

 

पंजाब और हरियाणा के सबसे खतरनाक गैंगो में से एक का लीडर लॉरेंस बिश्नोई का जन्म 1991 में हुआ था। यह स्टूडेंट आर्गेनाइजेशन ऑफ़ पंजाब यूनिवर्सिटी नामक संगठन का कार्य करता है। यह खुदको डिफरेंट स्टाइल में समाज सेवा करने का दावा करता है। लॉरेंस अपने गैंग का संचारण जेल से ही करता है।

 

यह जेल के अंदर विदेशी शिम काम में लेकर सारे संदेश व्हाट्सप्प के जरिए भेजता है। लॉरेंस पर जोधपुर के एक ट्रेवल एजेंसी के मालिक और डॉक्टर के घर फायरिंग करने का आरोप है। आंनद पाल की तरह ही गैंगस्टर लॉरेंस के पास भी एक अच्छा खासा समर्थन है। इसके पास करीब 7 करोड़ रूपए की पुस्तैनी जमीन है। लेकिन शान और सोहकत में रहना उसे जुल्म की दुनिया में खिंच लाया।

 

इसके पास महंगे पिस्तौल और बंदूकों का जखीरा भी है। इसके फेसबुक प्रोफाइल के तस्वीरों से मालूम पड़ता है कि यह भगत सिंह समेत कई क्रांतिकारियों को अपना आदर्श मानता है। कहा जाता है कि लॉरेंस आंनद पाल जितना ही खतरनाक है। जिस तरह आनंद पाल पकड़े जाने पर पुलिस के हिरासत से फरार हुआ था ठीक वैसे ही लॉरेंस पंजाब पुलिस के हिरासत से फरार हुआ था।

 

17 जनुअरी 2015 को किसी मामले में लॉरेंस की अबोहर में पेशी थी। पेशी के बाद पुलिस कर्मचारी के चार जवान उसे वापस ले जा रहे थे। इसी बीच उन्होंने पुलिसवालो से कहा कि उसे भूख लगी है। पुलिस वाले एक धावे पर खाना खाने के लिए रुक गए। यहाँ पर पहले से ही उसके चार साथी प्लान के हिसाब से वहां मौजूत थे जो उसे कार में भगाकर ले गए।

 

 

नवंबर 2015 में जब कोर्ट को लगा कि पुलिस लॉरेंस को पकड़ने में असमर्थ है तब वीडियो कॉनफेरेन्स की द्वारा कोर्ट की कारवाही को आगे बढ़ाया गया। कुछ समय बाद लॉरेंस को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। कोर्ट ने लॉरेंस और उनके साथि को दो दो साल की सजा सुनाई और चार चार हजार का जुरमाना लगाया।

 

कोर्ट ने दोनों को सजा केवल दंगा करने और चोट पहुंचाने के आपराधिक धाराओं में सुनाई है। दोनों के खिलाफ हत्या की प्रयास की धारा साबित नहीं हो सकी।

 

जेल में रहने के बावजूद उसने अपने गैंग को सक्रिय रखा और उसे फैलाता रहा। आज उसकी उम्र 26 साल है और उस पर 30 से भी ज्यादा केस चल रहे हैं। लॉरेंस जेल में रहने के बावजूद व्हाट्सप्प से अपनी गैंग का संचालन करता है। लॉरेंस की सप्पोर्टस की संख्या दिन व दिन बढ़ती ही जा रही है जो की स्थानीय प्रशासन के लिए चिंता का विषय है।

 

 

लॉरेंस गैंग के पास हतियारो का जकीरा मौजूत है इससे गैंग और भी ज्यादा खतरनाक होती है। पर लॉरेंस के मुताबिक वह सिर्फ उन जरूरतमंद लोगों की मदद करते हैं जिनको सिस्टम से इंसाफ नहीं मिलता।

 

तो कुछ इस तरह है लॉरेंस बिश्नोई की कहानी। उम्मीद करते हैं आपको यह लेख जरूर पसंद आया होगा अगर पसंद आए तो फिर शेयर जरूर करें और इस ब्लॉग को सब्सक्राइब भी जरूर कीजिए।

 

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