Shree Ram And Squirrel Story in Hindi

Shree Ram And Squirrel Story in Hindi | दिल को छूने वाली श्री राम की कहानी

 

श्री राम की कहानी

Shree Ram And Squirrel Story in Hindi

बड़े ही हौसले और उत्साह के साथ श्री राम जी की वानर सेना रावण को हराने और माता सीता जी को रावण के कैद से मुक्त कराने के लिए लंका की ओर बढ़ रही थी पर तभी उसका रास्ता एक विशाल समुद्र ने रोक लिया। श्री राम समुद्र देव से रास्ता पाने के लिए तपस्या करने लगे।

 

समुद्र देव जी की तपस्या करते हुए तीन दिन बीत गए थे। इतने में लक्ष्मण जी का धैर्य जवाब देने लगा और उन्होंने श्री राम को महर्षि विश्वमित्र जी का दिया हुआ वह बाण दिया जिनसे वह पुरे समुद्र को ही सूखा सकते थे। जैसे ही श्री राम ने तीर कमान उठाया इतने में समुद्र  देव प्रकट हुए। उन्होंने श्री राम को ऐसा न करने के लिए कहा और उन पर से सेतु बनाकर जाने का विचार दिया।

 

 

श्री राम की वानर सेना सेतु बनाने के लिए। वे चट्टानों पर श्री राम लिखते और बाकि के वानर उन्हें समुद्र में उठाकर रखते। श्री राम का नाम लिख मात्र सभी चट्टान पानी में तैरने लगे। इस तरह वे सेतु बनाने लगे। इतने में श्री राम ने देखा एक छोटी सी गिलहरी अपने दंत पर गीली मिटटी लगाकर छोटे-छोटे कंकर भरके सेतु की बड़ी-बड़ी चट्टानों के दरारों में से निकलती और वहाँ मुँह से कंकर फेंकती।

 

श्री राम उस छोटी सी गिलहरी का भक्तिभाव देखकर काफी प्रसन्न हुए। इतने में एक वानर अपनी पीठ पर एक भार लाते हुए आया। उसने जब अपने पैरों के निचे उस गिलहरी को देखा तो गिलहरी को बचाने के चक्कर में निचे गिर पड़ा। वानर ने गिलहरी को बीच में बाधा न बनने को कहा और वहाँ से चला गया।

 

 

जब दूसरी बार वानर चट्टानें लेकर आया तो उसने गिलहरी को उन्ही दरारों में देखा। उसने गुस्से में आकर गिलहरी को पकड़ा और दूर फेंक दिया। वह गिलहरी सीधा श्री राम के पास आ गिरा। श्री राम ने गिलहरी को उठाया और पुरे वानर सेना के सामने आकर कहा, “हे वानर तुम बहुत ही बहादुर और बलशाली हो और इन सभी विशाल पत्थरों को दूर से लाकर समुद्र में गिराने का अद्भुत काम कर रहे हो। लेकिन क्या आपने ध्यान दिया है कि यह छोटी सी गिलहरी द्वारा लायी गई मिटटी और छोटे-छोटे पत्थर उन दरारों पर खाली जगहों को भर रहे हैं जो इस सेतु को कमजोर बनाएंगी। मिटटी और छोटे-छोटे पत्थर इस सेतु को बांधकर रखेंगे जिस कारण हमारी यह विशाल सेना लंका पहुंच सकेगी।” यह कहकर श्री राम ने उस गिलहरी की पीठ पर अपनी उंगलिया सहलाई जिनसे उन गिलहरियों के पीठ पर हमेशा के लिए तीन सफ़ेद रंग की रेखाएं बन गई।

 

तो यह थी श्री राम की दिल चुने वाली एक कहानी (Shree Ram And Squirrel Story in Hindi) उम्मीद करते हैं आपको यह कहानी जरूर ही पसंद आई होगी अगर पसंद आए तो शेयर जरूर करे और असेही और भी कहानियां पढ़ने के लिए इस ब्लॉग  सब्सक्राइब भी करे।

 

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