आखिरी काम | Motivational Story in Hindi

आखिरी काम | Motivational Story in Hindi

यह एक प्रेरणादायक कहानी है (Motivational Story in Hindi) और इस कहानी का नाम है “आखिरी काम” उम्मीद है आपको यह कहानी जरूर ही पसंद आएगी।

 

आखिरी काम

Motivational Story in Hindi

एक बूढ़ा कारपेंटर अपने काम के लिए काफी जाना जाता था। उसके बनाए लकड़ी के घर दूर-दूर तक प्रसिद्ध थे। पर अब बूढ़ा हो जाने के कारण उसने सोचा कि बाकि की जिंदगी आराम से गुजारी जाए और वह अगले दिन सुबह-सुबह अपने मालिक के पास पहुँचा और बोला, “ठेकेदार साहेब, मैंने बर्षो आपकी सेवा की है पर अब मैं बाकि का समय आराम से पूजा-पाठ में बिताना चाहता हूँ। कृपा मुझे काम छोड़ने की अनुमति दें।”

 

ठेकेदार कारपेंटर को बहुत मानता था इसलिए उसे यह सुनकर थोड़ा दुःख हुआ। पर वह कारपेंटर को निराश करना नहीं चाहता था। ठेकेदार ने कहा, “आप यहाँ के सबसे अनुभवी व्यक्ति हैं। आपकी कमी यहाँ कोई नहीं पूरी कर पाएगा लेकिन मैं आपसे निवेदन करता हूँ कि जाने से पहले एक आखिरी काम करते जाइए।”

 

 

कारपेंटर ने पूछा, “क्या काम करना है?” ठेकेदार घर बनाने के लिए जरुरी पैसे देते हुए बोला, “मैं चाहता हूँ कि आप जाते-जाते हमारे लिए एक और लकड़ी का घर तैयार कर दीजिए।” कारपेंटर इस काम के लिए तैयार हो गया। उसने अगले दिन से ही घर बनाना शुरू कर दिया। पर यह जानकर कि यह उसका आखिरी काम है और इसके बाद उसे और कुछ नहीं करना होगा वह थोड़ा ढीला पड़ गया। पहले जहाँ वह बड़ी सावधानी से लकड़िया चुनता और कट्टा था अब बस काम चलाऊ तरीके से यह सब करने लगा।

 

कुछ एक हप्तो में घर तैयार हो गया  और वह ठेकेदार के पास पहुँचा और कहा, “ठेकेदार साहेब, मैंने घर तैयार कर लिया है अब तो मैं काम छोड़कर जा सकता हूँ।” ठेकेदार बोला, “हाँ आप बिलकुल जा सकते हैं लेकिन अब आपको अपने छोटे से पुराने घर में जाने की कोई जरुरत नहीं है क्यूंकि इस बार जो घर आपने बनाया है वह आपकी बर्षो की मेहनत का इनाम है। जाइए आप अपने  परिवार के साथ उसमे खुशहाली से रहिए।”

 

 

कारपेंटर यह सुनकर स्तब्ध रह गया। वह मन ही मन सोचने लगा कहाँ मैंने दुसरो के लिए एक से बढ़ कर एक घर बनाए और अपने घर को ही इतने घटिया तरीके से बना बैठा। काश मैंने यह घर भी बाकि घरों की तरह बनाया होता।

 

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