मुझे सब पता है | Motivational Story in Hindi

मुझे सब पता है | Motivational Story in Hindi

दोस्तों आज मैं आपको जो कहानी सुनाने वाली हूँ उसका नाम है “मुझे सब पता है  Motivational Story in Hindi” हमें यकीन है कि आपको यह प्रेरणादायक सकहानी जरूर अच्छी लगेगी।

 

मुझे सब पता है

Motivational Story in Hindi

एक बच्चा पढ़ने में  बहुत  होशियार था। वह हमेशा कक्ष में अवल आता था। लेकिन धीरे-धीरे उसको यह घमंड हो गया कि उसे सब कुछ आता  है। वह अपने दोस्तों से बात-बात पर कहता, “मुझे पता है, बताने की जरुरत नहीं है।”

 

घर पर  भी जब उसके माता -पिता उसे कुछ समझानें की कोशिश करते तो ही उसका यही जवाब होता “मुझे पता है कुछ बताने की जरुरत नहीं है।”

 

धीरे-धीरे उसके इस अहंकार से उसकी पढाई प्रभावित होने लगी। वह किताबें खोलता तो उसके अंदर से उसका अहंकार उसे पढ़ने न देता। उसे लगता कि उसे तो यह विषय आता ही है, वह पढ़कर क्या करेगा।”

 

 

धीरे-धीरे उसके शिक्षकों को भी उसका यह व्यबहार खटकने लगा। वे जब भी उसे कुछ समझाने की कोशिश करते वह हमेशा बीच में टोक देता और बोलता, “मुझे पता है, मुझे आता है।”

 

एक दिन उसके शिक्षक ने उसे समझाने के लिए एक नया तरीका निकाला। शिक्षक ने उसे अपने घर चाय पर बुलाया। जब वह शिक्षक के घर पहुंचा तो शिक्षक ने  कहा ,  “तुम थक गए होंगे बैठ  जाओ। थोड़ी चाय पिलो फिर बात करेंगे।”

 

शिक्षक अंदर से चाय ले आई। उन्होंने चाय का कप मेज पर रखा और केतली से धीरे-धीरे चाय डालने लगा। कप भर गया लेकिन वह चाय को डालता ही गया। चाय ऊपर से गिरने लगी।

 

 

बच्चे  ने कहा, “सर ठहरिए, क्या आप भूल गए कप भर गया है। इसमें जगह नहीं बचीहै फिर भी आप चाय डालते ही जा रहे हैं।” शिक्षक ने कहा ,”बेटा तुम्हे इस कप के संवंध में जितना होश है उतना अपने मन के संवंध में नहीं। तुम कप को भरते हुए देखकर तो जागे हुए हो और चिंतित हो कि अब कप में जगह नहीं बची, इसमें चाय कैसे आएगी? इसी तरह तुमने अपने मन को भी भर लिया है अब कोई तुम्हारे मन में अगर कुछ डालने की कोशिश करता है तो वह दिखेगा नहीं। तुमने अपने मन को घमंड से भर लिया है। अगर तुम्हे बढ़ा आदमी बनना है,समझदार बनना है, तुम कुछ सीखना चाहते हो तो अपने मन में सिखने की जगह बनाकर रखो। बार-बार मुझे पता है, मैं सब जानता हूँ का यह घमंड तुम्हे कभी कुछ सिखने नहीं देगा।”

 

बच्चा होनहार था। उसे शिक्षक का घर बुलाने का मकसत तुरंत समझ आ गया। इस घटना के बाद उसने अपनी आदत ही बदल ली।

 

शिक्षा – इस कहानी से हमें शिक्षा मिलती है कि अहंकार हमें सिखने से रोकता है, हमें अहंकार नहीं करना चाहिए। 

 

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