True Story of The Conjuring in Hindi | दी कंजूरिंग की असली कहानी

True Story of The Conjuring in Hindi | दी कंजूरिंग की असली कहानी

आप सभी लोगों में से ज्यादातर लोगों को यह पता होगा कि “The Conjuring” (True Story of The Conjuring in Hindi) एक सच्ची घटना पर आधारित एक फिल्म है। इस घर में एक हँसता-खिलता परिवार एक घर में रहने के लिए आता है जो की भुत पिसाच और आत्माओ की चपेट में था। हालाँकि इस फिल्म में जो कुछ भी दिखाया गया है वह कुछ हद तक सच है लेकिन इन घटनाओ की एकदम पक्की जानकारी शायद बहुत ही कम लोगों को है। तो आज हम इस लेख में “The Conjuring” की असली कहानी के बारे में बात करेंगे।

 

The Conjuring True Story in Hindi

 

सन 1970 में ठंड के मौसम में रॉजर, उसकी पत्नी कैरोलिन और उनकी पाँच बेटिया एक फार्म हाउस में रहने के लिए रवाना हुई, जो की Harrisville, Rhoad Island में स्तिथ था। यह फार्म हाउस 200 एकर में फैली हुई थी। इसे सन 1736 में बनाया गया था। साथ ही रॉजर और उसके परिवार ने यहाँ दस साल गुजारने का निर्णय लिए था।

 

उनके वहाँ जाने के कुछ ही दिन बाद से उन्हें वहाँ बास करने वाले आत्माओ का अहसास होने लगा था। ऐसी कई छोटी-छोटी घटनाएं हुई जिससे यह साफ साबित हो रहा था कि यह फार्म हाउस किसी अलौकिक शक्ति की  में है। हालाँकि शुरुवात में इस परिवार का जिस आत्माओ से सामना हुआ था वे उन्हें कुछ नुकसान नहीं पहुँचा रहे थे।

 

बच्चो के माता-पिता का कहना है कि वे आत्मा सिर्फ उनके बच्चो को खेलते हुए देखते थे। और कभी-कभी उनसे बातें भी करते थे। लेकिन कुछ ही दिनों में यहाँ की परिस्तिथियों ने एक अजीब मोड़ लिया। रॉजर और उनके के परिवार के घर में ढेर सारी असाधारण घटनाएं घटने लगी, खासतौर पर रात को यहाँ अजीब सी डरावनी आवाजे आती थी।

 

घर में दिवार पर लगे फोटोज का अपने आप गिर जाना,सामानो का जगह बदल जाना, यहाँ तक की कई बार बच्चो की बेड हवा में तैरने लगती थी। इन सारी हरकतों से यह परिवार काफी घबराने लगी। उन दिनों रात को घर के हॉल में आत्माओ का बसेरा था खासतौर पर छोटे बच्चो की आत्माएं जो की इस परिवार को रात भर सोने नहीं देती थी।

 

सब कुछ फिर भी काफी हद तक नियंत्रण में था लेकिन उसके बाद अचानक से एक ऐसी आत्मा का यहाँ आगमन हुआ जिससे यह घर बहुत ही ज्यादा भूतिया जगह में तब्दील हो गया। यह रूह जिस औरत का था उसका नाम बसिबा था। बसिबा ने बच्चो की माँ कैरोलिन को अपना निशाना बनाया और उसे शारीरिक रूप से चोट भी पहुँचाने लगी।

 

कैरोलिन के लिए यह समय बहुत ही मुश्किल का था क्यूंकि बसिबा उसे रात भर जितना हो सके उतना चोट पहुँचाती थी। एक ऐसा भी समय आया जब इस आत्मा ने कैरोलिन को बीच रात में नींद से उठाकर शैतानी आवाज में जोर-जोर से घर से बाहर जाने को बोली। ऐसा करते वक्त वह ठीक कैरोलिन के ऊपर बैठी थी।

 

इस परिवार द्वारा बताया गया है कि यह रूह देखने में बहुत ही ज्यादा डरावनी थी और इसका सिर गले की बाई तरफ लटका हुआ रहता था मानो की जैसे गर्दन को मड़ोड़कर तोडा गया हो। कैरोलिन ने ऐसा भी बताया कि वह उसे सुई या फिर असेही किसी नुकीली चीजों से बार-बार चुभाती थी और कई बार उसके बिस्तर को जमीन से हवा में तैराने लगती थी।

 

ऐसा कुछ दिनों तक चला और उसके बाद अचानक से यह सब कुछ होना बंद हो गया। बसिबा अब कैरोलिन को नुकसान पहुँचाने की बजाई उसके शरीर को अपने काबू में करने लगी थी। वह उसके शरीर में धीरे-धीरे अपना अधिकार ज़माने में कामियाब भी होने लगी थी। अगर हम बसिबा की निजी जिंदगी में झाँकने की कोशिश करे जब वह जिंदा थी तो हमें इस पहलु की हर एक कड़ी जोड़ती हुई दिखती है।

 

 

बसिबा थेयर का जन्म सन 1812 में Rhoad Island में हुआ था। 10 मार्च 1844 में बसिबा की शादी एक ऐसे व्यक्ति से हुई जिनका सरनेम Sherman था और वह लोग अपनी शादी शुदा जिंदगी बिताने इस फार्म हाउस में आए थे। बसिबा को एक बेटा था और ऐसा बोला जाता है कि बसिबा के और भी तीन बच्चे थे जो की बचपन में ही रहस्यमय तरीके से मृत अवस्था में पाए गए थे।

 

इन सारी घटनाओ के कारण गाँव में ऐसी चर्चा होने लगी थी कि बसिबा एक डायन है जो कि अपने ही बच्चो की आहुति देती है और उनके आत्माओ को शैतान के हवाले करती है। यह बातें इसलिए भी फैली जा रही थी क्यूंकि जब बसिबा की एक बेटी मृत पाई गई और स्थानीय पुलिस कर्मचारियों ने जाँच की तो उन्हें पता लगा कि उस बच्ची के सिर में किसी ने जोर से सुई चुभोई थी जिसके कारण उसकी मृत्यु हुई।

 

इस सबके बावजूद बसिबा के खिलाफ कोई सबूत नहीं मिला जिसके कारण कोई उसका कुछ नहीं बिगाड़ पाया। सन 1885 में बसिबा की मृत्यु हुई। उसने खुदको फांसी लगाकर अपनी जान दे दी। उसने ऐसा क्यों किया यह शायद कोई भी नहीं जानता।

 

बार-बार इन घटनाओ की बजह से रॉजर ने वारेन की मदद लेने की सोची। वारेन उन दिनों अपनी पैरानॉर्मल रिसर्च और थेओरीस को लेकर काफी मशहूर थे। उन्होंने कई लोगों की मदद करके उन्हें आत्माओ की चुंगल से बचाया था। जैसे ही वारेन ने उस घर में प्रवेश किया उन्हें वहाँ असाधारण शक्तियों का अहसास हुआ।

 

लोरेन वारेन को यह पता लगाते देर नहीं लगी कि कैरोलिन के शरीर में अब उसका कब्ज़ा नहीं था बल्कि किसी बहुत ही ताकतपर और शैतानी आत्मा के कब्जे में था। वररेंस ने यह तय किया कि वे पूरी घर की तहकीकात करेंगे और आत्माओ को दूर भगाएंगे। यह कदम उन पर ही भारी पड़ा क्यूंकि ऐसा करने से आत्माएं और भी चीड़ गई और घर के सामानो को इधर-उधर पटकने लगी।

 

फिल्म में हमें ऐसा दिखाया गया है कि वररेंस ने एक्सोरसिस्म की प्रक्रिया कैरोलिन पर की थी पर असलमे एड और लोरेन वारेन ने एक्सोरसिस्म किया ही नहीं था। उन्होंने सांसे नामक प्रक्रिया का इस्तिमाल किया था जिसकी मदद से कोई भी मरे हुए लोगों से एक कांटेक्ट बनाकर उनसे बात कर सकता है।

 

कैरोलिन की सबसे बड़ी बेटी एंड्रिया ने यह साफ-साफ बताया है कि वररेंस ने उस रात सांसे की प्रक्रिया का सहारा लिया जिससे यह स्तिथि और भी बत्तर हो गई। उन्होंने एक ऐसे रहस्यमय दरवाजे को खोलकर आत्माओ को बुलाया जिसे वह कभी वापस बंद ही नहीं कर पाए। इस सब घटना के पश्चात् एंड्रिया के पिता रॉजर ने वररेंस को घर से बाहर निकाल दिया था।

 

आर्थिक कमियों के कारण कैरोलिन और उसका परिवार अगले सात साल तक इस घर को छोड़ नहीं पाए और इन घटनाओ से झुझता रहा। उसके बाद उन्होंने इस घर को छोड़कर जॉर्जिया नाम के शहर में अपना नया घर बसाया लेकिन दुर्भाग्यबस यह असधारण घटनाएं उनका पीछा नहीं छोड़ी और जॉर्जिया में उनके परिवार के साथ कुछ न कुछ अनहोनी होती रही।

 

 

सन 2011 में एंड्रिया ने इन घटनाओ पर एक किताब लिखी जो की तीन भाग में उपलब्ध हुए। इस किताब का नाम “House Of Darkness House Of Light” है। 2013 में फिल्म “The Conjuring” जिसका निर्देशन जेम्स वैन ने किया था। इस फिल्म को काफी सफलता मिली। जब यह मूवी बन रही थी तब लोरेन ने इसके सीट पर जाकर अपनी सलाह दी थी ताकि इस फिल्म का वास्तविकता से संवंध जुड़ा रहे।

 

तो यह थी “The Conjuring” की असली कहानी। अगर आपको यह लेख “True Story of The Conjuring in Hindi” अच्छी लगी तो कमेंट जरूर करे और ऐसेही और भी इंट्रेस्टिंग और सच्ची कहानियां पढ़ने के लिए इस ब्लॉग को फॉलो जरूर करे और हमें सोशल मीडिया पर भी जरूर फॉलो करे। इस पोस्ट को पढ़ने के लिए धन्यवाद।

 

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