Sad Love Story in Hindi: मेरी बेकार सी जिंदगी

Sad Love Story in Hindi: मेरी बेकार सी जिंदगी

दोस्तों आज मैं आपको एक लड़की की बहुत ही सैड लव स्टोरी (Sad Love Story in Hindi) सुनाने वाली हूँ उम्मीद हैं आपको जरूर पसंद आएगी।

 

Sad Love Story in Hindi: मेरी बेकार सी जिंदगी

 

मैं एक अनाथ लड़की थी, अनाथालय में पली-बड़ी थी। 10 वीं के बाद पढाई के साथ-साथ पार्ट टाइम नौकरी भी करने लगी थी। तन्हाई और दर्द तो जैसे कभी न जाने के लिए ही मेरी जीवन में आए थे।  वैसे तो कई क्लासमेट थे मेरे, पर सायद मेरे दर्द को मुझसे अच्छा कोई भी नहीं समझ सकता था।

 

जिस लड़की की न माँ हो, न बाप हो, न कोई बहन और न कोई भाई उसके लिए जिंदगी एक सजा से कम नहीं होती हैं। न तो रोने के लिए कोई कंधा, न परेशानी हल करने के लिए किसी का साथ, उलझकर रह गई थी मैं अपनी बेकार सी जिंदगी में। न तो मुझे किसी से प्यार था और न मुझे किसी का इंतजार था लेकिन वक्त को कुछ और ही मंजूर था।

 

मैं 18 साल की हो चुकी थी। आगे की पढाई के लिए मुझे दूसरे शहर में जाना पड़ा और साथ ही पार्ट टाइम जॉब भी करने लगी। सप्ताह के छह दिन क्लासेस और ऑफिस में बीत जाते थे और संडे थोड़ा आराम कर खत्म हो जाता था। खुद के लिए तो समय ही नहीं मिलता था मुझे। कुछ पैसे सेविंग्स में चले जाते थे और बाकि के पैसे जरुरत का सामान खरीदने और कमरे का किराया देने में खत्म हो जाते थे।

 

तभी एक दिन जिंदगी ने एक नई मोड़ ली। मेरे घर के बगल में रहने एक नया पडोसी आया। वैसे तो मैंने पहले उसे नोटिस नहीं किया लेकिन धीरे-धीरे मैं उसे नोटिस करने लगी। मेरे घर से बाहर जाते वक्त और वापस घर आते समय वह अक्सर छत पर टहलता हुआ मिल जाता था।

 

उस दिन हमने एक-दूसरे से पहली बार बात की। धीरे-धीरे बातों का सिलसिला शुरू हो गया। उसने बड़े ही चालाकी से मुझसे मेरा फोन नंबर माँगा और फिर मुझसे फोन पर बात करने की परमिशन माँगी। अब हम दोनों अक्सर रात-रात भर बातें करने लगे। वह पढाई में भी मेरी मदद करने लगा।

 

 

जब मैंने पहली बार उसे i love you कहा तो उसका चेहरा देखने लायक था। सायद वह नर्वस भी था और खुश भी। उसने मुझे महंगे-महंगे गिफ्ट लाकर दिए। हमने प्यार में साथ-साथ जीने-मरने की कसमें खाई। मैं बहुत खुश थी कि मेरी तन्हाई को दूर करने वाला और मेरा ख्याल रखने वाला कोई मुझे मिल गया है। मैं सपनों की दुनिया में रहने लगी और अपने आने वाले सुनहरे कल के सपने बुनने लगी।

 

वक्त बीतने लगा। देखते-देखते 3 महीने गुजर गए। अब उसने बाइक ले ली और अब हम दोनों बाइक में घूमने जाने लगे। पर कहते हैं न कि प्यार अँधा होता है, उसके प्यार में मैं अंधी हो गई थी। एक दिन वह मुझे बाइक पर बैठाकर शहर से दूर ले गया। वह मुझे जिस जगह ले गया वह जगह बहुत ज़्यादा सुंदर थी।

 

उसने बाइक रोकी और मुझे उतरने के लिए कहा। कुछ देर तक वह खामोश रहा और फिर मुझसे कहा, “सुनो मुझे पता है की तुम मुझसे बहुत प्यार करती हो लेकिन मुझे तुमसे कुछ कहना है।” मैंने कहा, “हाँ बोलो” उसने कहा, “असलमे मैं यहाँ इस शहर में कुछ काम से आया था। मेरे घरवालों ने मेरी शादी किसी और लड़की के साथ तय कर दिया दिया हैं अब वह मुझे वापस घर बुला रहे हैं। मुझे अपने घर वापस जाना होगा। मुझे माफ कर दो मैं तुम्हारे साथ अब और नहीं दे सकता।” यह कहकर वह बाइक पर बैठा और मुझे वहाँ अकेला छोड़कर चला गया।

 

यह सुनने के बाद मैं पूरी तरह से शॉक में पड़ चुकी थी। उसने मुझे कुछ कहने का मौका ही नहीं दिया। मैं चुप होकर कुछ देर तक वहाँ खड़ी रही। सामने ही नदी था। पहला सोचा कि की अब तो कुछ बचा ही नहीं हैं मेरे लाइफ में। एक प्यार करने वाला था अब वह भी छोड़कर चला गया तो क्यों न नदी में कूदकर अपनी जान ही दे दूँ। फिर सोचा की ऐसा पागलपन करना ठीक नहीं होगा। मैंने अपनी पूरी जिंदगी अकेले बिता दी और अब जान देकर क्या फायदा। मेरी इस बेकार सी जिंदगी में मैं अकेला ही ठीक हूँ।

 

उस दिन से मेरा प्यार के ऊपर भरोसा एकदम ही उठ चूका था। मैं वहाँ से सीधे घर आ गई और सब कुछ भूलने की कोशिश करने लगा लगा। उसे भूलना मुश्किल था पर नामुमकिन नहीं। कुछ महीनो बाद मुझे एक अच्छे कंपनी में जॉब मिल गई और सैलेरी भी अच्छी थी। अब मुझे और कुछ नहीं चाहिए था। मैं अब मेरी इस बेकार सी जिंदगी में ही एक जॉब के साथ खुश रहने लगा।

 

 

तो फ्रेंड्स आपको यह लव स्टोरी “Sad Love Story in Hindi: मेरी बेकार सी जिंदगी” कैसी लगी निचे कमेंट करके जरूर बताइएगा और अगर अच्छा लगे तो शेयर भी जरूर करिएगा।

 

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