पंचतंत्र की कहानी: महान साधु जोतिपल | Great Sage Jotipal Story in Hindi

आज की इस पंचतंत्र की कहानी का नाम है “महान साधु जोतिपल | Great Sage Jotipal Story in Hindi”

 

महान साधु जोतिपल

बोधिसत्व ने एक बार पुरोहित के बेटे जोतिपल के रूप में जन्म लिया। बड़ा होकर जोतिपल बहुत कुशल धनुर्धर बना। राजा ने उसे अपनी सेना  अच्छे वेतन पर शामिल कर लिया। इससे राजा के अन्य सैनिक इर्षा करने लगे। उनका व्यवहार जोतिपल को बहुत बुरा लगता था और वह प्राय सोचने लगता, “लोग एक दूसरे से घृणा क्यों करते हैं?”

 

उसे जल्द ही समझ मे आ गया कि सारी बुराइयाँ सांसारिक मोह-माया के कारण पैदा हुई हैं। उसने संसार त्यागने और गहरा ध्यान करने का निश्चय किया। आधी रात को उसने सादा गेरुआ वस्त्र लपेटा और सत्य की खोज के लिए घर से निकल पड़ा।

 

घने जंगल के बीचोंबीच उसने अपनी कुटिया बनाई और साधु बनकर रहने लगा। जल्द  ही राजा समेत बहुत सारे लोग शिष्य बन गए और वहीं रहने लगे। आगे चलकर वही जोतिपल एक प्रसिद्ध साधु बन गया।

 

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