स्नो व्हाइट और सात बौने | Snow White And Seven Dwarfs Story in Hindi

स्नो व्हाइट और सात बौने | Snow White And Seven Dwarfs Story in Hindi

Snow White And Seven Dwarfs Story in Hindi

 

स्नो व्हाइट और सात बौने

एक बार की बात है, बहुत बहुत समय पहले एक राजा और रानी राज करते थे एक सुदूर प्रदेश में। रानी बहुत ही प्यारी और दयालु थी और राज्य के सभी लोग उसका आदर करते थे। रानी के जीवन में एक ही दुख था कि उसे संतान की इच्छा थी पर उसे न हुई।

 

एक सर्दियों के दिन रानी बैठी थी एक लकड़ी के खिड़की पर और सोयेटर बुन रही थी। अचानक एक खूबसूरत स्नो बर्ड खिड़की पर आ बैठी रानी को चौंकाते हुए। चिड़िया ने रानी के ध्यान को भटकाया और उसकी ऊँगली में सुई चुभ गई।

 

खून की एक बूंद बर्फ पर गिरी उसकी खिड़की के बाहर। जब उसने खून की तरफ देखा तो वह एक शिशु के चहरे में बदल गई। वह हैरान थी और उसने भगवान से कहा, “हे भगवान, मेरी इच्छा है कि मेरी एक बेटी हो जिसकी त्वचा बर्फ की तरह गोरी हो और होंठ खून की तरह लाल हो और बाल घने काले हो।”

 

उसके बाद जल्दी ही रानी गर्भवती हो गई और साथ ही वह बीमार पड़ गई। बहुत से लोगों ने उसका इलाज करने की कोशिश की पर वह ठीक नहीं हुई।

 

जल्द ही बसंत की बाहर आई और सब जगह फुल खिलने लगे और वे बच्चे की आने की तैयारी कर रहे थे। जैसे-जैसे दिन नजदीक आ रहे थे रानी और ज़्यादा बीमार होती गई।

 

एक सुहानी सुबह थी, सूर्य चमक रहा था जैसे उसी दिन सर्दियों की सारी बर्फ पिघल जाएगी। रानी ने एक सुंदर बच्ची को जन्म दिया जिसकी त्वचा बर्फ की तरह गोरी थी, होंठ लघु की तरह लाल और बाल कोयले की तरह काले।

 

राजा ने रानी से कहा, “तुमने आज तक का मुझे सबसे बहुमूल्य उपहार दिया है। कृपा मुझे बताओ तुम्हे क्या चाहिए मैं तुम्हारी हर इच्छा पूरी कर दूँगा रानी।” रानी बोली, “आपका धन्यवाद पर मुझे लगता है कि मैं मेरी बच्ची के साथ ज़्यादा वक्त नहीं बिता पाऊँगी।”

 

रानी ने अपनी बच्ची का नाम स्नो व्हाइट रखा क्यूंकि वह बर्फ की तरह गोरी थी। रानी ने राजा को कहा कि वह उसके बच्चे का ध्यान अच्छे से रखे और वह दूसरी शादी कर ले। यह कहकर रानी चल बसी।

 

कुछ सालों तक राजा बहुत उदास रहा। रानी के मृत्यु के बाद उसने खुद ही स्नो व्हाइट की देखभाल की पर ज़्यादा समय राजा अपने राज्य के कामो में व्यस्त रहता। उसने महसूस किया कि उसकी बेटी को प्यार भरी देखभाल की जरुरत है इसलिए उसने दोबारा शादी करने का फैसला किया।

 

नई रानी बहुत खूबसूरत थी पर उससे कहीं ज़्यादा वह बहुत ही ज़िद्दी और क्रूर स्वभाव की थी। उसने काला जादू सीखा था जिससे उसने राजा को अपने वश में कर लिया। उसके पास एक जादू का आईना भी था जो भविष्यवाणी करता और सच बताता जो भी वह जानना चाहती।

 

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एक दिन उसने अपने आईने से कहा, “मेरे प्यारे आईने दिखा कौन है सबसे सुंदर।” आईने ने कहा, “तुम ही हो सबसे ज़्यादा सुंदर।”

 

जैसे-जैसे समय बीतता गया स्नो व्हाइट और खूबसूरत होने लगी पहले से भी ज़्यादा खूबसूरत। वह पुरे राज्य में सबसे ज़्यादा खूबसूरत लड़की बन गई लेकिन सौतेली माँ को उसकी सुंदरता से इर्षा होने लगी।

 

एक दिन रानी ने फिर जादुई आईने से पूछा, “बताओ कौन है सबसे ज़्यादा सुंदर?” आईने ने कहा, “तुम मेरी रानी। तुम ही सबसि गोरी और सुंदर हो यह सच है पर स्नो व्हाइट तुमसे भी ज़्यादा सुंदर है।”

 

रानी बोली, “तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई ऐसी बकवास करने के लिए।” आईने ने जवाब दिया, “क्षमा कीजिए लेकिन मुझे केवल सच बोलने के लिए बनाया गया है।”

 

यह सुनकर रानी गुस्से से आग बबूला हो गई। उसने अपने शिकारी को बुलाया और कहा, “उस स्नो व्हाइट को जंगल में ले जाओ और मार डालो और सबूत के तौर पर उसका दिल लेकर आओ।”

 

रानी ने स्नो व्हाइट से कहा कि जंगल में जाकर कुछ जादू के फूल लेकर आएं जो उसे और भी ज़्यादा खूबसूरत बना देंगे इस संसार में। वह शिकारी स्नो व्हाइट को जंगल में ले गई पर लड़की को मारने में उसने खुदको असमर्थ पाया और स्नो व्हाइट से कहा, ‘प्यारी राजकुमारी तुम्हारी सौतेली माँ ने मुझे तुम्हे मारने का हुक्म दिया है पर मैं तुम्हे नहीं मार सकता इसलिए जितनी दूर हो सके भाग जाओ और वापस कभी मत आना।”

 

स्नो व्हाइट बोली, “आप बहुत ही दयालु हैं। अपने मुझे नहीं मारा तो मेरी माँ आपको दंड देगी।” शिकारी ने कहा, “मैं किसी तरह उससे लिपट लूँगा लेकिन इस वक्त तुम जाओ।”

 

स्नो व्हाइट जितना हो सके तेज भागी। शिकारी ने जंगली सूयर का दिल लाकर रानी को पेश कर दिया। स्नो व्हाइट उस बड़े से जंगल में अकेले थी और उसे पता नहीं था कि क्या करें और कहाँ जाए। जंगल की चारो तरफ आवाज ने स्नो व्हाइट को और भी ज़्यादा डरा दिया। वह भागने लगी। वह नुकीली पत्थर और काँटों पर  भागती गई।

 

शाम होते ही कुछ छोटी चिड़िया उसके सामने इकट्ठा हो गई। उसने महसूस किया कि वे उसे कुछ दिखाना चाहती है। वह उन चिड़ियों के पीछे जाने लगी। अचानक उसने एक अजीब सा छोटा सा घर देखा और अंदर गई उन चिड़ियों के साथ।

 

घर के अंदर हर चीज़ छोटी थी पर और घर के अंदर एक टेबल पर सात छोटे-छोटे प्लेट पर खाना सजा हुआ था। दिवार से सटे वहाँ सात छोटे-छोटे बिस्तर थे। स्नो व्हाइट को बहुत जोर से भूख लगी थी इसलिए वह टेबल पर सजे हुए खाने को खाने लगी। जंगल में भटकने के बाद वह थक गई थी तो वह एक छोटे बिस्तर पर लेट गई और गहरी नींद में सो गई।

 

अँधेरा होने के बाद उस घर के मालिक सात बौने घर वापस आए। वे पहाड़ो में सोने की खदानों से सोने निकालते थे। चिड़ियों ने स्नो व्हाइट को जगाने की बहुत कोशिश की पर वह गहरी नींद में थी।

 

 

जैसे ही सात बौने घर पहुँचे, उन्होंने देखा कि वहाँ कोई आया था। सभी बौने हैरान थे की उनका खाना किसने खाया पर सातवीं बौने ने जब अपने बिस्तर की तरफ देखा तो पाया कि एक सुंदर लड़की वहाँ सो रही थी।

 

सातों बौने दौड़कर बिस्तर के तरफ आएं। सातों बौने ने उसे जगाया नहीं क्युकी वह बहुत गहरी नींद में थी और सभी उसके बिस्तर को घेरते हुए गहरी नींद में सो गए।

 

अगली सुबह  जब स्नो व्हाइट उठी तो उसने सात बौने को देखा और वह डर गई। उसका चिल्लाना सुनकर बौने जाग गए। बौने ने उसका नाम पूछा और उसने कहा कि उसका नाम स्नो व्हाइट है। बौने ने उससे पूछा कि वह उनके घर पर कैसे आई। तब स्नो व्हाइट ने अपनी पूरी कहानी सुनाई।

 

सातों बौने कुछ देर तक एक-दूसरे के साथ बात करने लगे और स्नो व्हाइट से कहा, “तुम हमारे लिए हमारे घर की देखभाल करोगी, बिस्तर बनाओगी और खाना भी बनाओगी और घर का सारा काम करोगी फिर तुम हमारे साथ रह सकती हो और तुम्हे वह हर चीज़ मिलेगी जो तुम चाहोगे।”

 

स्नो व्हाइट राजी हो गई और सातों बौने के साथ उनके घर में ख़ुशी से रहने लगी। हर सुबह बौने पर्वतों पर चले जाते खाने के तलाश में और शाम को जब वापस घर आते स्नो व्हाइट उनके लिए खाना तैयार रखती और को सजा कर भी रखती। दिन के दौरान वह अकेली होती सीबाई उन छोटी चिड़ियों के और जंगल के पशुओं के जिनसे वह अक्सर खेलती।

 

एक दिन रानी ने फिरसे अपने जादुई आईने से पूछा, “आईने बताओ कौन है सबसे ज़्यादा सुंदर इस दुनिया में?” इस पर आईना बोली, “तुम हो सबसे सुंदर मेरी रानी पर स्नो व्हाइट जो अभी पर्वतों पर सात बौने के साथ रह रही है वह अभी भी तुमसे हजार गुना सुंदर हैं।”

 

यह सुनकर रानी ने गुस्से में आकर आईना तोड़ दिया। रानी को पता चल गया कि स्नो व्हाइट अभी भी ज़िंदा है और उस शिकारी ने उसे बेवकूफ बनाया है। रानी सोचने लगा कि कैसे वह स्नो व्हाइट से छुटकारा पा सकती है।

 

अंत में वह अपने गुप्त कमरे में गई जहाँ किसी को भी आने को अनुमति नहीं थी। वहाँ उसने एक जहरीला सेव बनाया इतने कलात्मक तरीके से कि जहरीला होने के बावजूद वह बाहर से बहुत सुंदर और ताजा लगता था। फिर उसने अपने जादुई तरीके से खुद को एक बूढ़ी के रूप में बदल लिया और साथ बौने के घर पर गई जो पर्वतों पर था।

 

बूढ़ी ने दरवाजे पर दस्तक दी। स्नो व्हाइट ने खिड़की से बाहर झाँका और कहा, “आप कौन है? बोलिए मैं आपके लिए क्या कर सकती हूँ?” बूढ़ी ने कहा, “दरवाजा खोलो सुंदर लड़की। मैं बहुत ही गरीब हूँ। मैं तुम्हे यह सेव देना चाहती हूँ ताकि मैं अपने पति के लिए रोटी खरीद सकूँ।”

 

स्नो व्हाइट ने जवाब दिया, “मैं किसी को अंदर नहीं आने दे सकती। सात बौने ने मुझे ऐसा करने से मना किया है।” बूढ़ी औरत बोली, “कोई बात नहीं बेटी, यह लो मैं तुम्हे यह स्वादिष्ट और ताजे फल देती हूँ और बदले में मुझे एक रोटी का टुकड़ा दे दो।”

 

स्नो व्हाइट ने वह खूबसूरत और चमकते हुए फल देखे तो खुदको रोक न पाई। वह किचन में गई और रोटी ले आई जो उसने ताजा-ताजा बनाई थी सात बौने के लिए। उसने वह बूढ़ी औरत को दे दी और उससे बदले में सेव ले लिए। उसने अपने मुँह में एक निवाला डाला ही था कि वह जमीन पर गिर पड़ी और मर गई।

 

वह दुष्ट रानी अपने असली रूप में वापस आ गई। रानी तुरंत वापस भागते हुए महल गई और टूटे हुए आईने के सामने खड़ी हो गई। फिर उसने आईने से पूछा, “अब बताओ कौन हैं संसार में सबसे ज़्यादा सुंदर?” आखिर में आईने ने कहा, “तुम हो सबसे सुंदर मेरी रानी।”

 

शाम को बौने वापस घर आए। उन्होंने स्नो व्हाइट को जगाने की कोशिश की लेकिन वह मर चुकी थी। उन्होंने उसे उठाया और हसरत भरी नजरो से देखा उससे बातें की उसे हिलाया और उस पर रोए पर कोई फ़ायदा नहीं हुआ। उनकी प्यारी बच्ची अब मर चुकी थी। उन्होंने उसे भूसे के बिस्तर पर लेटाया और सातों उसके पास बैठ गए और तीन दिन तक रोते रहें।

 

वे उसे दफ़नाने वाले थे लेकिन वह अभी भी तरोताजा और जीवित लगती थी। उसके गाल अभी भी खूबसूरत और लाल थे। उन लोगों ने एक सीसे का ताबूत बनाया ताकि उसे हर तरफ से दिखाई दे। उन्होंने उसे उसके अंदर लेटाया और ताबूत पर सुनहरे अक्षरों में लिखा “यहाँ लेटी है राजकुमारी स्नो व्हाइट।”

 

 

सात बौने ने वह ताबूत बर्फीले पर्वत पर रख दिया। चिड़िया और बाकि जानवर स्नो व्हाइट के लिए मातम मनाने लगे। उसी समय एक राजकुमार उस पर्वत क्षेत्र में आया शिकार करने के लिए। उसने सात बौने और कुछ पशुओं की भीड़ देखि। राजकुमार उनके पास गए और पढ़ा जो सुनहरे अक्षरों में लिखा था।

 

राजकुमार सोचने लगा कि यह वहीं लड़की है जिसकी उसने हमेशा ख्वाव देखे। राजकुमार ने सात बौने से कहा, “तुम मुझे यह ताबूत ले जाने दो उसके बदले तुम जो चाहोगे वहीं दूँगा।” लेकिन सात बौने ने ताबूत देने से इन्कार कर दिया।” राजकुमार ने उनसे बहुत विनती की। सात बौने ने कहा कि यह मर चुकी है और तुम इसका क्या करोगे।

 

राजकुमार ने कहा, “मैं इसे सम्मान दूँगा और इसके लिए एक स्मर्ग बनाऊँगा अपने महल के नजदीक ताकि इसकी आत्मा शांति से रहे।” सात बौने को उस पर दया आ गई और उसका सुझाव स्वीकार कर लिया।

 

राजकुमार के सेवक उसे कंधो पर ले जाने लगे पर ताबूत ले जाते समय एक सेवक लड़खड़ा गया जिसकी बजह से सेव का जहरीला टुकड़ा जो स्नो व्हाइट ने खाया था वह बाहर निकल आया। राजकुमार तुरंत ताबूत को संभालने के लिए दौड़ा। उसने उसे पेड़ के निचे रखा और उसे निहारने लगा। वह अभी भी सुंदर लग रही थी जैसी जीवित हो।

 

राजकुमार ने उसका माथा चूमा और जैसे ही उसने स्नो व्हाइट को चूमा उसने अपनी आँखें खोल दी। स्नो व्हाइट उठकर बैठ गई। उसने अपने आपको राजकुमार के साथ पाया और राजकुमार ने उसे बताया कि क्या हुआ था।

 

राजकुमार ने उससे कहा कि वह उससे बहुत प्रेम करता है और उससे शादी करना चाहता है। स्नो व्हाइट ने शादी के लिए हाँ कर दी और कहा कि वह पहले अपने पिता से मिलेगी क्यूंकि वह उनकी शादी में उनका आशीर्वाद लेगी।

 

तभी सात बौने से उसे पता चला कि उनके पिता कहिं खो गए हैं और लंबे समय से राज्य में नहीं आएं हैं। राजकुमार ने उसके खोए हुए पिता को ढूंढने का फैसला किया और उनके महल गए। उसने उनका राज्य जीत लिया उस दुष्ट रानी से। उन्होंने उसका गुप्त कमरा खोजा जहाँ स्नो व्हाइट के पिता कैद थे।

 

उन्होंने राजा को आज़ाद किया। रानी ने राजा को रिहा होते देखा और उनके डर से वह राज्य छोड़कर भाग गई और फिर कभी वापस लौटकर नहीं आई। उसके बाद स्नो व्हाइट की शादी बहुत धूमधाम से हुई। उसके बाद वे सब हमेशा खुश रहने लगे।

 

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