स्लीपिंग ब्यूटी की कहानी | Sleeping Beauty Full Story in Hindi

स्लीपिंग ब्यूटी की कहानी | Sleeping Beauty Full Story in Hindi

Sleeping Beauty Story in Hindi

 

स्लीपिंग ब्यूटी की कहानी

सालों पहले एक राज्य हुआ करता था खुशियों से भरपूर एक राज्य। इस राज्य के राजा और रानी की बस एक ही इच्छा थी कि उनका एक बच्चा हो। राजा और रानी बड़े दयालु थे तभी तो उनका भरोसा था कि भगवान उनकी इच्छा जरूर पूरी करेंगे।

 

फिर बहुत जल्द ही उनकी यह इच्छा पूरी हो गई। उनकी ज़िंदगी में एक प्यारी  बेटी आई। बच्चे के चहरे में सूरज की रौशनी जैसी चमक थी इसलिए उन्होंने उसका नाम रखा प्रिंसेस अरोरा यानि उजाला।

 

अपनी ख़ुशी सबके साथ बाँटने के लिए उन्होंने एक पार्टी रखी। पार्टी में सबको बुलाया गया था, सुनहरे जंगल में रहने वाली परियों को भी। राजा और रानी से एक गलती हो गई थी एक परि को बुलाना तो वे भूल ही गए।

 

पुरे राज्य से लोग आए और आसपास के राज्य के राजा और रानिया भी आए प्रिंसेस अरोरा को अपनी ब्लेसिंग और गिफ्ट्स देने के लिए और फिर बारी आई उन बारह परियों के।

 

परियों ने प्रिंसेस अरोरा को बहुत सुंदर-सुंदर गिफ्ट्स दिए। अपने मैजिक से उन्होंने उसकी हर इच्छा पूरी होने का गिफ्ट दिया। आखिर में  बस तीन परिया बची। पहले और दूसरे परि ने प्रिंसेस अरोरा को अच्छे-अच्छे ब्लेसिंग दिए।

 

जैसे ही आखरी परि की बारी आई उसी वक्त कुछ अजीब सा हुआ। सभी तरफ हरे रंग का धुयाँ फैलने लगा और धुएँ से निकली एक काली परि। राजा ने पूछा यह कौन है जिसने सेलिब्रेशन को रोक दिया। तीनों परियों ने बताया कि यह कठोर दिल वाली काली परि है।

 

काली परि ने कहा, “महाराज अपने अपनी खुशी में सबको बुलाया परियों को भी बुलाया पर मुझे क्यों नहीं?”

 

राजा ने काली परि से माफी माँगी। काली परि बोली, “महाराज जो हो गया उसे बदला नहीं जा सकता पर अब जब मैं आ ही गई हूँ तो बच्ची को तौफा दिए बिना कैसे जा सकती हूँ।”

 

काली परि प्रिंसेस अरोरा के पास आई और कहा, “राजकुमारी के ज़िंदगी में खुशियाँ ही खुशियाँ होगी, बहुत सारा पैसा रूपया होगा लेकिन इसके 16 बी जन्मदिन पर सूरज के ढलने से पहले इसे एक सुई चुभेगी जिससे इसकी मौत हो जाएगी।”

 

 

राजा भड़क्के बोले, “इस दुष्ट को कैद कर लो।” पर काली परि हँसते हुए गायब हो गई। अभी तक आखरी परि ने अपना गिफ्ट नहीं दिया था। वह काली परि जितना शक्तिशाली नहीं थी पर उसके ब्लेसिंग से काली परि के श्राप का असर कम हो सकता था।

 

आखरी परि ने कहा, “मैं काली परि के कही बातों को काट तो नहीं सकती पर उसके असर को कम जरूर कर सकती हूँ। राजकुमारी की मौत तो नहीं होगी पर सुई चुभने से वह गहरी नींद में चली जाएगी और तब तक नहीं उठेगी जब उसे प्यार करने वाला उसके माथे पर किश न करे।”

 

राजा ने इस श्राप से बचने के लिए हुक्म दिया कि सुई या उस जैसी कोई भी चीज़ नष्ट कर दी जाए।

 

परियों के ब्लेसिंग से प्रिंसेस अरोरा बहुत ख़ूबसूरती से बड़ी हो रही थी। एक दिन राजा ने आदेश दिया तीनो परियों को अरोरा का ख्याल रखने के लिए। यह ज़रा मुश्किल हो गया क्यूंकि अरोरा किसी के भी हाथ नहीं आती थी। पर उनकी मदद से अरोरा बहुत सुंदर होती चली।

 

देखते ही देखते प्रिंसेस अरोरा का 16 बा जन्मदिन आ गया। सूरज के ढलते ही काली परि का श्राप सच होने वाला था। राजा और रानी ने सब कुछ किया ताकि ऐसा न हो। पर उनके हाथ में सब कुछ कहाँ था।

 

राजा और रानी ने प्रिंसेस को एक कमरे में बंद कर दिया उसके भले के लिए। अरोरा को इसकी बजह नहीं मालूम थी और उसे बुरा लगा। अचानक एक दरवाजा कहीं से प्रकट हुआ और अरोरा को अपनी और खींचने लगा।

 

दरवाजा खुला और वह उसकी धुन में अंदर जाती रही और उसे नजर आई एक औरत सिलाई करती हुई। उसी धुन में अरोरा ने सुई की तरफ अपना हाथ बढ़ाया। सूरज के ढलते ही काली परि का श्राप सच हुआ और अरोरा का हाथ सुई पर जा चुभा।

 

उसके बाद हाथों हाथ अरोरा ढेर होकर गिर गई गहरी नींद में। काली परि का श्राप लाख कोशिशों के बाद आखिर चल ही गया। उसे सुंदर कपड़े पहनाकर फूलो से सजे बिस्तर पर सुलाया गया। तभी से अरोरा को स्लीपिंग ब्यूटी कहा जाने लगा।

 

राजा और रानी नहीं चाहते थे कि अरोरा किसी भी तकलीफ से गुजरे इसलिए उन्होंने सभी को सुलाने का हुक्म दिया जब तक प्रिंसेस न जागे।

 

सौ साल बीत गए। एक दिन एक सुंदर सा राजकुमार वहाँ से गुजर रहा था तभी उसे यह महल दिखा जिसके सामने बहुत पेड़ और झाड़ियाँ उग गई थी। सिपाहियों ने उन्हें इस महल और स्लीपिंग ब्यूटी की कहानी बताई।

 

प्रिंस को यह बड़ा दिलचस्ब लगा और उन्होंने अंदर जाने का फैसला किया। झाड़ियाँ और काटे इतना ज़्यादा थे कि प्रिंस को उन्हें काट-काटकर रस्ता बनाकर आगे बढ़ना पड़ा।

 

आखिर में जब वह दरवाजे पर पहुँचे, उन्हें दो गार्ड सोते हुए मिले। दरवाजा खोलकर अंदर देखते ही उसके होश उड़ गए। हर जगह सोए हुए लोग थे। घूमते-फिरते वह राजा के कमरे में पहुँचे। राजा और रानी भी अपने सोफे पर सो रहे थे।

 

उसके बाद एक आधे खुले दरवाजे के अंदर उन्हें दिखी वह जिसकी तलाश थी, स्लीपिंग ब्यूटी जो एक फूलो के बिस्तर पर गहरी मीठी नींद ले रही थी। प्रिंस वहाँ पास में जाकर बैठे और प्रिंसेस के कानो में कहा, “तो तुम हो स्लीपिंग ब्यूटी।” यह कहकर प्रिंस ने प्रिंसेस के माथे पर किश किया और वह जाग गई।

 

महल में सभी जाग गए अपनी सौ साल लंबी नींद से। राजा और रानी को विश्वास ही नहीं हुआ। वह दौड़कर प्रिंसेस के रूम में गए। जब उन्होंने अपनी बेटी को सामने देखा तो उसकी खुशियों का ठिकाना ही नहीं रहा।

 

प्रिंस ने प्रिंसेस के सामने शादी का प्रस्ताव रखा। प्रिंसेस खुशी-खुशी राजी हुई। राजा भी इस बात से बहुत खुश थे। बहुत ही धूम-धाम से उनकी शादी हुई और दोनों हमेशा खुशी-खुशी साथ रहे।

 

तो यह थी स्लीपिंग ब्यूटी की कहानी। दोस्तों अगर आपको यह कहानी अच्छी लगी हो तो इसे अपने सभी दोस्तों के साथ भी शेयर करें और असेही और भी कहानिया पढ़ने के लिए इस ब्लॉग को सब्सक्राइब करें।

 

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