नकलची तोता | Nakalchi Tota | Hindi Kahani

नकलची तोता की कहानी | Nakalchi Tota Kahani in Hindi 

नकलची तोता Nakalchi Tota Kahani in Hindi 

 

नकलची तोता की कहानी 

एक बार की बात है, पिंटू नाम का एक तोता था। वह जंगल में रहता था और वह एक बहुत चालाक पक्षी था। जैसा की सभी तोते करते हैं, वह भी बाकि जानवरों की आवाजों की अच्छी नक़ल कर सकता था। पिंटू सभी जानवरों की आवाजों की नक़ल करता था और किसी को कुछ पता नहीं चलता था। 

 

एक दिन एक कोयल उस जंगल में रहने आई और जैसा की एक कोयल गाती है उसने अपना मीठा गाना शुरू कर दिया जो पिंटू ने कभी नहीं सुना था। पिंटू ने अच्छी तरह कोयल की आवाज को सुना। कुछ समय के बाद वह कोयल वहाँ से उड़ गई लेकिन पुरे वक्त कोयल का यह गाना पिंटू के कानो में गूंजता रहा।

 

अगली सुबह पिंटू ने अपनी योजना तैयार कर ली। वह जंगल के बाकि जानवरों के पास गया और उन्हें कोयल का वह गाना सुनाने लगा जो उसने कोयल के पास से याद कर ली थी। जंगल के सभी जानवरों को तोते का गाना बहुत पसंद आया और तोते से विनती करने लगा कि वह रोज आकर उन्हें गाना सुनाये क्यूंकि उसकी आवाज बहुत सुरीली है।

 

 

यह सुनकर तोता बहुत खुश हो गया और सोचने लगा कि अगर वह उन सबके लिए गाना गाएगा तो वह इस जंगल में फेमस हो जाएगा। अगले दिन से पिंटू जंगल के सभी जानवरों के लिए गाना गाने लगा। जंगल के जानवरों ने पिंटू को शेर महाराज के सामने गाने के लिए भी कहा क्यूंकि इससे वह पिंटू पर बहुत प्रसन्न हो जाएंगे।

 

पिंटू को उनका सुझाव अच्छा लगा और अगले ही दिन गया शेर महाराज के पास अपना गाना सुनाने के लिए। पिंटू ने उन्हें अपना गाना सुनाया। शेर महाराज को उसका गाना बहुत पसंद आया और कहा, “यह तो बहुत ही अच्छा गाना है लेकिन क्या तुम्हे सिर्फ एक ही गाना याद है हमें दूसरा कोई गाना सुनाओ।”

 

यह सुनकर पिंटू घबरा गया क्यूंकि उसे तो सिर्फ एक ही गाना आता था और वह भी उसने कोयल से नक़ल करि थी। शेर महाराज और बाकि के जानवरों ने उसे दूसरा गाना गाने के लिए कहा। पिंटू अब बुरी तरह से फँस चूका था। उसने दूसरा गाना गाने की कोशिश की। वह गाने लगा और उसके मुँह से गधे की आवाज निकल गई।

 

यह सुनकर शेर महाराज को बहुत गुस्सा आया। पिंटू ने फिर गाने की कोशिश की। इस बार जब वह गाने लगा तो वह गाय की आवाज निकालने लगा। शेर महाराज को अब बहुत गुस्सा आया। नकलची तोता पिंटू ने एक बार और गाने की कोशिश की। इस बार उसने शेर महाराज की दहाड़ना शुरू किया।

 

 

यह सुनकर अब शेर महाराज गुस्से से लाल हो गया और कहा, “तुम मेरा मजाक उड़ा रहे हो तुम्हारी इतनी हिम्मत।” शेर के साथ-साथ बाकि जानवर भी पिंटू पर बहुत गुस्सा हो गए क्यूंकि वह सभी जानवरों की आवाज की नक़ल करके उनका मजाक उड़ाता था। पिंटू बहुत डर गया और उस जंगल से भाग गया और कभी वापस लौटकर नहीं आया।

 

इस कहानी से सीख, Moral of The Story: 

इस कहानी से हमें यह सीख मिलती है की हमें कभी भी किसी की नक़ल नहीं चाहिए।

 

अगर आपको यह कहानी नकलची तोता Nakalchi Tota Kahani in Hindi पसंद आई हो तो इसे अपने सभी दोस्तों के साथ भी शेयर करें और इस ब्लॉग को सब्सक्राइब जरूर करें।

 

यह भी पढ़े 

 

Follow Me on Social Media

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *