कौआ बना कोयल | Kauwa Bana Koyal Story in Hindi

कौआ बना कोयल | Kauwa Bana Koyal Story in Hindi

Kauwa Bana Koyal Story in Hindi

 

-:कौआ बना कोयल:-

एक बार की बात है, अजीब किस्म के दो दोस्त एक साथ रहते थे जिसमे एक थी कोयल और दूसरा था कौआ। दोनों ही एक दूसरे के बहुत अच्छे दोस्त थे और इन दोनों के खाना लाने का तरीका भी बहुत कमाल का था। 

 

वह दोनों एक साथ उड़कर लोगों के घरो में जाते। दोनों रसोई के खिड़की में बैठते और फिर कोयल अपना गाना शुरू कर देती। लोगों का कोयल का गाना बहुत पसंद आता था। लोग कोयल का गाना सुनते और बदले में कोयल को कुछ खाने को देते। कौआ हमेशा उसके साथ रहता था इसलिए लोग कोयल के साथ-साथ उसे भी खाना देते। इस तरीके से दोनों को खाने को मिल जाता था।

 

ऐसा ही वह दूसरे घरो में भी जाकर करते थे। उन दोनों की ज़िंदगी बड़े मजे से चल रही थी और फिर एक दिन एक परेशानी सामने आ ही गई और वह परेशानी कौए के कारन आई।

 

कौए को कोयल से इर्षा होने लगी। उसने मन ही मन खुद से कहा, “यह तो ठीक नहीं है, सारी तारीफ तो कोयल बटोर लेती है मेरी भी तो तारीफ हो सकती है मैं भी तो एक अच्छा गायक हूँ। सिर्फ कोयल ही हर रोज क्यों गाए? कल में कोयल को गाने ही नहीं दूंगा। इससे पहले की वह अपना मुँह खोले मैं खुद ही अपना गाना शुरू कर दूंगा।”

 

 

अगले दिन सुबह, कौए ने कोयल से कहा, ‘चलो भी कोयल आज तुम्हे खाना लाने नहीं जाना है क्या?” कोयल ने मुस्कुराकर कहा, “हाँ हाँ आ रही हूँ। आज तो तुम बहुत खुश लग रहे हो कौए।”

 

कौए ने कहा, “हाँ बिलकुल। आज का दिन बहुत सुहाना है इसलिए मैं बहुत खुश हूँ।” इसके बाद कौआ और कोयल खाना लाने चले गए।

 

वह दोनों पहुँचे एक औरत के घर। वहाँ पहुँचकर जैसे ही कोयल ने गाना गाना शुरू किया उसी वक्त कौए ने अपना गाना शुरू कर दिया। वह का-का करके गाने लगा। उस औरत को कौए का गाना अच्छा नहीं लगा। कौआ को लगा सायद उस औरत को ठीक से सुनाई नहीं दिया इसलिए वह और जोर-जोर से का-का करने लगा। अब उस औरत को बहुत गुस्सा आया और उसने दोनों को वहाँ से भगा दिया।

 

उस दिन वह जिस भी खिड़की पर गए कौए ने सबसे पहले गाना शुरू कर दिया यह सोचकर कि कोई एक औरत तो उसके गाने को पसंद करेगी। लेकिन एक भी औरत को उस कौए का गाना पसंद नहीं आया और उस दिन उन्हें भूखे ही घर वापस जाना पड़ा।

 

 

घर वापस आकर कोयल ने कौए से कहा, “आज तुम्हे हुआ क्या है? आज  तुमने मेरे साथ बहुत बुरा व्यबहार किया है। मुझे माफ़ करना लेकिन अब से हमारे बीच की दोस्ती ख़त्म।” यह कहकर कोयल वहाँ से चली गई और तब से कौआ बचे-कूचे खाने पर ही ज़िंदा रहने लगा।

 

शिक्षा- हमें किसी की भी नक़ल नहीं करनी चाहिए। 

 

तो दोस्तों आपको यह कहानी “कौआ बना कोयल | Kauwa Bana Koyal Story in Hindi” कैसी लगी कमेंट करके जरूर बताएं और इसे अपने दोस्तों के साथ भी शेयर करें।

 

यह भी पढ़े 

चतुर मुर्ग और लोमड़ी की कहानी

बंदर और टोपीवाले की कहानी

दो सिर वाला पक्षी

मेंढक और बैल की कहानी

दो मछलियाँ और एक मेंढक

 

Follow Me on Social Media

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *