दो मछलियाँ और एक मेंढक | Two Fishes And A Frog Story in Hindi

दो मछलियाँ और एक मेंढक | Two Fishes And A Frog Story in Hindi

(Two Fishes And A Frog Story in Hindi)

 

दो मछलियाँ और एक मेंढक 

एक बार एक बड़े से तालाब में दो मछलियाँ रहती थी, मीकू और चीकू। वह दोनों तारा नाम के एक मेंढक और उसके पत्नी के साथ रहते थे। सब लोग तालाब के तट के पास साथ-साथ रहा करते थे।

 

एक शाम उन्होंने कुछ मछुआरे को अपने ओर आते हुए देखा। उनके पास थी बड़ी-बड़ी जाले और टोकरिया मछलियों से भरे हुए जिनको इन मछुआरे ने पकड़ा था। तालाब के पास गुजरते समय उन्होंने देखा कि तालाब में बहुत सारी मछलियाँ हैं।

 

एक मछुआरा बोला, “इन मछलियों को तो देखो, चलो इन्हे पकड़ते हैं।” दूसरा मछुआरा बोला ,”अरे अभी नहीं अँधेरा होने वाला है। हम कल सुबह वापस आएँगे। वैसे भी यह तालाब इतना गहरा नहीं है। हमने कभी इस तालाब में मछलियाँ नहीं पकड़ा है।” यह कहकर मछुआरों ने अगली सुबह वापस आने का निर्णय लिया और अपने रास्ते चले गए।

 

मेंढको ने मछुआरों की सब बातें सुनी और मछलियों से कहा, “तुम लोगों ने सुना, हमें जितनी जल्दी हो सके यहाँ से भाग जाना चाहिए। यह मछुआरे कल सुबह वापस आ जाएँगे।” दोनों मछलियों ने कहा, “अरे नहीं हम यहीं रहेंगे कुछ भी हो सकता है सायद वह लोग कल सुबह आए ही नहीं।”

दो मछलियाँ और एक मेंढक | Two Fishes And A Frog Story in Hindi

मेंढक ने कहा, “अगर आ गए तो क्या करोगे?” मछलियां बोली, “अगर आ गए तो हमें हज़ार तैरने के तरीके पता हैं जिससे हम सबको बचा सकते हैं। हमें हमारे तालाब को मछुआरे के डर से नहीं छोड़ना चाहिए इसलिए हम इस तालाब को छोड़कर नहीं जाएँगे।”

 

परंतु मेंढक संतुष्ट नहीं था और कहा, “मेरे दोस्तों, मुझे केवल मुसीबत को महसूस करना आता है तो मैं अपनी पत्नी को लेकर कहीं और चला जाऊँगा कल सुबह तक।”

 

अगली सुबह मछुआरे वापस आए और अपनी जाल को तालाब में बिछा दिया। उन्होंने जाल में बहुत सारी मछलियाँ पकड़ी। मीकू और चीकू ने छूटने की बहुत कोशिश की पर उनकी कोई भी चाल काम नहीं आई। मछुआरे के जाल में फँसे हुए तालाब के तट पर अपनी आखरी साँसे ले रहे थे।

 

वहीं तारा और उसकी पत्नी दूर से खड़े होकर उन्हें देख रहे थे और सोच रहे थे कि उन्होंने सही समय पर तालाब छोड़कर बहुत अच्छा किया नहीं तो वे भी उन मछलियों की तरह मुसीबत में पड़ जाते।

 

इस कहानी से सीख, Moral of The Story: 

इस कहानी से हमें यह सीख मिलती है कि मुसीबत को महसूस करते ही हमें तुरंत अपने आपको बचाने की कोशिश करनी चाहिए।

 

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