मेंढक और बैल की कहानी | The Frog And The Ox Story in Hindi

मेंढक और बैल की कहानी | The Frog And The Ox Story in Hindi

 

The Frog And The Ox Story in Hindi

 

मेंढक और बैल की कहानी | The Frog And The Ox Story in Hindi

मेंढक और बैल की कहानी 

बहुत दिन पहले की बात है, एक घना जंगल था। उस जंगल में बहुत सुंदर सा एक तालाब था। उस तालाब के आसपास बहुत से पेड़-पौधे, रंगबरंगे फूल और जंगल का पूरा दृश्य ही बहुत खूबसूरत था।

 

उस तालाब के किनारे बहुत सारे मेंढको के परिवार रहते थे। एक दिन एक बैल उस तालाब में पानी पिने आया। पानी पिने के बाद बैल ने डकारना शुरू कर दिया।

 

बैल की डरावनी डकार सुनकर बहुत सारे मेंढक इधर-उधर डरकर भागने लगे। उस परिवार का जो सबसे बूढ़ा मेंढक था उसने दूसरे मेंढको से कहा, “अरे बच्चों किस बात की भाग-दौड़ हो रही है? क्या परेशानी है भाग क्यों रहे हो?”

 

इस बात पर एक छोटा मेंढक टरटराते बोला, “दादाजी दादाजी, हमने अभी तालाब के किनारे एक बड़ा सा प्राणी देखा और दीखता भी बहुत बड़ा था और उसका आवाज भी बहुत डरावना था।”

 

उनकी बात सुनकर बूढ़े मेंढक ने सोचा कि यही मौका है शेखी बधारणे का। उसने छोटे मेंढको से कहा, ” वह प्राणी तो कुछ भी नहीं मैं तो उससे भी बड़ा होकर दिखा सकता हूँ।” पर उसे यह नहीं पता था कि वह बैल की बात कर रहे हैं।

 

बूढ़े मेंढक ने अपना शरीर फुलाया और पूछा, “क्या वह इतना बड़ा था।” छोटे मेंढको ने कहा, “नहीं नहीं दादाजी वह तो इससे भी बड़ा था।”

 

उस बूढ़े मेंढक ने अपने शरीर को और ज़्यादा फुलाया और थोड़ा-थोड़ा करके वह गुब्बारे जैसा फूलता ही गया। लेकिन छोटे मेंढको कहा, “इससे भी बड़ा था दादाजी।”

 

यह सुनकर बूढ़े मेंढक के स्वाभिमान को ठेस पहुँची तो वह अपना शरीर और ज़्यादा फुलाता गया और इस तरह वह अपनी फूलने की सीमा पार कर चूका था। तब उसने छोटे मेंढको को वापस पूछा, “अब बताओ कि वह इतना बड़ा था।”

 

इस पर छोटे मेंढको ने फिरसे कहा, “नहीं नहीं दादाजी, आप जितने बड़े हो उससे कहिं गुना वह बड़ा था।”

 

यह सुनकर उस बूढ़े मेंढक ने चुनौती ले ली और वापस थोड़ा अपने शरीर को और फुलाया। पर इस बार उसका शरीर  इतना ज़्यादा फूलना सहन नहीं कर पाया और वह गुब्बारे की तरह फुट गया और वहीं मारा गया।

 

इस कहानी से सीख, Moral of The Story:

इस कहानी से हमें यह सीख मिलती है कि घमंड करना और दूसरे के साथ तुलना करना मूर्खता है।

 

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