Nobita Real Story of Death in Hindi | नोबिता की मौत की सच्ची कहानी

Nobita Real Story of Death in Hindi | नोबिता की मौत की सच्ची कहानी

हम सबका मन पसंदीदा कार्टून है डोरेमोन। हम सबने बचपन में यह कार्टून तो बहुत देखि है लेकिन क्या अपने कभी भी जानने की कोशिश की कि नोबिता की रियल स्टोरी (Nobita Real Story of Death in Hindi) क्या है अगर नहीं तो आज इस लेख में जरूर जानले। 

 

Nobita Real Story of Death in Hindi 

 

नोबिता जापान में रहता है और जैसा की हम सबने कार्टून में देखा है कि नोबिता एक आलसी और कामचोर लड़का है जो की अपना काम खुद नहीं करना चाहता है और रियल लाइफ में भी नोबिता एक आलसी और कामचोर लड़का था जो की हमेशा रोता रहता था और उसके दोस्त हमेशा उसे परेशान करते रहते थे और वह हमेशा ही रोता रहता था।

 

सब कुछ ठीक चल रहा था लेकिन एक दिन जब नोबिता अपने स्कूल से घर आ रहा था तो उसे रास्ते में एक कैट मिली जो की नोबिता को काफी पसंद आ गई थी और नोबिता उस कैट को अपने घर लेकर आ गया था।

 

नोबिता की माँ ने उस कैट को घर पर रखने से साफ मना कर दिया था। लेकिन फिर जैसे-तैसे नोबिता ने अपनी माँ को मना ही लिया उस कैट को घर में रखने के लिए।

 

काफी टाइम बीत चूका था और नोबिता हर वक्त उस कैट के साथ खेलता रहता था। अब नोबिता उस कैट के साथ इतना खेलने लग गया था कि अब वह बाहर भी नहीं जाता था और पढाई भी नहीं करता था। बस सारा टाइम कैट के साथ खेलता रहता था।

 

एक दिन नोबिता ने सोचा कि उसे उस कैट का कोई नाम रखना चाहिए तो एक जगह पर लिखा था डोरेमोन और फिर नोबिता ने उस कैट का नाम ही रख दिया डोरेमोन।

Nobita Real Story of Death in Hindi | नोबिता की मौत की सच्ची कहानी
Nobita Real Story of Death in Hindi

उसके बाद नोबिता डोरेमोन को दिखाने के लिए अपने दोस्तों के पास ले गया। लेकिन जब नोबिता डोरेमोन को लेकर जा रहा था तभी डोरेमोन उसके हाथ से कूदकर भागने लगा। नोबिता उसे पकड़ने के लिए उसके पीछे भागने लगा लेकिन अचानक ही डोरेमोन को एक बड़ी गाड़ी ने टक्कर मार दी और डोरेमोन वहीं मर गया। अब नोबिता बिलकुल डिप्रेशन में जा चूका था और नोबिता की माँ ने कहा कि मैं तुम्हे नई बिल्ली लाकर दूँगी तुम डोरेमोन को भूल जाओ।

 

वहीं नोबिता डिप्रेशन से बाहर ही नहीं आ रहा था जिसके कारन नोबिता को एक घातक बीमारी लग गई जिसका नाम था सिम्पोजिनिया। इस बीमारी में नोबिता इमेजिन करने लग गया था कि डोरेमोन अभी भी उसी के साथ रहता है और उसके दोस्त उसे परेशान कर रहे हैं और डोरेमोन उसे गैजेट दे रहा है। छह महीने से नोबिता हॉस्पिटल में ही था। छह महीने के बाद नोबिता के डॉक्टर ने नोबिता को सिम्पोजिनिया की बीमारी से ठीक कर दिया था।

 

नोबिता बीमारी से ठीक होने के बाद अपनी माँ से पूछता है कि माँ डोरेमोन कहाँ है? नोबिता की माँ कहती है कि कौन डोरेमोन वह बिल्ली? वह तो मर चुकी है। नोबिता कहता है कि माँ डोरेमोन, जो हमारे साथ रहता था, हमारे साथ खाता था, जो मुझे गैजेट देता था, जो आपकी मदद करता था वह कहाँ है?

 

नोबिता की माँ कहती है कि वह अब मर चूका है जिसे सुनने के बाद नोबिता फिरसे सदमे में आ जाता और सुसाइड कर लेता है।नोबिता की माँ और पापा बहुत रोते हैं।

 

नोबिता के मरने के 2 साल बाद यह कहानी फुजीको एफ फुजिओ को पता चलती है कि नोबिता नाम का एक लड़का था और उसे साथ ऐसा-ऐसा हुआ था और उसे सिम्पोजिनिया की बीमारी हुई थी।

 

फुजीको एफ फुजिओ को नोबिता के बारे में सब पता चल गया और नोबिता के डॉक्टर ने भी फुजीको एफ फुजिओ को सब बताया कि नोबिता कैसे इमेजिन करता था, क्या इमेजिन करता था,डोरेमोन कौन है और डोरेमोन उसे कैसे गैजेट देता था।

 

फिर फुजीको एफ फुजिओ ने इसके ऊपर एक एनिमी बनाया जिसका नाम था डोरेमोन। फिर तो आप सबको पता ही होगा कि डोरेमोन कैसे सारे एनिमी पर राज कर रहा है और नंबर 1 एनिमी बनकर बैठा है।

 

तो यह थी नोबिता की रियल स्टोरी। उम्मीद करता हूँ आपको यह लेख “Nobita Real Story of Death in Hindi | नोबिता की मौत की सच्ची कहानी” जरूर अच्छा लगा होगा अगर अच्छा लगे तो इसे अपने दोस्तों के साथ भी शेयर करे। 

 

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