अलादीन और जादुई चिराग की कहानी  

अलादीन और जादुई चिराग की कहानी | Aladdin and The Magic Lamp Story in Hindi

 

अलादीन, यह कहानी हम बचपन से सुनते आए हैं और अलादीन और उसकी जादुई चिराग की कहानी (Aladdin and The Magic Lamp Story in Hindi) सुनकर हम कल्पनाओ की ऐसी दुनिया में पहुँच जाते थे जो बहुत रोमांचक और रहस्यमय थी। यह कहानी इतनी मसूर और लोगों दुयारा पसंद की गई कि इसके आधार पर कई फिल्मे और डिस्नी की टीवी सीरीज तक बनाई जा चुकी है।दोस्तों अलादीन के कहानी के पीछे कई रहस्य मौजूत हैं, जैसे की इस कहानी की शुरुवात कहाँ से हुई? क्या यह कहानी किसी असली इंसान के जीवन पर आधारित है? क्या उस इंसान के पास जादुई चिराग था। अगर हाँ, तो आज भी उस चिराग को कहीं मौजूत होना चाहिए। अगर वह कहानी सच है तो आज वह जादुई चिराग कहाँ है?ऐसे न जाने कितने सवाल हमारे दिमाग में उठने लगते हैं और आज इस लेख में हम उन्ही सवालो का जवाब ढूंढने की कोशिश करेंगे। तो दोस्तों इस कहानी को अंत तक पूरा जरूर पढ़िए।

 

अलादीन और जादुई चिराग की कहानी  

 

दोस्तों इससे पहले की हम अलादीन के रहस्य के बारे में बात करें उससे पहले हम एक महिला के कहानी के बारे में जानेंगे जिसकी बजह से अलादीन की कहानी हमारे सामने आई।

 

अलादीन और जादुई चिराग की कहानी  

बहुत पुराने समय की बात है अर्जिया में मोनार्क नाम का एक फ़ारसी राजा था जो अपनी रानी और परिवार के साथ बहुत खुश था। लेकिन अचानक एक दिन उसे पता चला की उसके भाई की बेगम उसे धोखा दे रही है। राजा ने उसे मौत की सजा दी और फिर उसे अपनी पत्नी पर शक हो गया मोनार्क ने पाया की उसकी पत्नी भी उसे धोखा दे रही है।

 

पत्नी का सच जानकर राजा क्रोध में जलने लगा और उसने अपनी पत्नी का खून कर दिया। इसके बाद राजा को लगने लगा कि सब स्त्रीया ऐसी ही होती हैं इसलिए वह कुमारी लड़कियों से शादी करता गया और शादी की रात ही उनकी जान लेने लगा। फिर एक ऐसा समय आया जब राजा के प्रजा में कोई कुमारी लड़की नहीं बची थी।

 

बहुत खोज करने पर जब वजीर को राजा के लिए कोई कुमारी लड़की नहीं मिली तब उसने अपनी बेटी शहरजाद से राजा की शादी करवा दी। शहरजाद बेहद खूबसूरत और अक्लमंद थी। उसे कहानियां सुनाने में महारत हासिल थी इसलिए उसने पहली रात राजा को एक मनमोहक कहानी सुनाई लेकिन कहानी का अंत राजा को नहीं बताया।

 

कहानी का अंत जानने की उत्सुकता में राजा ने उसे उस रात नहीं मारा। फिर शहरजाद ने दूसरे दिन भी ऐसा ही किया। वह हर रात राजा को कहानियां सुनाती थी। वह उन कहानियों के दुयारा राजा के मन पर प्रभाव डालती थी और ऐसा करते-करते एक हज़ार एक रातो तक वह राजा को कहानियां सुनाती रही। तब राजा का ह्रदय परिवर्तित हो गया और उसने शहरजाद को कभी नहीं मारा।

 

इन्ही एक हज़ार एक कहानियों को राजा को मौखिक रूप से सुनाए जाने लगा और फिर उन कहानियों को संगृहीत करके एक एक किताब में लिखा गया। इन्ही कहानियों में से एक कहानी थी अलादीन और उसका जादुई चिराग और अरेबियन नाइट्स। अब सवाल यह उठता है कि शहरजाद ने राजा को जो कहानियां सुनाई थी वह सब काल्पनिक थी यह उनमें कुछ सच्चाई मौजूत थी?

 

बहुत से लोगों का मानना है जैसे हमारे ग्रंथ और पुराणों की कहानियां सच्चे हैं उसी प्रकार अलादीन की कहानी भी सच है। उसे लोगों ने लंबे समय तक याद रखा इसलिए उसे किताब में लिखा गया। कथित रूप से चाइना में मुस्तफा नाम का एक दर्जी था जो अपनी पत्नी को लेकर बगदाद चला जाता है। वहाँ जन्म होता है उसके पुत्र अलादीन का।

 

 

मुस्तफा की मृत्यु हो जाती है जिसकी बजह से अलादीन और उसकी माँ बहुत गरीबी में ज़िंदगी बिताने लगते हैं। एक दिन मुस्तफा का भाई उनसे मिलने पहुँचता है जो असलमे बहुत शक्तिशाली जादूगर था। वह जाकर अलादीन की माँ से अलादीन के लिए एक नई दुकान खोलने और उसे धंदा करने का हुनर सिखाने की बात करता है।

 

माँ वैसे ही गरीबी में परेशान रहती है इसलिए वह तुरंत अलादीन को अपने चाचा के साथ जाने के लिए कहती है। अलादीन का चाचा उसे एक गुफा में ले जाता है और उसे एक अंगूठी देकर कहता है कि गुफा के अंदर जाकर चिराग को ढूंढो। अलादीन अंदर जाकर चिराग ढूंढ लेता है। लेकिन उसे पता नहीं होता कि उसके अंदर कोई जिन है।

 

मुस्तफा के भाई को लगता है कि अलादीन को चिराग नहीं मिला इसलिए वह उस गुफा को बाहर से बंद करके घर चला जाता है। अलादीन गुफा के अंदर घबरा जाता है। तभी वह भगवान से हाथ जोड़कर प्रार्थना करने लगता है जिसकी बजह से उसकी उंगली में मौजूत अंगूठी दूसरे हाथ से रगड़ खाती है। वहाँ प्रकट होता है एक जिन जो अलादीन से उसकी मनोकामना पूछता है।

 

अलादीन वह चिराग समेत अपने घर पहुँच जाता है। वहाँ जाकर वह अपनी माँ को पूरी कहानी सुनाता है जिसे सुनकर माँ काफी घबरा जाती है। एक दिन घर में कुछ खाने के लिए नहीं होता और अलादीन को भूख लगती है। तभी उसकी माँ उस चिराग को घिसकर खाना लाने के लिए कहती है।

 

वह उसे घिसकर साफ करने लगती है ताकि वह अच्छी तरह चमकने लगे। फिर अचानक उस चिराग से जिन बाहर आ जाता। इसके बाद अलादीन की सारी ज़िंदगी ही बदल जाती है। अलादीन उस जिन को अपनी भाई की तरह रखता है और अपने लिए शानदार महल बनवाता है और अमीरो की तरह जीने लगता है।

 

शहर की सुल्तान की एक बेटी थी जो बेहद खूबसूरत थी। सुल्तान उसे दुसरो से बचाकर रखते थे। तभी एक दिन बगदाद के सुल्तान शहर में घोषणा करवाते है उनकी बेटी आज पैदल स्नानगृह तक नहाने के लिए जाने वाली है तो सब लोग अपने घर में कुछ समय के लिए बंद हो जाए। लेकिन अलादीन चुपके से राजकुमारी को देखने लगता है। एक बार देखते ही वह राजकुमारी के ऊपर मोहित हो जाता है।

 

अलादीन राजकुमारी से दोस्ती करके उन्हें शादी के लिए राजी करवाने में कामियाब हो जाता है और उसके बाद वह लोग सारी उम्र खुश रहते है। अलादीन अपनी ज़िंदगी में गरीबो की बहुत मदद करता था इसलिए सब उसे बेहद पसंद करते थे। ज़िंदगी की अंतिम क्षणो में अलादीन जिन की सामने अपनी अंतिम इच्छा रखता है। वह जिन से कहता है कि इस चिराग को किसी ऐसी जगह दफना देना जहाँ से कोई भी बुरा व्यक्ति इसे खोज न पाए। यह चिराग सिर्फ किसी ऐसे इंसान के हाथ लगे जो इसकी शक्तियों की क़द्र कर सके और जिसका दिल बड़ा हो।

 

 

कहा जाता है जिन ने वह चिराग सहारा की रेगिस्तान में ऐसी जगह गढ़ाया है जहाँ से उसे ढूंढना बेहद मुश्किल है। सहारा रेगिस्तान में उस चिराग की खोज करना बेहद मुश्किल काम है। लेकिन ऐसे कुछ लोग हैं जो इस चिराग की खोज करने की कोशिश कर चुके हैं।

 

दोस्तों अलादीन की कहानी सच है या झूठ यह बात तो कोई तेइ नहीं कर सकता लेकिन अगर ये कहानी सत्य है तो आज भी अलादीन का वह जादुई चिराग धरती की किसी कोने में महफूस होगा और सायद किसी दिन किसी किस्मतवाले के हाथ लगेगा।

 

दोस्तों आपको अलादीन की यह कहानी  अलादीन और जादुई चिराग की कहानी | Aladdin and The Magic Lamp Story in Hindi कैसी लगी और इस कहानी में कितनी सच्चाई है आप कमेंट करके जरूर बताये और इसी तरह की और भी कहानियां पढ़ने के लिए इस ब्लॉग को सब्सक्राइब जरूर करिए।

 

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