भेड़ की खाल में भेड़िया | Wolf in Sheep Skin Story in Hindi

भेड़ की खाल में भेड़िया | Wolf in Sheep Skin Story in Hindi

Wolf in Sheep Skin Story in Hindi

इस लेख में मैं आपसे जो कहानी शेयर करने जा रही हूँ वह कहानी है “भेड़ की खाल में भेड़िया | Wolf in Sheep Skin Story in Hindi”  मुझे उम्मीद है आपको यह कहानी अवश्य पसंद आएगी।

 

भेड़ की खाल में भेड़िया

एक दिन एक भेड़िया बहुत भूखा था। उसने जंगल में सब जगह भोजन की खोज की, परंतु उसे कही भी कुछ खाने को न मिला। शीघ्र ही वह जंगल के बाहर पहुँच गया। वहाँ उसने एक मैदान में कुछ भेड़ों को घास चरते हुए देखा। उसने एक भेड़ को खाना चाहा, परंतु वह जानता था कि किसी एक भेड़ को पकड़ना बहुत कठिन है। कुछ समय बैठकर वह सोचने लगा कि कैसे वह एक भेड़ को पकड़।

 

थोड़ी देर बाद उसे एक उपाय सुझा। वह उस कोठरे में गया जहाँ भेड़ों की खालों का ढेर लगा हुआ था। उस ढेर को देख वह उस ओर दौड़ा और उसने झटपट एक भेड़ की खाल पहन ली।

 

अब भेड़िया, भेड़ों की झुंड में घुस गया और जल्दी ही वह भेड़ों के बीच मिल-जुल गया। उसने एक भेड़ से मित्रता कर ली। उसने उस भेड़ से कहा कि उसको वह कुछ अद्भुद चीज़ दिखाना चाहता है। फिर भेड़िए ने उस एक भेड़ को जंगल में ले गया, वहाँ उसनेउस भेड़ को खा लिया।

 

प्रतिदिन वह इसी प्रकार एक भेड़ को खा जाता था। इस तरह उसकी योजना बहुत सही चल रही थी। इस कारन वह बहुत खुश था। शीघ्र ही भेड़ों के मालिक गड़रिए को लगा कि दिन-प्रतिदिन उसकी भेड़े कुछ कम होती जा रही हैं। उसने सोचा कि क्या कारन है? ऐसा क्यों हो रहा है? यह जानने के लिए उसने भी वही योजना बनाई।

 

गड़रिए ने भी भेड़ की खाल पहन ली और फिर एक भेड़ की तरह ढंग करके, उनके बीच में घास चरने का बहाना करने लगा। फिर उसने भेड़ों की तरह मिमियाना आरंभ कर दिया। उसका मिमियाना सुनकर बाकि सब भेड़े भी बा….. बा….. चिल्लाने लगी। अब भेड़िए ने भी भेड़ों की तरह मिमियाना चाहा। परंतु वह उन सबके बीच में गुर्राता हुआ चिल्लाने लगा, हु….. ओ….. हु…..

 

गड़रिए ने उसी समय उसे पकड़ा और पिंजड़े में बंद करके उसे चिड़ियाघर भेज दिया। इस प्रकार भेड़ें फिर से सुरक्षित हो गई

 

इस कहानी से सीख, Moral of The Story:

इस कहानी से हमें यह सीख मिलती है कि धोखा देने वाले जन के दो रूप होते है। ऊपर से होता वह भेड़ समान, अंदर से भेड़िए का स्वरुप। तथा धोखा देने वाले जन से परेशान न होकर धीरज और बुद्धि से अपना काम करे, जैसे की इस कहानी में गड़रिए ने किया।

 

उम्मीद करता हूँ की आपको यह कहानी “भेड़ की खाल में भेड़िया | Wolf in Sheep Skin Story in Hindi” जरूर पसंद आई होगी। अगर पसंद आए तो इस कहानी को अपने सभी दोस्तों के साथ भी शेयर करें और नई नई कहानियां पढ़ने के लिए इस ब्लॉग को सब्सक्राइब करें।

 

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