धूर्त लोमड़ी की कहानी | Dhurt Lomdi Ki Story in Hindi

धूर्त लोमड़ी की कहानी Dhurt Lomdi Ki Story in Hindi

 

धूर्त लोमड़ी की कहानी

एक बार एक लोमड़ी की निगाह एक हिरन पर पड़ी। धूर्त लोमड़ी ने अपने सहायता के लिए एक चूहे को बुलाया। उसके बाद एक बाघ को भी बुलाया। सबने मिलकर हिरन को मारने की योजना बनाई। चूहे ने हिरन के पैर कुतर दिए और बाघ उस पर झपट पड़ा तथा उसे मार डाला। 

 

लोमड़ी बोली, “हमें बिना नहाए कुछ नहीं खाना चाहिए। मैं तो नहा चुकी हूँ। अब नहाने की बारी तुम लोगों की है।” जब बाघ नहाकर आया तो लोमड़ी बोली, “चूहा बहुत शेखी बघार रहा था। कह रहा था कि केवल उसके कारण ही हमें यह खाना मिल पा रहा है।” बाघ को यह सुनकर बहुत बुरा लगा की केवल उसके कारन हिरन का शिकार हो पाया है इसलिए वह वहाँ से चला गया।

 

जब चूहा आया तो उससे लोमड़ी बोली, “मैंने बाघ को लड़ने की चुनौती दी थी। वह डरकर भाग गया। अब तेरी बारी है।” चूहे ने जब यह सुना तो डरके मारे भाग गया। फिर लोमड़ी ने अकेले ही हिरन का सारा माँस खाया।

 

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