उल्लू का राजतिलक | Ulloo Ka Rajtilak Story in Hindi

उल्लू का राजतिलक | Ulloo Ka Rajtilak Story in Hindi

Ulloo Ka Rajtilak Story in Hindi

 

उल्लू का राजतिलक

जब सृष्टि की रचना की जा रही थी, तब सभी प्राणियों ने आपस में मिलकर अपने-अपने राजा का चुनाव किया। मनुष्यों ने एक सुंदर और योग्य युवक को अपना राजा बनाया। जानवरों ने शक्तिशाली शेर को राजा बनाया और मछलियों ने बड़ी मछली अनादा को अपना राजा बनाया।

 

पक्षी भी अपना राजा चुनने के लिए एकत्र हुए। जंगल के सारे पक्षी वहाँ उपस्थित थे। उन्होंने उल्लू को अपना राजा बनाया और बोले, “आज हम सारे पक्षी मिलकर इस शुभ अवसर पर उल्लू को अपना राजा चुनते हैं।”

 

अचानक एक कौआ बीच में बोल पड़ा, “इस तुनकमिज़ाज उल्लू को राजा क्यों बना रहे है? जबकि यहाँ इतने सारे बुद्धिमान और युवा कौए उपस्थित हैं।”

 

पक्षियों को भी यह बात सही लगी और उन्होंने हँस को अपना राजा बनाने का निश्चय किया। तभी से कौआ और उल्लू एक-दूसरे से बहुत चिढ़ते है और दूर-दूर रहते हैं।

 

उम्मीद करता हूँ की आपको यह कहानी “उल्लू का राजतिलक | Ulloo Ka Rajtilak Story in Hindi” जरूर पसंद आई होगी। अगर पसंद आए तो इस कहानी को अपने सभी दोस्तों के साथ भी शेयर करें और नई नई कहानियां पढ़ने के लिए इस ब्लॉग को सब्सक्राइब करें।

 

यह भी पढ़े:-

 

पंचतंत्र की कहानियां पढ़े (Panchatantra Stories in Hindi)

सारस और केकड़ा 
सियार और ढोल 
जादुई मुर्गी
लालची कुत्ता
नेवला और ब्राह्मण का बेटा

 

पंचतंत्र की और भी कहानियां पढ़ने के लिए निचे क्लिक करें 

(Click here to read more Panchatantra Storiees in Hindi)

Follow Me on Social Media

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *