शहरी चूहा और देहाती चूहा | Town Mouse and Country Mouse Story in Hindi

शहरी चूहा और देहाती चूहा | Town Mouse and Country Mouse Story in Hindi

Town Mouse and Country Mouse Story in Hindi

 

शहरी चूहा और देहाती चूहा

एक शहर का चूहा अपने एक दोस्त से मिलने गाँव में आया। शहरी चूहा अपने दोस्त के घर पहुँचा। उसका दोस्त उसे देखकर बहुत खुश हुआ। वह रात के खाने में अपने दोस्त के लिए बीन्स, बैंगन, पनीर और रोटी सब कुछ उसने पेश किया।

 

शहरी चूहा बहुत कम खा रहा था, इसमें से थोड़ा और उसमें से थोड़ा। देहाती चूहे को लगा कि शहरी चूहे को सायद उसका दिया हुआ खाना पसंद नहीं आया।

 

खाने के बाद शहर के चूहे ने अपने शहर के ज़िंदगी के बारे में बात किया जबकि गाँव का चूहा उत्साहित होकर उसकी बात सुन रहा था। फिर देहाती चूहा एक आरामदायक घोंसले में बिस्तर पर चढ़कर शांत और  सो गया।

 

अगले दिन, जब शहर के चूहे ने देहाती चूहे को अपने साथ शहर बुलाया तो वह बहुत खुश हो गया। शहरी चूहा देहाती चूहे को लेकर शहर में पहुँचा।

 

शहरी चूहा एक बड़े से हवेली में रहता था। जब वे दोनों हवेली में पहुँचे तो वहाँ टेबल पर उन्हें एक गुलदस्ते का छत्ता दिखा। मिठाई, जेली, पेस्ट्री, स्वादिस्ट चीज और बहुत सारी खाने की चीजे टेबल पर सजा हुआ था जो की वास्तव में सबसे आकर्षित भोजन दिखाई दे रहा था, वह एक चूहा कल्पना भी नहीं कर पा रहा था।

 

यह सब देखकर देहाती चूहा बहुत खुश हो गया। लेकिन जैसे ही देहाती चूहे ने टेबल पर सजा पेस्ट्री खाना शुरू किया, तभी उन्हें सामने के दरवाजे से एक बिल्ली आते हुए दिखाई दिया। डर केमारे दोनों चूहों ने छुपने के लिए एक जगह ढूंढना शुरू किया। वे दोनों लंबे समय के लिए बहुत बड़ी मुश्किल में पड़ गए थे।

 

आखिरकार जब वे बाहर आ गए, देहाती चूहे ने शहरी चूहे से कहा, “अलविदा दोस्त।” शहरी चूहे ने पूछा, “क्या इतनी जल्दी वापस जा रहे हो?” देहाती चूहे ने कहा ,”हाँ, डर के मारे केक खाने से बेहतर है शांति में बीन्स और बैंगन खाना।”

 

देहाती चूहा अपने घर वापस चला गया और लंबे समय तक शांति से अपना जीवन जीता रहा।

 

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