पंचतंत्र की कहानी: घमंडी मोर और सारस | Proud Peacock and Crane Story in Hindi

इस कहानी का नाम है “घमंडी मोर और सारस | Proud Peacock and Crane Panchatantra Story in Hindi” उम्मीद है आपको यह कहानी पसंद आएगी।

घमंडी मोर और सारस

Proud Peacock and Crane Story in Hindi

 

एक बार जंगल में जानवरों का एक समूह रहता था। वे सभी काफी अच्छे से एक साथ रहते थे। और एक-दूसरे के साथ जीवन का आनंद उठाते थे।

 

उन कई सारे जानवरों के बीच एक सुंदर मोर था। उसके पंख पर नीले, हरे और पिले रंग की बनावट थी। वह आसपास का सबसे अच्छा नर्तक था। उसने अपनी खूबसूरत पेशकश से कई जानवरों को आकर्षित किया। लेकिन एक चीज जो उसके बारे में आकर्षित नहीं थी, वह था उसका घमंड। क्यूंकि वह अकसर दिखवा करना पसंद करता था। मगर वह अकेला भी था। क्यूंकि वह इतना घमंडी था कि उसका कभी कोई दोस्त नहीं बना।

 

एक दिन, एक नया जानवर दूर देश से उस समूह में शामिल हो गया। वह लंबे पैर और भूरे पंख वाला एक सारस था। और वह आकर्षक नहीं था। हालाँकि, वह मिलनसार और बहुत हँसमुख था। अन्य जानवरों ने उसके अब तक की रोमांचक सफर की कई कहानियों का आनंद लिया। और जल्दी ही उसने कई सारे दोस्त भी बना लिए।

 

एक दिन जंगल में एक बहुत बड़ा प्रदर्शन था। और सभी जानवरों को उसमें भाग लेना था। झील के पास मोर तैयार हो रहा था। उसने अपनी सुंदरता की प्रशंसा की। क्यूंकि उसने पानी में अपनी झलक को देखा। और ध्यान से पप्रदर्शन के लिए अपने पंख फड़फड़ाए।

 

मोर ने सोचा ,”मैं तो सभी जानवरों में सबसे सुंदर हूँ।” तभी पानी पिने के लिए सारस झील में आ गया। वह घमंडी मोर पर मुस्कुराया और पानी पिने लगा।

 

मोर ने कहा, “अरे दोस्त, मुझे तुम्हारा स्वागत करते हुए बहुत ख़ुशी हो रही है मैं देख सकता हूँ कि तुम यहाँ हमारे समूह में काफी मिलझुल हो गए हो। तुम यहाँ क्यों आए हो?” सारस बोला, “मैं अच्छे जानवरों के तलाश में था। यह जगह तो बहुत अच्छी है।”

 

मोर बोला ,”ठीक है, बहुत जल्द उत्तेजित नहीं होते। हमारा हिस्सा बनना इतना आसान नहीं है। तुम्हे यहाँ सभी का दिल जितना होगा। मुझे नहीं लगता कि तुममे कुछ बात है।” तब सारस बोला, “पर मुझे नहीं लगता कि यह सब मायने रखता है। मैं यहाँ सिर्फ एक अच्छा समय बिता रहा हूँ।’ मोर ने कहा, “तुम्हे नहीं लगता कि यह मायने रखता है? अपने पंखो को देखो, अपने लंबे अजीब पैरों को देखो! क्या तुम्हारे पास कोई गुण है? मुझे लगता तो नहीं है।”

 

फिर मोर ने अपने पंख फैलाए। और तेज धुप में रंग वे रंगे पंख खूबसूरत लग रहे थे। झील के पानी में उसकी झलक दिख रही थी। और बहुत आकर्षक लग रहे थे। सारस ने देखा मगर उसे कुछ फर्क नहीं पड़ा।

 

मोर ने कहा, “मेरे पंखो को देखो, वह बहुत सुंदर और खास है। तुम्हारी तुलना में अधिक सुंदर है। मैं सुंदरता और बहुत आसानी से नृत्य करता हूँ। साथ ही मेरे पास बहुत सारा धन है।” सारस ने कहा, “ठीक है, मैं तुम्हे अपने प्रदर्शन के लिए फिरसे सुभकामनाए देता हूँ।”

 

सारस ने मोर के गौरव को देखा। लेकिन उसने कुछ कहा नहीं। और जंगल के बीचो-बीच चला गया, जहाँ हर कोई इकट्ठा हो रहा था। प्रदर्शन शुरू हो गया था। और जानवर अपने कौशल, शोक और प्रतिभा को दिखा रहे थे। अंत में मोर की बारी आई। मोर ने अपने सुंदर पंख फैलाए और नृत्य करना शुरू कर दिया। उसने अपने रंग दिखाए और अपने पंखो को चारों ओर इन्द्रधनुष की कंबल की तरह लहराया।

 

जानवरों ने मोर पर फूलों की बर्षात की। और अगली बारी सारस की थी। सारस ने प्रदर्शन दिखाने से पहले मुस्कुराया। बहुत से जानवरों को पता नहीं था कि वह कौन है इसलिए जानवर शांत थे। सारस बस बोलने ही वाला था की तभी अचानक कुछ दुरी पर तेज आवाज आई। सभी जानवरों ने चारों ओर देखा कि यह क्या था। जानवरों ने आकाश कि ओर देखा और भयानक काले बादलों को उनके ओर आते देखा।

 

अचानक भारी बारिश जमीन पर गिरने लगी। और सभी जानवर चिकने लगे। और सभी जानवर अपनी जान बचाने के लिए भागे। सारस अपने दोस्तों की ओर दौड़ा। और उसने छोटे जानवरों की मदद करने की कोशिश की। बारिश और तेज हो गई। मोर एक बड़ी चट्टान के पीछे छिप गया। वह मदद के लिए चिल्ला रहा था। पर किसी ने भी उसकी मदद नहीं की।

 

मोर पूरी तरह से बारिश में भीग चूका था। फिर सारस वहाँ आया और कहने लगा ,”अरे मोर, लगता है तुम्हे ले जाने के लिए यहाँ कोई नहीं है, सायद इसलिए क्यूंकि तुमने कभी कोई दोस्त नहीं बनाया। तुममे इतना घमंड नहीं होना चाहिए था। चाहे तुम्हारे पास कितना भी धन क्यों न हो, इससे तुम्हारी जिंदगी नहीं बच सकती।”

 

मोर बोला, “मुझे यहाँ अकेला मत छोड़ो। मुझे भी अपने साथ ले चलो। दुसरो की मदद तुम बाद में करना पहले मुझे बचाओ।” सारस बोला, “लगता है तुम कभी अपना सबक नहीं सीखोगे। इसलिए अलविदा।”

 

सारस ने अपने पैरों पर कूदा और आकाश में उड़ चला। सामने ही नदी था। जैसे ही नदी से ऊँची लहर आई, मौर उस लहर में डूब गया।

 

इस कहानी से सीख, Moral of The Story:

इस कहानी से हमें यह सीख मिलती है कि घमंड विनाश से पहले ही आता है। इसलिए कभी भी घमंड न करे।

 

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