पंचतंत्र की कहानी | एकता में ही बल है | Unity is Strength Panchatantra Story in Hindi

पंचतंत्र की कहानी: एकता में ही बल है | Unity is Strength Panchatantra Story in Hindi

Unity is Strength Panchatantra Story in Hindi

इस कहानी का नाम है “पंचतंत्र की कहानी: एकता में ही बल है” उम्मीद है आपको यह स्टोरी पसंद आएगी।

 

एकता में ही बल है पंचतंत्र की कहानी

एक बार की बात है, कबूतरों का एक झुंड था। अपने राजा के साथ वह भोजन की तलाश में इधर-उधर उड़ता रहता था। एक दिन वे सारे कबूतर एक जाल में फँस गए। उन्होंने जाल से छूटने की बहुत कोशिश की लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली।

 

कबूतरों के राजा के मन में एक विचार आया। उसने सारे कबूतरों से कहा कि अगर वे सब एक साथ उड़ने के लिए बल लगाएँ तो वे जाल को साथ में लेकर उड़ सकते हैं। सारे कबूतरों ने उसकी बात मानी और पूरा बल लगाकर जाल को साथ ले उड़े।

 

शिकारी ने जब कबूतरों को जाल के साथ ही उड़ते देखा तो वह हैरान हो गया। कबूतर उड़ते-उड़ते एक चूहे के पास पहुँचे। चूहा उनका विश्वसनीय मित्र था। चूहे ने तुरंत ही अपने दाँतो से जाल काट दिया और सारे कबूतर मुक्क हो गए।

 

इस कहानी से सीख, Moral of The Story:

इस कहानी से हमें यह सीख मिलती है की एकता में ही बल है। अगर किसी चीज को कई सारे साथ मिलकर करते है तो सफलता बहुत जल्दी मिलती है।

 

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