पंचतंत्र की कहानी | भेड़ और भेड़िया | Sheep and Wolf Panchatantra Story in Hindi

पंचतंत्र की कहानी: भेड़ और भेड़िया | Sheep and Wolf Panchatantra Story in Hindi

Sheep and Wolf Panchatantra Story in Hindi

इस कहानी का नाम है “पंचतंत्र की कहानी: भेड़ और भेड़िया” उम्मीद है आपको यह स्टोरी पसंद आएगी।

 

भेड़ और भेड़िया पंचतंत्र की कहानी

भेड़ियों का एक झुंड लंबे समय से भेड़ो के झुंड का शिकार करने की फिराक में था। उन्होंने भेड़ों के पास एक संदेशिया भेजा और उनसे कहा कि वे कुत्तों को अपने रखवाली के काम से हटा दें। उन्होंने भेड़ों के सामने यह प्रस्ताव रखा, “ऐसे शोर मचाने वाले और हर समय भौंकते रहने वाले कुत्तों को रखने से क्या लाभ? हम लोग आपस में मित्रता करते हैं और सब लोग शांतिपूर्वक रहेंगे। जब हमारे बीच मित्रता हो जाएगी तब तुम लोगों को कुत्तों की कोई आवश्यकता नहीं रह जाएगी। हमारी यही प्रस्ताव है। इस पर विचार करना।”

 

भेड़ें बड़ी सीधी-सादी थी। उन्होंने भेड़ियों की बातों में आकर कुत्तों को तुरंत काम से हटा दिया। अब उनके झुंड के रखवाली के लिए कोई नहीं बचा। उन सबकी जान खतरे में पड़ गई।

 

भेड़िए बिना समय गवाएँ उनके झुंड पर झपट पड़े और उन सबको मार डाला। भेड़ों ने अपने मित्रों के बजाय अपने शत्रुओं पर विश्वास किया, इसलिए उन्हें हानि उठानी पड़ी।

 

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इस कहानी से सीख, Moral of The Story:

किसी पर भी आसानी से मित्रता और विश्वास नहीं करना चाहिए।

 

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