पंचतंत्र की कहानी | स्वार्थी मित्र | Selfish Friend Panchatantra Story in Hindi

पंचतंत्र की कहानी | स्वार्थी मित्र | Selfish Friend Panchatantra Story in Hindi

Selfish Friend Panchatantra Story in Hindi

 

स्वार्थी मित्र

एक बार एक चूहे ने एक शेर की गुफा के पास अपना घर बनाया। वह चूहा हर वक़्त उस शेर को परेशान करता रहता और शेर के शरीर के ऊपर चढ़कर उछल-कूद भी करता। कभी कभी तो वह चूहा अपनी नुकीली दाँतो से शेर को काट भी लेता था। शेर को बहुत क्रोध आता था, लेकिन वह करे भी तो क्या? वह चूहा इतना छोटा था कि उसकी पकड़ में नहीं आ पाता था।

 

शेर ने चूहे को सबक सिखाने के लिए एक सुझाव सोचा। वह एक बिल्ली से मिला और उसे अपना मित्र बना लिया। शेर ने उस चूहे को पकड़ने के लिए उस बिल्ली की सहातया लेने का निश्चय किया। शेर अपने मित्र बिल्ली को अपने गुफा में ले आया और उसे भरपेट खाना खिलाया।

 

अब वह बिल्ली उसी गुफा में रहने लगा और शेर उसे रोज खाना खिलाने लगा। एक दिन, शेर शिकार करने के लिए जंगल में गया हुआ था। इधर चूहा भोजन की खोज में अपने बिल से बाहर निकला। बिल्ली ने उसे देखा तो पकड़कर खा गई। जब शेर शिकार से वापस आया तो बिल्ली ने उसे कहा की उसने उस चूहे को मार दिया।

 

चूहा तो मर गया। अब शेर उस गुफा में आराम से रह सकता था। अपना काम होने के बाद शेर का व्यव्हार बिल्ली के प्रति एकदम बदल गया। अब उसने बिल्ली को खाना खिलाना भी बंद कर दिया था। अब बिल्ली को यह महसूस हुआ की शेर बहुत ही स्वार्थी है। उसने शेर की गुफा छोड़ दी और वहाँ से चली गई।

 

इस कहानी से सीख, Moral of The Story:

अपने स्वार्थ के लिए जो हमसे दोस्ती का हाथ बढ़ाते है उन लोगों से दूर ही रहना चाहिए।

 

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