पंचतंत्र की कहानी: साँप और चींटी

पंचतंत्र की कहानी: साँप और चींटी | Snake and Ant Panchatantra Story in Hindi

Snake and The Ant Panchatantra Story in Hindi

इस कहानी का नाम है “पंचतंत्र की कहानी: साँप और चींटी” उम्मीद है आपको यह स्टोरी पसंद आएगी।

 

साँप और चींटी पंचतंत्र की कहानी

एक समय की बात है, एक पेड़ पर एक बिल में एक साँप रहता था। वह मेंढक पकड़ और पंछियों को खाता था। वह दिन में सोता और रात में शिकार करता था।

 

कुछ दिन बाद, वह साँप बढ़ा हो गया। और उस बिल में न घुस पाया। तो उसने सोचा कि अब वह अपना ठिकाना बदलेगा। अपने नए घर की तलाश करते हुए उसे एक बरगद के पेड़ पर एक बढ़ा सा बिल दिखा। उस पेड़ के निचे चींटियों की पहाड़ी थी।

 

साँप पेड़ के पास आया और बोला, “अब से इस पेड़ पर मैं रहूँगा। तुम सबको इस जगह से तुरंत जाना पडेग़ा। उस पेड़ के आसपास रहने वाले सभी जानवर और पक्षी बहुत डर गए थे। मगर चींटियों को कुछ फर्क नहीं पड़ा था। वह पहाड़ी उन्होंने बहुत मेहनत से बनाई थी।

 

सभी चींटिया एक जुट होकर आगे बढ़ी। और उस साँप को चारो तरफ से घेर लिया। और उसे काटने लगी। साँप को बहुत दर्द हुआ। और चिल्लाता हुआ वहाँ से भाग गया। उसके बाद वह वहाँ कभी वापस नहीं आया। तभी से सारे जानवर और पंछी वहाँ ख़ुशी से रहने लगे।

 

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