पंचतंत्र की कहानियां: सियार और साधु | Jackal and Sage Panchatantra Story in Hindi

पंचतंत्र की कहानियां: सियार और साधु | Jackal and Sage Panchatantra Story in Hindi

Jackal and Sage Panchatantra Story in Hindi

इस कहानी का नाम है “पंचतंत्र की कहानियां: सियार और साधु” उम्मीद है आपको यह कहानी पसंद आएगी।

 

सियार और साधु पंचतंत्र की कहानियां

एक दुष्ट सियार हर रात को पड़ोस के गाँव जाता और लोगों के मकानों से स्वादिष्ट भोजन चोरी करके ले आता। गाँव वाले चोर को पकड़ना चाहते थे लेकिन वह उनकी पकड़ में नहीं आ पा रहा था।

 

एक दिन, जब सियार गाँव में  गया तो उसने पाया कि बहुत सारे गाँव वाले उसकी तलाश कर रहे हैं। कुछ देर बाद उसने रास्ते में आते एक साधु को देखा। दयनीय आवाज में दुष्ट सियार साधु से बोला, “भले आदमी, मैं घायल हो गया हूँ। मुझे अपने थैले में रखकर मेरे घर तक छोड़कर आओ, तो बड़ी कृपा होगी।”

 

साधु उसकी मदद करने को ख़ुशी-ख़ुशी तैयार हो गया। जब सियार अपनी गुफा के पास पहुँचा, तो वह चिल्लाया, “यह थैले वाला आदमी ही चोर है!” यह कहकर सियार गुफा में घुस गया। गाँव वालों ने साधु को चोर समझकर पकड़ लिया।

 

इस कहानी से सीख, Moral of The Story:

इस कहानी से हमें यह सीख मिलती है कि आँख मूँदकर हमें हर किसी के ऊपर विश्वास नहीं कर लेना चाहिए।

 

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