गधा बेचना है | Sell Ass | Story in Hindi

गधा बेचना है | Sell Ass | Story in Hindi

Sell Ass Story in Hindi

हेलो दोस्तों आज मैं आपके लिए एक मजेदार हिंदी कहानी लाई हूँ जो की आपको बहुत पसंद आएगी और वह कहानी है “गधा बेचना है | Sell Ass | Story in Hindi “ .

गधा बेचना है

एक धोबी था। उसके पास एक गधा था। वह बहुत ही दुष्ट-पुष्ट था। चार-चार गधो का खाना वह अकेले खाता था। पर काम करने का मन गधे का बिलकुल भी नहीं करता था। दिन भर सिर्फ आराम करना और सोते रहना बस यही काम गधे को आता था। बस इसी कारन धोबी इस गधे पर काफी गुस्सा होता था। उसकी वह काफी पिटाई करता था।

 

धोबी ने इस गधे को सुधारने के लिए काफी उपाय करें पर गधा तो सुधरने का नाम ही नहीं लेता था। आखिर में धोबी ने इस गधे को बेचकर दूसरा गधा लेने का निर्णय लिया। और दूसरे ही दिन गधा बेचना है ऐसा बोर्ड बाहर लगा दिया। कुछ दिनों बाद धोबी का एक दोस्त उसके घर के पास से ही जा रहा था तो उसने देखा धोबी के घर के बाहर एक बोर्ड रखा हुआ है जिसमे लिखा है गधा बेचना है। धोबी के दोस्त ने सोचा की क्यों न वह यह गधा अपने दोस्त से खरीद ले। इसलिए उसने धोबी को बाहर बुलाया और कहा, “अरे सुना है तुम अपना गधा बेच रहे हो। क्या मैं ले लूँ इस गधे को?” धोबी तो यह सुनते ही बहुत खुश हो गया। धोबी ने कहा, “हाँ हाँ, खरीद लो।” पर उसके दोस्त ने कहा, “मैं इस गधे को खरीद तो लूंगा लेकिन मेरी एक शर्त है।” धोबी ने कहा, “कैसी शर्त?” उसके दोस्त ने कहा, “सबसे पहले मैं तुम्हारे गधे को मेरे गधो के साथ रखूँगा उसके बाद खरीदना है या नहीं फिर तेइ करूँगा।” धोबी ने कहा ,”ठीक है ले जाओ फिर।”

 

 

फिर धोबी के दोस्त ने उस नए गधे को अपने पुराने गधे के साथ रख दिया। और वह उस गधे को ध्यान से परखने लगा। धोबी के गधे ने दूसरे गधे से पूछा, “नमस्कार दोस्त।” दूसरे गधे ने कहा, “नमस्कार, नमस्कार।” धोबी के गधे ने कहा, “कैसे हो?” तो दूसरे गधे ने जवाब दिया, “मजे में हूँ। लेकिन तुम नए दिख रहे हो। कहाँ के हो तुम?” धोबी के गधे ने कहा, “मैं तो इसी गांव का हूँ। इतने दिन धोबी के पास था। ” दूसरे गधे ने धोबी के गधे से पूछा, “क्या क्या काम करते थे तुम?” इसके जवाब में धोबी के गधे ने कहा, “काम तो मैं करता ही नहीं था। मैं सिर्फ खाता था और आराम करता था यही मेरा चहेता काम है।” दूसरे गधे ने कहा, “तो क्या धोबी तुम्हे कुछ नहीं कहता था?” धोबी के गधे ने कहा, “बोलता था और बड़ी पिटाई भी करता था। बहुत क्रूर था। मालिक पीटते पीटते थक जाता और फिर थक कर चला जाता।” दूसरे गधे ने कहा, “देखो मैं तुम्हे यह स्पष्ट करता हूँ की हमारी दोस्ती कभी नहीं होगी। जो हमें खाना देता है, हमसे प्यार करता है उसी मालिक के काम न करके कामचोर बनकर तकलीफ देना मुझे मंजूर नहीं है। इसके बाद तुम मुझसे बात नहीं करना।”

 

इस आलसी गधे की दोस्ती किसी भी गधे से नहीं हो सकी। आखिर में धोबी के दोस्त के पास पहले से ही एक आलसी गधा था, जिसकी दोस्ती इस गधे से हो गई। धोबी के दोस्त ने जिस गधे से दोस्ती करि वह गधा भी उसकी तरह आलसी था। उसे भी भर पेट खाना खाना और सोना बहुत पसंद था। धोबी के गधे को बहुत ख़ुशी हुई की उसे उसके जैसा ही एक गधा मिल गया।

 

 

धोबी का दोस्त यह सारी चीजे देखता रहा। यह सब देखकर धोबी से लाया हुआ गधा अपने किसी भी काम का नहीं है इस बात को धोबी का दोस्त अच्छे से समझ गया। और फिर वह जल्द ही आलसी गधा लेकर धोबी के पास पहुंच गया और बोला, “धोबी ओ धोबी, यह तुम्हारा गधा तुम वापस ले लो। मुझे ऐसा गधा नहीं चाहिए।” धोबी के दोस्त को आखिर क्या कहना था वह धोबी समझ गया। बेचारा धोबी और कर भी क्या सकता था। धोबी ने फिर उस गधे को अपने पास ही रख लिया।

मुझे उम्मीद है दोस्तों की आपको यह कहानी “गधा बेचना है | Sell Ass | Story in Hindi जरूर पसंद आएगी अगर कहानी अच्छी लगे तो कमेंट के जरिये अपना विचार जरूर बताए और इस कहानी को अपने सभी दोस्तों और परिवारजनों के साथ भी करें और हमारे इस ब्लॉग को सब्सक्राइब भी करें क्युकी  हम इस ब्लॉग पर प्रतिदिन नई और मजेदार कहानिया पोस्ट करते है।

 

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