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Motivational Story in Hindi

माँ-बाप से बड़ा कुछ नहीं | Best Motivational Story in Hindi

दोस्तों आज की प्रेरणादायक कहानी (Best Motivational Story in Hindi) है एक माँ और बाप की जो यह साबित करते है की उनसे बड़ा इस दुनिया में और कोई भी नहीं है। तो चलिए दोस्तों कहानी शुरू करते है।

 

माँ-बाप से बड़ा कुछ नहीं – Best Motivational Story in Hindi

यह कहानी एक गरीब युवक की है। वह गरीब युवक कमाने के लिए शहर गया। कुछ समय बाद उसे एक अच्छी नौकरी मिल गई। इसी दौरान उसके शहर में कई दोस्त भी बन गए, इनमे से एक दोस्त का घर रास्ते में ही पड़ता था। वह दोनों ऑफिस साथ-साथ ही जाया करते थे।

 

वक़्त बीतता गया। काम चलता रहा। अब उसे नौकरी में  तरक्की मिल गई थी और तनखाह भी अच्छी खासी हो गई थी। वह शहर में काम करके बहुत खुश था। आज उसका जन्मदिन है।वह आज बहुत खुश है। ऑफिस में लोगो ने उसे जन्मदिन की बधाईया दी। शाम को ऑफिस से छूटते ही अपने दोस्तों को साथ लेकर शहर के एक बड़े से होटल में पार्टी की।

 

 

पार्टी समाप्त होते ही , सारे दोस्त अपने-अपने घर चले गए। वह गरीब युवक शहर में रहकर इतना घुल मिल गया की उसे अपने माँ-बाप का जरा भी खयाल नहीं आया। गांव में उसके माँ-बाप उसके तरक्की के लिए रोज मंदिर में जाकर पूजा करते थे और ईश्वर से अपने बेटे के लंबी उम्र की कामना भी करते थे। उसके घर वाले वहां उस पर आस लगाए बैठे थे की शहर से उनका बेटा आएगा तो सब मुश्किल हल हो जाएगी लेकिन शहर जाकर वह अपने माँ-बाप को भूल ही गया था।

 

उसे दोस्तों के साथ घूमना और पार्टी करना बहुत अच्छा लगता था लेकिन अपने घरवालों की कोई चिंता नहीं थी उसे। उस युवक ने शहर में अपने पैसो से घर ख़रीदा, कार खरीदी लेकिन शहर में एक बार भी अपने माँ-बाप को बुलाना जरुरी नहीं समझा और वह शहर में ऐशो आराम की जिंदगी जी रहा था।

 

Best Motivational Story in Hindi

एक दिन अचानक वह बहुत बीमार हो गया और उसे हॉस्पिटल में भर्ती होना पड़ा। रात-दिन दवाई लेने के बाबजूद उसे कोई आराम नहीं मिल रहा था। एक दिन वह युवक हॉस्पिटल में गहरी नींद में सोया हुआ था, अचानक वह नींद में माँ-बाबा, माँ-बाबा ऐसे जोर-जोर से चिल्लाने लगा। डॉक्टर ने कई दवाइयां दी लेकिन किसी भी दवाई का कोई असर नहीं हो रहा था। आखिर में डॉक्टर ने उनके घरवालों के पास संदेश भिजवाया।

 

युवक के माँ-बाप को जैसे ही डॉक्टर का संदेश मिला तो वह उसी वक़्त तुरंत हॉस्पिटल चले गए और हॉस्पिटल पहुंच गए। युवक के माँ ने उसे देखते ही उसे अपने सीने से लगा लिया और मानो जैसे  अपने माँ और बाप को वहां पाकर वह युवक बिलकुल ठीक हो गया। देखते ही देखते उस युवक के स्वास्थ में बहुत सुधार आ गया और उसी दिन डॉक्टर ने उस युवक को हॉस्पिटल से छुट्टी दे दी। मानो दोस्तों जैसे माँ बाप ही उसके लिए दवाई बनकर आए थे।

 

 

कहानी से सिख, Learning From The Story 

दोस्तों उस युवक ने पैसों से दुनिया की सारी चीजे खरीदी। उसने पैसों से दोस्त, डॉक्टर, नर्स, दवाइयां सब कुछ उसने खरीद लिया लेकिन उसके माँ-बाप की ममता और प्यार के आगे सब कुछ फीका पड़ गया।

दोस्तों बिना माँ-बाप के पैसा कुछ भी नहीं। माना की एक अच्छा जीवन जीने के लिए पैसा आवशयक है लेकिन बिना माँ-बाप के भी जीवन अधूरा है।

तो दोस्तों मैं उम्मीद करता हूँ की आपको यह प्रेरणादायक कहानी “माँ-बाप से बड़ा कुछ नहीं | Best Motivational Story in Hindi” पसंद आई होगी और इससे एक बहुत अच्छी सीख मिली होगी। कहानी अच्छी लगे तो निचे  कमेंट जरूर करें और इस ब्लॉग को सब्सक्राइब भी करें।

 

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Sonali Bouri

मेरा नाम सोनाली बाउरी है और मैं इस साइट की Author हूँ। मैं इस ब्लॉग Kahani Ki Dunia पर हिंदी कहानी , प्रेरणादायक कहानी, सक्सेस स्टोरीज, इतिहास और रोचक जानकारियाँ से सम्बंधित लेख पब्लिश करती हूँ हम आशा करते है कि आपको हमारी यह साइट बेहद पसंद आएगी।

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