सोने का अंडा | The Golden Egg Story in Hindi

सोने का अंडा | The Golden Egg Story in Hindi

सोने का अंडा

The Golden Egg Story Hindi

गरीब नाइ, अपनी छोटी सी झोपड़ी में अकेला रहता था। वह अपने काम के लिए समर्पित था। वह जो कुछ भी कमाता वह उसकी जरूरतों को पूरा करने के लिए काफी था।

 

एक शाम, काम से लौटने के बाद, हरिया भूखा था। हरिया सोचने लगा की आज रात के खाने में उसे क्या बनाने है? उसने तभी अपनी झोपड़ी के बाहर एक मुर्गी को आवाज देते हुए सुना। हरिया ने मन ही मन कहा, “यह मुर्गी मेरे लिए आज रात एक बड़ी दावत बनेगी।” हरिया फिर मुर्गी को पकड़ने के लिए तैयार हो गया।

 

बहुत कोशिश के बाद उसने मुर्गी को पकड़ लिया। जब वह मुर्गी को मारने जा रहा था तभी मुर्गी बोली, “हे दयालु आदमी कृपया करके मुझे मत मारो। मैं आपकी मदद कर सकता हूँ।” तभी हरिया रुक गया। हांलाकि वह हैरान थी की उस मुर्गी ने बात की। हरिया ने पूछा, “तुम मेरी मदद कैसे कर सकते हो।”

 

 

मुर्गी ने कहा, “अगर आप मेरी जान बख्श देते हैं, तो में आपके लिए रोज एक सुनहरा अंडा रख दूंगी।” हरिया की आंखे ख़ुशी से भर उठी। वह इस बात को सुनकर हैरान रह गया। एक सुनहरा अंडा! वह भी हर रोज। हरिया ने कहा, मैं तुम्हारे बातों पर क्यों बिश्वास करू। तुम क्या मुझसे झूट बोल रहे हो? मुर्गी ने कहा, ” अगर मैं तुम्हे कल सोने का अंडा नहीं देती तो फिर तुम मुझे कल मार देना।” इस वादे के बाद हरिया ने उस मुर्गी की जान बख्श दी और  अगले दिन का इन्तिज़ार करता रहा।

 

अगली सुबह, हरिया को अपनी झोपड़ी के पास एक सुनहरा अंडा पड़ा हुआ मिला और मुर्गी उसके पास बैठी थी। हरिया ने बड़े प्रसन्नता से कहा, तुम सही थे। तुम तो बास्तब में एक सुनहरा अंडा दे सकती हो। हरिया ने इस घटना को किसी के सामने नहीं बोला, इस डर से की कोई अन्य ब्यक्ति इस मुर्गी को पकड़ न ले।

 

उस दिन से, मुर्गी रोज एक सुनहरा अंडा देती थी। बदले में, हरिया मुर्गी की अच्छी देखभाल करने लगा। बहुत जल्द, हरिया अमीर हो गया।

 

 

लेकिन वह लालची हो गया। उसने सोचा, “अगर में मुर्गी के पेट को काट दूं तो मैं एक बार में ही मुर्गी के सारे सुनहरे अंडे निकाल सकता हूँ। मुझे एक एक करके सोने के अंडे लेने के लिए मुर्गी का इंतिजार नहीं करना पड़ेगा।

 

उस रात वह मुर्गी को अपने घर के एक कोने में ले गयी और उसे मार डाला लेकिन उसे एक भी सुनहरा अंडा नहीं मिला।

 

हरिया ने कहा, “यह मैंने क्या कर दिया। मेरे लालच ने मुर्गी को मारने के लिए मजबूर कर दिया। लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।

 

 

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