मोनालिसा पेंटिंग की रहस्यमय कहानी | Mysterious Story of Mona Lisa Painting in Hindi

मोनालिसा पेंटिंग की रहस्यमय कहानी | Mysterious Story of Mona Lisa Painting in Hindi

Story of Mona Lisa Painting in Hindi

 

दुनिया में बहुत ही कम लोग ऐसे होते है जो मरने के बाद भी अपने कामो के लिए लोगों के दिल में जिन्दा रहते है उनमे से एक है मशहूर पेंटर लिओनार्डो द विंची।

 

लिओनार्डो द विंची एक चित्रकार, मूर्तिकार, वास्तुकार, संगीतकार, बैज्ञानिक, आविष्कारक, भू-बैज्ञानिक, मानचित्रकार, लेखक और भी न जाने क्या क्या है। लिओनार्डो द विंची का जन्म 15 अप्रैल 1452 में इटली के एक विंची शहर में हुआ था और इसलिए उनके नाम के पीछे विंची लगाया गया है।

 

द विंची बचपन से ही मेधावी छात्र थे। अपने शिक्षकों के सवालो का जवाब आश्चर्यजनक रूप से देते थे। लिओनार्डो द विंची इटली के राजशाही के दौरान एक बैज्ञानिक खोजकर्ता और कलाकार के रूप में जाने जाते थे और आज भी वह अपने प्रतिभा के लिए पुरे विश्व में जाने जाते है।

 

एस्ट्रोलॉजिकल हेरिटेज दुयारा उनको दुनिया के सबसे प्रतिभाशाली व्यक्ति का दर्जा दिया गया था। लिओनार्डो द विंची एक ही बार में एक हाथ से लिख और दूसरे हाथ से पेंटिंग कर सकते थे। दुनिआ के सबसे प्रसिद्ध पेंटिंग मोनालिसा को लिओनार्डो द विंची दुयारा बनाया गया था जो आज भी फ्रांस के लॉवरे म्यूजियम में मौजूत है और इसकी कीमत भारतीय रुपियो के हिसाब से पांच हजार दोसो तियापन करोड़ रुपए है।

Story of Mona Lisa Painting in Hindi

कहा जाता है की मोनालिसा की पेंटिंग को अलग-अलग एंगल से देखने पर मोनालिसा की हंसी अलग नजर आती है पर यह तो आज भी एक रहस्य बना हुआ है। लिओनार्डो द विंची ने मोनालिसा की पेंटिंग को सन 1503 में बनाना शुरू किया था जब वह इक्यावन साल के थे और 2 मई 1519 में विंची ने इस पेंटिंग को पुरे किये बने ही इस दुनिया से चल बसे।

इटली में मोनालिसा का मतलब होता है “My Lady” और यह भी कहा जाता है मोनालिसा की यह पेंटिंग नेपोलियन बोनापार्ट को पसंद आ गई थी जिसके चलते उन्होंने यह पेंटिंग अपने कमरे में लगा दी। सन 1757 में मोनालिसा की पेंटिंग फ़्रांस के लॉवरे म्यूजियम में पाई गई थी लेकिन चौकाने वाली बात यह है की यह पेंटिंग वहां पहुंची कैसे यह बात आज भी एक रहस्य बनी हुई है।

 

सन 1951 में एक आदमी ने मोनालिसा की पेंटिंग पर पत्थर फेक दिया था जिसकी बजह से मोनालिसा के बाई हाथ की कोहनी के सामने यह दाग पड़ गया और इस कारन फ्रांस की गवर्नमेंट ने इस पेंटिंग के लिए एक ऐसा कमरा बनवाया म्यूजियम के अंदर जिसके उपर तक़रीबन पचास करोड़ का खर्चा किया गया जिससे की यह पेंटिंग सुरक्षित रह सके।

 

लिओनार्डो द विंची पेंटर होने के साथ में एक लेखक भी थे लेकिन उन्होंने अपने सबसे पसंदीदा पेंटिंग मोनालिसा का जिक्र कही भी नहीं किया है जिससे आज तक यह बात रहस्य बनी हुई है की आखिर यह औरत है कौन जिसे मोनालिसा की पेंटिंग में बनाया गया है।

 

2004 में एक बैज्ञानिक पास्कल कोटे ने मोनालिसा की पेंटिंग को हाई इन्टेन्सिटी लाइट्स और मल्टी लेंस कैमरे की मदद से अलग-अलग लेयर्स निकाल ली और उन्हें यह पता चला की मोनालिसा की पेंटिंग बनाने के लिए लिओनार्डो द विंची जो पेंट इस्तिमाल किया करते थे उसकी मोटाई 40 माइक्रोमीटर थी यानि एक बाल से भी ज्यादा पतली जिसमे कॉल भी शामिल था यह बात भले ही रहस्यमय न लगती हो मगर रहस्य तो यह है की इस पेंटिंग में इतने पतले पेंट का इस्तिमाल करने के बाद भी यह आज भी यानि 500 साल तक सुरक्षित कैसे है और यह पेंटिंग आज भी एक बहुत ही रहस्यमय पेंटिंग बनी हुई है।

 

यह भी कहा जाता है की मोनालिसा पेंटिंग में विंची ने कुछ शब्द लिखे थे जो इटालियन भाषा में थे और हिंदी में उसका मतलब होता है की “उत्तर यहाँ है (The Answer Is Here)” इस बात से यह पता चलता है की सायद विंची इस पेंटिंग में कुछ छुपा मैसेज को बताना चाहते थे लेकिन वह इससे पहले ही दुनिया से चल बसे और यह एक रहस्य बना रह गया।

 

इस पेंटिंग को लेकर यह भी बताया गया है की मोनालिसा की पेंटिंग में एक एलियन छुपा है यह बात कितनी सच और कितनी झूट है इसका पता तो नहीं चल पाया मगर जब हम मोनालिसा की दो पेंटिंग लेते है और दोनों का मुँह बाई और दाईं करके मिलाते है तो बीच में एक एलियन जैसी आकृति बन जाती है। यह बात तब सोचने पर मजबूर कर देती है जब यह आकृति बनती है वहां पर विंची ने लिखा है “उत्तर यहाँ है (The Answer Is Here)” तो क्या लिओनार्डो द विंची इस पेंटिंग से यह बताना चाहते थे की उन्होंने एलियन को देखा है और क्या वह यह बताना चाहते थे की हमारे दुनिया में एलियन मौजूत है और क्या यह पेंटिंग एक एलियन की है यह तो हम सबको नहीं पता मगर जो सामने मौजूत है वह है लिओनार्डो द विंची की यह रहस्यमय पेंटिंग मोनालिसा।

 

मोनालिसा पेंटिंग की कुछ अन्य रहस्यमय बातें | Mysterious Story of Mona Lisa Painting in Hindi

 

  • 23 जून 1852 को लुक मास्पेरो नाम के एक यंग फ्रेंच आर्टिस्ट ने पैरिश के एक होटल की चौथी मंजिल से कूदकर अपनी जान दे दी। वह मोनालिसा की रहस्यमय मुस्कान के लिए पागल था उसकी सुंदरता पर मोहित था। उसने एक सुसाइड नोट भी छोड़ा जिसमे उसने मोनालिसा के लिए अपना प्यार और सालों की इंतिजार की बात की थी।

 

  • मोनालिसा के बारे में जो सबसे रहस्यमय बात है और जो बात आर्टिस्ट और हिस्टोरियन को सबसे ज्यादा सोचने पर मजबूर कर देती है वह है मोनालिसा की रहस्यमय मुस्कान जो अलग-अलग एंगल से दिखने पर अलग-अलग दिखती है मतलब बदलती रहती है। पहले यह तस्वीर मुस्कुराते हुए दिखाई देती है फिर यह मुस्कान फीकी पड़ जाती है और फिर गायब हो जाती है। एक रिसर्च से यह पता चला है की जिस औरत को विंची ने इस पेंटिंग में बनाया है वह अपने अंदर कुछ राज छुपाये हुए है इसलिए मोनालिसा की मुस्कान इतनी रहस्यमय है।

 

  • कुछ सालों पहले एक डॉक्टर ने यह कहकर सबको हैरानी में डाल दिया की मोनालिसा की इस रहस्यमयी मुस्कान का राज है उसकी उपरी दो दांतो का टुटा होना और यही बजह है की उसका उपरी होठ थोड़ा दबा हुआ है। सन 2000 में हॉवर्ड के एक न्यूरो साइंटिस्ट डॉक्टर मार्गरेट ने बताया की मोनालिसा की मुस्कान नहीं बदलती बल्कि इंसान का माइंडसेट बदलता है मतलब यह आपके दिमाग का खेल है जैसा आप मोनालिसा की पेंटिंग को देखना चाहते हो वैसा ही वह आपको दिखेगा यह इस चीज़ पर निर्भर करता है की आप किस चीज़ पर फोकस कर रहे है।

 

  • लिओनार्डो द विंची को सबसे ज्यादा समय मोनालिसा के होठ बनाने में लगा था। मोनालिसा के होठ बनाने में द विंची ने 12 साल लगा दिए थे।

 

  • यह बात तो सच है की मोनालिसा एक बहुत ही खूबसूरत पेंटिंग है और शुरू से ही यह काफी मशहूर है लेकिन इतनी मशहूर यह कभी नहीं थी जितनी की तब हुई जब इसे पैरिश के म्यूजियम से चुरा लिया गया।

 

  • मोनालिसा की एक जुड़वाँ पेंटिंग भी मौजूत है जो बिलकुल लिओनार्डो द विंची की मोनालिसा जैसे ही दिखती है। कहा जाता है की दूसरे पेंटिंग को द विंची के समय में ही उनके एक स्टूडेंट फ्रांसेस्को मेइजी ने बनाया था।

 

  • आज तक यह बात रहस्य है की यह औरत थी कौन मतलब लिओनार्डो द विंची ने यह किसकी तस्वीर बनाई थी। ज्यादातर लोगों का यह कहना है की इस तस्वीर में जो औरत है वह लिसा घेरार्दिनी की है जो की फ्लोरेंस की एक इटालियन औरत थी लेकिन एक थिओरी यह भी कहती है की मोनालिसा लिओनार्डो द विंची की खुदकी तस्वीर है मतलब उन्होंने इस तस्वीर में खुदको एक औरत के रूप में बनाया था।

 

  • 2nd वर्ल्ड वॉर के समय मोनालिसा को 6 बार अपनी जगह से बदला गया ताकि यह बेस कीमती पेंटिंग जर्मन के हाथो में न चले जाए।

 

  • लिओनार्डो ने मोनालिसा को पेंट करने में 30 से भी ज्यादा लेयर्स का इस्तिमाल किया था और उनमे से कुछ लेयर्स तो एक इंसानी बाल से भी बारीक़ थी।

 

  • 1519 में द विंची के मृत्यु के बाद मोनालिसा फ्रांस के राजाओ के प्राइवेट कॉलेक्शन का हिस्सा बन गई। फ्रेंच रेवलूशन के बाद मोनालिसा को पैरिश के लॉवरे म्यूजियम में रख दिया गया। यह पेंटिंग नेपोलियन को इतनी पसंद आई थी की कुछ समय के लिए उन्होंने इसे अपने बैडरूम में लगवा दिया था।

 

  • मोनालिसा पेंटिंग की साइज 30 by 20 inches का है और इसका वजन 8 किलोग्राम है।

 

  • मोनालिसा के फैन दुनिया भर में है इस पेंटिंग पर बहुत से पोयम्स भी लिखे जा चुके है और गाने भी बन चुके है। जब से इसे पैरिश के लॉवरे म्यूजियम में रखा गया है तब से इसे वहां लव लेटर्स मिलते है, चाहने वालो के तरफ से फूल मिलते है।

 

तो दोस्तों आपको मोनालिसा की यह रहस्यमय कहानी “Story of Mona Lisa Painting in Hindi”और उससे जुडी कुछ रहस्यमय बातें आपको कैसी लगी निचे कमेंट करके जरूर बताए और मुझे उम्मीद है की इस पोस्ट में आपको मोनालिसा पेंटिंग के बारें में बहुत कुछ जानने को मिला होगा तो अगर आप इसी तरह और भी रहस्यमय कहानियां पढ़ना चाहते है तो फिर हमारे इस ब्लॉग को सब्सक्राइब जरूर करें क्यूंकि हम अपने साइट पर इसी तरह के रहसयमय कहानियां और बच्चे से लेकर बड़ो तक सभी के लिए मजेदार कहानियां और मोटिवेशनल कहानियां भी पोस्ट करते है।

 

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