एक बाज की प्रेरक कहानी | Motivational Story Of An Eagle in Hindi

एक बाज की प्रेरक कहानी | Motivational Story Of An Eagle in Hindi

Motivational Story Of An Eagle in Hindi

 

एक बाज की प्रेरक कहानी

जंगल में एक बहुत बड़ा पेड़ था। उस पेड़ पर एक बाज ने घोसला बना रखा था। उसी पेड़ के निचे एक जंगली मुर्गी ने अंडे देकर रखे थे। लेकिन एक दिन उस बाज का एक अंडा उस मुर्गी के अंडे के साथ मिल गया। समय आने पर अंडा फूटा। बाज का बच्चा अंडे से बहार निकला।

 

निकल ने के बाद वे यह सोचकर बड़ा हुआ की वे एक मुर्गी है। वे ऊनि कामों को करता जो मुर्गी करती थी। वे जमीन खोदकर अनाज के दाने खोजता और मुर्गी की तरह कुरकुराता। वे कुछ फिट से अधिक उड़ान नहीं भर सकता था क्युकी मुर्गी भी ऐसाही करती थी।

 

 

एक दिन, उसने एक बाज को आकाश में बड़ी शान से उड़ते देखा। उसने मुर्गी से पूछा, “उस सुंदर चिड़िया का नाम क्या है? ”

 

मुर्गी ने जवाब दिया, “वे एक बाज है। वे एक शानदार चिड़िया है, लेकिन तुम उसकी तरह उड़ान नहीं भर सकते क्युकी तुम तो मुर्गी हो।”

 

बाज के बच्चे ने बिना सोचे मुर्गी की बात को मान लिया। वे मुर्गी की ज़िंदगी ही जीता रहा। सोचने की क्षमता न होने के कारन वे अपनी बिरासत को खो बैठा।

 

 

दोस्तों हमारे साथ भी कुछ ऐसाही होता है। हम कुछ नया करने की सोचते है, तो हमारे आसपास के लोग हमे रोकने के लिए आ जाते है और कहते है की हम ऐसा नहीं कर सकते। वे ऐसा इसलिए कहते है क्युकी वे नहीं कर पाए इसलिए हम भी नहीं कर पाएंगे। इसी बजह से लोग आगे नहीं बढ़ पाते है, कुछ नया नहीं कर पाते है।

 

दोस्तों लोगो की बात मत सुनो की आप क्या हो ओर क्या नहीं। आप एक बाज का बच्चा होते हुए भी खुद को मुर्गी समझने की भूल मत कीजे। वे करो जो आपका दिल चाहे।

 

 

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